दिल्ली। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। पहली बार, सीआईएसएफ ने एक ऑल-वुमन कमांडो टीम गठित की है, जिसकी ट्रेनिंग मध्य प्रदेश के बरवाहा स्थित क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र में शुरू हो चुकी है। इस आठ सप्ताह के गहन कमांडो प्रशिक्षण में 100 महिला कर्मियों को शामिल किया गया है, जो वर्तमान में देशभर के हवाई अड्डों पर विमानन सुरक्षा समूह (एएसजी) का हिस्सा हैं।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शारीरिक फिटनेस, हथियार प्रशिक्षण, तनावपूर्ण परिस्थितियों में लाइव-फायर ड्रिल, रैपलिंग, जंगल में जीवित रहने के कौशल और 48 घंटे की आत्मविश्वास-निर्माण गतिविधियों पर केंद्रित है। पहला बैच, जिसमें 30 महिलाएं शामिल हैं, 11 अगस्त से 4 अक्टूबर तक प्रशिक्षण ले रहा है, जबकि दूसरा बैच 6 अक्टूबर से शुरू होगा। ये कमांडो क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) में तैनात होंगी, जो हवाई अड्डों और अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी।
सीआईएसएफ में वर्तमान में 12,491 महिला कर्मी हैं, जो कुल बल का 8% हैं। गृह मंत्रालय के 10% प्रतिनिधित्व लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 2026 में 2,400 और महिलाओं की भर्ती की जाएगी। यह पहल न केवल लैंगिक समानता को बढ़ावा देती है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करती है।