~दिलीप सी मंडल
दिल्ली । तुर्की की जनता ने खलीफा को हटाया, आप खिलाफत के लिए खड़े हो गए. इराकी शासन ने सद्दाम हुसैन को फांसी दी. आप खड़े हो गए. गाजा में हमास और इजराइल में पंगा हुआ, आप खड़े हो गए. अब ईरान पर खड़े हो गए. सीरिया में शिया-सुन्नी लड़े. आप खड़े हो गए. सूडान के मसले पर खड़े हो गए. म्यामार में अलग देश मांगने वाल रोहंगिया के पक्ष में खड़े हो गए.
प्रिय भारत के वामपंथियों, आप थक गए होंगे. प्लीज बैठ कर गुस्सा कीजिए.
वैसे अब शिया ईरान के मिसाइल अरब सुन्नी देशों पर गिर रहे हैं, आप खड़े हैं, ये तो दिख रहा है. पर शिया के पक्ष में खड़े हैं या सुन्नी के? या दोनों के पक्ष में खड़े हैं. या दोनों के विरोध में खड़े हैं.



