गोष्ठी :सबको साथ लेकर चलने की भावना जरूरी: स्वांत रंजन

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लखनऊ। राष्ट्रधर्म के कार्यालय में आयोजित विशिष्ट गोष्ठी में नगर के प्रतिष्ठित बुद्धिजीवी उपस्थित हुए। गोष्ठी में यूजीसी के विवादित प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गयी। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने कहा कि इस मामले में जो सतर्कता की जानी चाहिए थी वह नहीं की गयी। इसको लेकर सतर्क रहने की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि समाज में सबको साथ लेकर चलने की भावना जरूरी है। शिक्षण संस्थानों में दण्डात्मक नहीं, सुधारात्मक प्रावधान होने चाहिये। राष्ट्रधर्म के निदेशक मनोजकांत ने कहा कि जिस बहस से समाज की आत्मीयता प्रभावित हो उससे बचने की आवश्यकता है। केवल कानून बनाने से काम नहीं चलेगा। संवेदना होने की भी आवश्यकता है।

लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के डॉ. सौरभ मालवीय ने विषय पर चर्चा करते हुए अपनी बात विस्तार से रखी। राष्ट्रधर्म के प्रभारी निदेशक सर्वेश चन्द्र द्विवेदी ने यूजीसी के विवादास्पद संवैधानिक पक्षों को स्पष्टता से सबके सामने रखा। उन्होंने कहा कि समाज को जागरूक और संगठित करने की आवश्यकता है। यही बात देश के लिए हितकारी होगी।
अमित कुमार मल्ल ने कहा कि अलग-अलग वर्गों के लिए विशेष प्रावधानों से समाज में मुश्किल बढ़ेगी। शोध छात्र आलोक त्रिपाठी ने कहा कि इससे यह संदेश गया है यह राजनीतिक पूर्वाग्रह से ग्रस्त निर्णय है। ओमप्रकाश, हरमेश चौहान, कुमार अशोक पांडेय, के.के. वत्स, संजय उपाध्याय, जयव्रत राय, राजीव द्विवेदी, सुनील अग्रवाल, डॉ. राजीव सागर ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

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