अराजक और असभ्य राहुल को संभालने में सबस्टेंटिव मोशन ला कर भाजपा ने अब सही स्टैंड लिया है

66e4205c5b99e-rahul-gandhi-132202699-16x9.jpg.webp

दयानंद पांडेय

लखनऊ : अराजक और असभ्य राहुल गांधी को सबक़ सिखाने के लिए भाजपा ने अब सही स्टैंड लिया है l भाजपा ने लगातार ढील दे कर राहुल गांधी को भस्मासुर बना दिया है l लेकिन आज लोकसभा में सबस्टेंटिव मोशन पेश कर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बड़ा काम किया है l संसदीय राजनीति का जो पतन और पराभव राहुल गांधी के मार्फ़त देश ने देखा है , अति हो गई है l बर्दाश्त से बाहर हो गया है l इस अराजक और असभ्य राहुल गांधी की लोक सभा से सदस्यता छीन लेना बहुत ज़रूरी हो गया है l भविष्य में भी चुनाव न लड़े , यह भी l क्यों कि हर सत्र में संसद को गली के गुंडे की तरह हाईजैक करने वाले राहुल गांधी को संसदीय राजनीति से विदा करना भारतीय लोकतंत्र के हित में है l

यह काम बहुत पहले होना चाहिए था l

दिलचस्प यह कि रोज़ बंदर की तरह इस डाल से उस डाल कूदने वाले राहुल गांधी ने आज फिर गोल बदल लिया l नरवड़े की किताब के बाद , ट्रंप की टैरिफ़ के आगे मोदी का सरेंडर , देश बेच दिया और अब आज शाम घर पहुंचते ही किसान आंदोलन की डाल पर कूद गया यह बंदर l हताशा इतनी बढ़ गई कि मीडिया के सवाल पर आज मीडिया को भाजपाई बता दिया l बौखलाहट की पराकाष्ठा आज देखने लायक़ थी l घर पहुंचते ही , किसान आंदोलन के बाबत वीडियो बना कर रिलीज कर दिया l कहा कि किसानों के लिए लड़ता रहूंगा l

तो अब क्या होगा नरवड़े की किताब का ? क्या होगा मोदी द्वारा ट्रंप के हाथ देश बेच देने की लड़ाई का ?कौन लड़ेगा यह मोर्चे ? क्या पता कल परसों कोई और लड़ाई सामने आ जाए l किसान भी भूल जाए !

कुछ भी हो सकता है l मंकी एफ़र्ट का आनंद ही कुछ और है l जबरिया गले लगना , आंख मारना आदि पुरानी बात हो गई l किसी नई परिघटना का आनंद लेने के लिए प्रतीक्षा कीजिए l

मदारी का बंदर क्या मजा देगा , जो कांग्रेस द्वारा प्रस्तुत संसद का यह बंदर देता रहता है l जाने क्या खा कर सोनिया गांधी ने इसे पैदा किया है l

सोचिए कि यह राहुल गांधी कल संसद में बजट के विरोध में भाषण देने के लिए खड़ा हुआ l दुनिया भर की बात की l पर बजट पर एक बात नहीं की l यह एक वाक्य भी नहीं बोल पाया कि मैं इस बजट का विरोध करता हूं l मार्शल आर्ट , ट्रंप आदि जाने क्या-क्या l पर बजट की बिजली नहीं जली l

संसद से बाहर निकला तो मीडिया से बात कर रहे रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव और राज्य मंत्री जोशी के साथ लपक कर खड़ा हो गया l यह दोनों लोग बिदक कर जाने लगे तो हाथ पकड़ कर खींचने लगा l कहने लगा मिल कर बात करते हैं l वह लोग इसे हिक़ारत से देखते हुए चले गए l रुके नहीं l राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष बना कर कांग्रेस ने बंदर के हाथ में उस्तरा थमा दिया l संसद इस के लिए वह अदरक है , जिस का स्वाद नहीं जानता यह l पीठासीन अधिकारी क्रमश: जगदंबिका पाल और संध्या राय ने जिस तरह इस राहुल गांधी की हेकड़ी तार-तार की है , इसे डाँट-डपट कर नर्सरी क्लास के बच्चे की तरह ट्रीट किया है , वह खेल नहीं था l सोचिए कि संध्या राय दूसरी बार की सांसद हैं l और उम्र में भी कम हैं l और यह नेता प्रतिपक्ष हो कर भी उन से दब रहा है तो सिर्फ़ इस लिए कि संध्या राय संसदीय परंपरा और गरिमा इस से ज़्यादा जानती हैं l बेहतर जानती हैं l और यह शून्य है l दरिद्र है l

एक अंतिम बात यह कि सबस्टेंटिव मोशन मातलब भस्मासुर का हाथ, भस्मासुर के सिर रखवाने की रणनीति है यह l एक तीर से अनेक निशाने l समझ लीजिए कि राहुल गांधी की अराजकता और असभ्यता का पानी देश ही नहीं , भाजपा और मोदी की नाक से भी ऊपर चला गया है l यह सबस्टेंटिव मोशन कोई रूटीन मोशन नहीं है l मरो या मार दो का मोड़ है यह l

इस सबस्टेंटिव मोशन के लोकसभा में पारित होने पर राहुल गांधी जेल नहीं जाएगा l बस लोकसभा की सदस्यता जाएगी और फिर कभी चुनाव नहीं लड़ सकेगा l पूरी तरह बधिया !

जनता की सहानुभूति भी पाने लायक़ नहीं रह पाएगा l

Share this post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

scroll to top