हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सरकार ने इसे “राष्ट्रीय सुरक्षा” के आधार पर ब्लॉक कर दिया था, जिसके खिलाफ संजय शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। चैनल के लिए इंडि अलायंस से जुड़े दलों जैसे समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का खुला समर्थन देखा जाता है। कपिल सिब्बल जैसे बड़े वकीलों का साथ भी इस मक्कार और अफवाहबाज चैनल को हासिल है, जिससे चैनल पर ‘झूठ’ फैलाने में बेफिक्री दिखती है।
ताजा विवाद आशुतोष महाराज से जुड़ा है। संजय शर्मा ने अपने कंटेंट में शामली के एक योगी आशुतोष (या योगी आशुतोष जी महाराज) की जगह दिव्य ज्योति जागृति संस्थान (DJJS) के संस्थापक दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की तस्वीर जानबूझकर इस्तेमाल की। दोनों व्यक्तियों में नाम की समानता है, लेकिन दोनों अलग-अलग हैं।

श्री आशुतोष महाराज जी DJJS के संस्थापक और प्रमुख हैं, जो ब्रह्म ज्ञान और विश्व शांति के संदेश पर काम करते हैं। उनकी संस्था 1991 से सक्रिय है और दुनिया भर में शाखाएं हैं। 2014 में उन्हें क्लिनिकली डेड घोषित किया गया था, लेकिन शिष्य उन्हें गहरी समाधि में मानते हैं।
दूसरी ओर, शामली से जुड़े योगी आशुतोष एक अलग व्यक्ति हैं, जिनका संदर्भ स्थानीय गतिविधियों में आता है।
यह गलती (या जानबूझकर भ्रम) गंभीर है, क्योंकि इससे आध्यात्मिक गुरु की छवि को नुकसान पहुंचा है। अगर संजय शर्मा को दोनों के बीच फर्क नहीं पता, तो उनके समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के ‘कथित प्रवक्ता’ होने पर सवाल उठता है। पत्रकारिता तो वे करते नहीं। कम से कम अपने झूठ को बीजेपी और आरएसएस तक ही सीमित रख सकते थे लेकिन अब वे सन्यासियों लेकर झूठ फैलाने की नीचता तक उतर आए हैं।
झूठ और गलत सूचना फैलाने की संजय शर्मा को अपनी यह आदत अब बंद कर देनी चाहिए। फोर पीएम जैसे चैनल समाज में भ्रम फैलाते हैं। सच्चाई की जांच जरूरी है।



