एक आंदोलन है, एडिटर्स क्लब ऑफ इंडिया अमिताभ अग्निहोत्री

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नोएडा। एडिटर्स क्लब ऑफ इंडिया न केवल एक संगठन है, बल्कि एक मिशन है – एक आंदोलन है, जो मीडिया के सर्वोत्तम मानकों को फिर से स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। इस क्लब का हिस्सा होना केवल सम्मान की बात नहीं है, यह एक गहरी जिम्मेदारी है। और हम यह जिम्मेदारी पूरी सच्चाई और समर्पण के साथ निभाएंगे।

पत्रकारिता का इतिहास हमेशा संघर्ष और सत्य की खोज का इतिहास रहा है। आज के समय में जब हर तरह की चुनौती सामने है – चाहे वह राजनीति का दबाव हो, समाज की बढ़ती बुराइयाँ हों, या फिर बदलते हुए मीडिया परिदृश्य की जटिलताएँ – हम संपादकों को अपनी भूमिका को और भी सशक्त बनाने की आवश्यकता है। हमें यह समझने की जरूरत है कि पत्रकारिता सिर्फ एक पेशा नहीं है, यह समाज को सही दिशा देने और उसकी समस्याओं को उजागर करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

एडिटर्स क्लब ऑफ़ इंडिया का उद्देश्य यही है कि हम अपने सामूहिक प्रयासों से पत्रकारिता को न सिर्फ बचाएं, बल्कि उसे एक नए आयाम तक पहुंचाएं। हम न केवल सत्य बोलने की कोशिश करेंगे, बल्कि उस सत्य को जोर-शोर से और पूरी ताकत से प्रस्तुत करेंगे, जिसे समाज की नज़र से छुपा दिया जाता है। हम समाज के हर वर्ग की आवाज़ बनेंगे, उन मुद्दों पर काम करेंगे जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, और सबसे बढ़कर, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि पत्रकारिता का यह शंखनाद कभी रुके नहीं, कभी थमे नहीं।

हमारा संगठन एक मंच के रूप में कार्य करेगा, जहां देशभर के संपादक और पत्रकार आपस में विचार-विमर्श करेंगे, एक-दूसरे से सीखेंगे और सबसे बढ़कर, एक-दूसरे को सशक्त बनाएंगे। यह क्लब केवल एक नेटवर्क नहीं है, बल्कि यह एक परिवार है, जो पत्रकारिता की रक्षा करने के लिए एकजुट है। हम एक ऐसी पत्रकारिता की दिशा में काम करेंगे, जो समाज के हर तबके के लिए न्यायपूर्ण हो, जो अपने मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध हो, और जो मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को सर्वोपरि रखे।

हमारा रास्ता कठिन हो सकता है, और हम पर कई बार दबाव डाला जाएगा, लेकिन हम यह कभी नहीं भूलेंगे कि हम जिस रास्ते पर चल रहे हैं, वह सत्य का मार्ग है। हमें यह याद रखना होगा कि कोई भी सच्चाई जितनी कठिन होती है, वह उतनी ही शक्तिशाली भी होती है। हम सब मिलकर इसे साबित करेंगे।

हमारे क्लब का उद्देश्य केवल पत्रकारिता के सशक्तिकरण तक सीमित नहीं है। हम चाहते हैं कि हर संपादक को अपनी शक्ति का अहसास हो, और वह अपने प्रभाव से समाज की दिशा को बदलने की ताकत रखता हो। जब हम एकजुट होंगे, तब हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं, क्योंकि यह क्लब सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि एक सोच, एक आंदोलन है।

आइए, हम सब मिलकर पत्रकारिता को एक नई दिशा दें और एक ऐसी मीडिया का निर्माण करें जो न केवल समाज को जागरूक करे, बल्कि उसे सशक्त भी बनाए।
(लेखक एडिटर्स क्लब ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष हैं)

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