कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन और राष्ट्रगीत के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. विनोद के. शर्मा ने कहा “विकसित भारत @2047 का सपना केवल एक सरकारी लक्ष्य नहीं, बल्कि हर युवा का संकल्प होना चाहिए। युवा ही वह शक्ति हैं जो भारत को वैश्विक पटल पर शीर्ष स्थान दिला सकते हैं।”
प्रो. वी.एस. नेगी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपने गौरवशाली इतिहास से सीख लेकर ‘राष्ट्र प्रथम’ के भाव के साथ कार्य करना चाहिए। वहीं, युवा मामले विभाग के उप निदेशक उदयबीर सिंह ने मंत्रालय की इस पहल को लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने वाला बताया।
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. पूनम कुमरिया ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, “इस मंच का उद्देश्य युवाओं को एक ऐसी शक्ति प्रदान करना है जहाँ वे न केवल विचार साझा करें, बल्कि भारत के भविष्य की रूपरेखा तैयार करने में प्रभावी नेतृत्व भी करें।”

विशिष्ट अतिथि नरेन्द्र कुमार बिश्नोई ने भी युवाओं में उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने पर बल दिया।
कार्यक्रम की संयोजिका एवं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रोशनी देवी ने बताया कि इस जिला स्तरीय राउंड का मुख्य विषय ‘आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक’ था। प्रतिभागियों ने इस विषय पर ऐतिहासिक तथ्यों और भविष्य की चुनौतियों को केंद्र में रखकर अपनी बात रखी।
कार्यक्रम के निर्णायक मंडल ने 91 प्रतिभागियों में से सर्वश्रेष्ठ 5 युवाओं का चयन किया। ये विजेता अब आगामी राज्य स्तरीय और तदुपरांत राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली युवा संसद में अपनी बात रखेंगें।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए और राष्ट्रगान के साथ सभा का समापन हुआ।



