बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने भारतीय मीडिया के पक्ष में बुलंद की आवाज

भारतीय मीडिया के पक्ष में भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अपनी आवाज बुलंद की है। दरअसल ऑस्ट्रेलिया की संसद ने करीब तीन सप्ताह पहले एक कानून पारित किया था, जिसके तहत डिजिटल कंपनियों को अब खबरें दिखाने के लिए भुगतान करना होगा।

इस समझौते की घोषणा फेसबुक और ‘न्यूज कॉर्प’ ने की थी। न्यूयॉर्क स्थित ‘न्यूज कॉर्प’ विशेष तौर पर अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में समाचार देता है। अब बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने भी अपने ट्विटर अकाउंट पर लगातार तीन ट्वीट करते हुए भारतीय मीडिया के लिए अपनी आवाज बुलंद की है। 

सुशील मोदी ने लिखा, हमारे देश का प्रिंट मीडिया/ न्यूज TV चैनल समाचार संकलन करने से लेकर तथ्यपरक सच्चाई के लिए एक बड़े संस्थागत स्वरूप में  विविध विधा के कर्मियों के साथ अरबों रुपये खर्च कर हमें समाचार प्रदान करता है। इनकी आमदनी का मुख्य स्रोत विज्ञापन है।

उन्होंने आगे लिखा कि यूट्यूब, फेसबुक, गूगल परंपरागत मीडिया द्वारा तैयार कंटेंट को अपने प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कर विज्ञापन के माध्यम से पैसा कमा रहे हैं, जिससे मूल कंटेंट निर्माता परंपरागत मीडिया विज्ञापन की आय से वंचित हो रहे हैं।

अपनी अंतिम ट्वीट में उन्होंने भारत सरकार के सहयोग की मांग की है। उन्होंने लिखा कि ऑस्ट्रेलिया सरकार की तरह “News Media Bargaining Code” के समान कानून बनाकर गूगल आदि OTT प्लेटफॉर्म को विज्ञापन रेवेन्यू शेयरिंग के लिए बाध्य किया जाना चाहिए ताकि देश के मीडिया को आर्थिक रुप से कोई नुकसान नहीं हो।