अनीता चौधरी
दिल्ली । पाकिस्तान अधिकृत बलूचिस्तान के लोग ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों को पत्र लिख कर कहा है कि हम सूचित करना चाहते हैं कि पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित प्रस्ताव संख्या 2788 (2025) को अपनाना संयुक्त राष्ट्र की एक कूटनीतिक चाल, पाखंड और पाकिस्तान द्वारा बलूचिस्तान के वास्तविक मुद्दों को कमज़ोर करने का एक प्रयास है।
बलूचों ने अपने पत्र में कहा है कि हम संयुक्त राष्ट्र से आग्रह करते हैं कि वह पाकिस्तान के दोगलेपन पर तत्काल ध्यान दे। एक ओर, पाकिस्तान शांति की बात करता है और क्षेत्रीय विवादों को बिना संघर्ष के सुलझाने का दिखावा करता है, वहीं दूसरी ओर, वह बलूचिस्तान में लगातार सैन्य अभियान चला रहा है। बंदूक की नोक पर किए गए इस गैरकानूनी कब्जे के परिणामस्वरूप इस पूरे क्षेत्र में गंभीर मानवीय पीड़ा और व्यापक अस्थिरता पैदा हुई है।इसलिए हम संयुक्त राष्ट्र, UNSC और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आह्वान करते हैं कि वे बलूचिस्तान को औपचारिक रूप से एक अधिकृत क्षेत्र के रूप में मान्यता दें और पाकिस्तान को बलूचिस्तान के हवाई क्षेत्र, भूमि और समुद्री सीमाओं को खाली करने के लिए मजबूर करने हेतु निर्णायक कदम उठाएँ, जिससे बलूच लोगों की शांति, स्थिरता और संप्रभुता बहाल हो सके। पत्र में उन्होंने आगे लिखा गई कि हम दृढ़तापूर्वक अपनी मांग दोहराते हैं कि या तो पाकिस्तान शांतिपूर्ण तरीके से बलूचिस्तान से अपनी सेना वापस बुलाए या अंजाम भुगतने को तैयार रहे ।