दिल्ली। डोनाल्ड ट्रंप ने “I don’t want to destroy his political career” (मैं उनका राजनीतिक करियर तबाह नहीं करना चाहता) वाला वाक्य कहा था, लेकिन इसका संदर्भ वह नहीं है जो सोशल मीडिया पर बताया जा रहा है।
बयान का असली संदर्भ (Context)
यह बयान अक्टूबर 2025 (और हाल ही में फरवरी 2026 की ट्रेड डील चर्चाओं के दौरान) के दौरान आया था। ट्रंप भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर बात कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि:
• पीएम मोदी ने उनसे रूस से तेल न खरीदने का वादा किया है।
• ट्रंप ने आगे कहा कि मोदी उनके *बहुत अच्छे दोस्त* हैं और वह नहीं चाहते कि वह (मोदी) अपनी जनता के सामने किसी मुश्किल में पड़ें या उनका करियर खराब हो।
• मतलब साफ़ था कि ट्रंप यह जताना चाह रहे थे कि वे मोदी के साथ अपनी दोस्ती के कारण उन पर बहुत ज़्यादा दबाव नहीं बनाना चाहते, न कि उनके पास कोई *सीक्रेट फाइल* है जिससे वे करियर खत्म कर सकें।
*सीक्रेट फाइल* का दावा और
सोशल मीडिया पोस्ट में *कौन सी फाइल है?* जैसे सवाल सिर्फ सनसनी फैलाने के लिए जोड़े गए हैं।
ट्रंप या किसी भी आधिकारिक अमेरिकी सूत्र ने कभी किसी ऐसी *फाइल* का जिक्र नहीं किया है। जिसका जिक्र कांग्रेस आई टी सेल के लोग अपने सोशल मीडिया पर कर रहे हैं।
ट्रंप अक्सर अपनी बातों में अतिशयोक्ति (Exaggeration) और नाटकीयता का इस्तेमाल करते हैं, यह बयान भी उसी शैली का हिस्सा था।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
जब ट्रंप ने यह बयान पहली बार दिया था, तब भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) और सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि भारत की ऊर्जा नीति राष्ट्रीय हितों पर आधारित है। साथ ही, अभी हाल ही में (फरवरी 2026) दोनों देशों के बीच एक व्यापारिक समझौता (Trade Deal) हुआ है, जिसमें शुल्कों (Tariffs) को कम किया गया है।
दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को *पक्का दोस्त* बताया है, जो किसी भी *दुश्मनी* या *फाइल* वाले दावे को खारिज करता है।
कई कांग्रेसी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया अकाउंट का यह दावा कि ट्रंप के पास मोदी को तबाह करने वाली कोई फाइल है, पूरी तरह निराधार है।
ट्रंप का बयान उनकी विशिष्ट बात करने की शैली (Bragging style) का हिस्सा था, जिसमें उन्होंने दोस्ती का हवाला देते हुए खुद को एक उदार नेता दिखाने की कोशिश की थी।
उसे फिर से इन दिनों वायरल करना तथ्य से परे कांग्रेसी प्रोपगेंडा का हिस्सा ही जान पड़ता है।



