पटना। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 14 दिसंबर 2025 को एक ऐतिहासिक फैसला लिया, जब बिहार सरकार के मंत्री और पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से पांच बार के विधायक नितिन नवीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति न केवल पार्टी में युवा नेतृत्व की नई लहर का संकेत है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भाजपा में कोई भी समर्पित कार्यकर्ता शीर्ष पद तक पहुंच सकता है। 45 वर्षीय नितिन नवीन अब देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के सबसे युवा कार्यकारी अध्यक्ष हैं। उनकी इस नियुक्ति ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है और हर तरफ चर्चा है कि भाजपा की संगठनात्मक ताकत का राज क्या है।प्रारंभिक जीवन और राजनीति में प्रवेशनितिन नवीन का जन्म पटना में एक राजनीतिक परिवार में हुआ। उनके पिता स्वर्गीय नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक थे। 2006 में पिता के निधन के बाद मात्र 26 वर्ष की आयु में नितिन नवीन ने राजनीति में कदम रखा। बांकीपुर (तब पटना पश्चिम) सीट से उपचुनाव में उन्होंने जीत हासिल की और तब से लगातार 2010, 2015, 2020 और 2025 के चुनावों में इस सीट को जीतते आ रहे हैं। यह उनके जमीनी जुड़ाव और जनता के बीच लोकप्रियता का प्रमाण है।शुरुआत से ही नितिन नवीन ने खुद को एक मेहनती कार्यकर्ता के रूप में स्थापित किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से छात्र राजनीति की शुरुआत करने वाले नितिन ने भाजपा युवा मोर्चा (भाजयुमो) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वे बिहार भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने युवाओं को पार्टी से जोड़ने में अहम योगदान दिया।संगठनात्मक अनुभव और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियांनितिन नवीन की राजनीतिक यात्रा संगठन की मजबूती पर टिकी है। उन्होंने सिक्किम और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में चुनाव प्रभारी के रूप में काम किया। विशेष रूप से 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा की निर्णायक जीत में उनकी भूमिका सराहनीय रही। बिहार में भी वे पार्टी के शहरी और बूथ स्तर के संगठन को मजबूत करने में सक्रिय रहे।बिहार सरकार में वे पथ निर्माण मंत्री के रूप में कार्यरत हैं और पहले कानून मंत्रालय भी संभाला है। प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ उनकी सादगी और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद उन्हें अलग बनाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी नियुक्ति पर कहा कि नितिन नवीन एक समर्पित कार्यकर्ता हैं, जिनकी ऊर्जा और निष्ठा पार्टी को नई मजबूती देगी। गृह मंत्री अमित शाह ने भी इसे युवा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा बताया।वह वायरल तस्वीर: विनम्रता का प्रतीकनितिन नवीन की एक पुरानी तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इस तस्वीर में वे ट्रेन यात्रा के दौरान खड़े हैं, जबकि उनके पीछे बैठे हैं वरिष्ठ नेता स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंद किशोर यादव। नितिन नवीन उन दोनों के साथ सेल्फी ले रहे हैं।

यह तस्वीर उनकी शुरुआती दिनों की है, जब वे एक युवा कार्यकर्ता थे। यह दर्शाती है कि नितिन नवीन ने कभी पद की गरिमा नहीं देखी, बल्कि वरिष्ठों का सम्मान और पार्टी की सेवा को प्राथमिकता दी। ऐसी विनम्रता ही उन्हें आज इस मुकाम तक ले आई है। यह तस्वीर भाजपा की उस संस्कृति का प्रतीक है, जहां कार्यकर्ता की मेहनत को सम्मान मिलता है।भाजपा की नीति: सामान्य कार्यकर्ता को शीर्ष पद देने की परंपराभाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसकी संगठनात्मक संरचना है। पार्टी की नीति रही है कि कोई भी सामान्य कार्यकर्ता, यदि समर्पित और मेहनती है, तो वह शीर्ष पद तक पहुंच सकता है। नितिन नवीन इसका जीता-जागता उदाहरण हैं। वे न तो किसी बड़े राजवंश से हैं, न ही दिल्ली के पावर सर्कल से, बल्कि जमीनी स्तर से उठकर आए हैं।पार्टी के इतिहास में देखें तो जनसंघ के समय से ही यह परंपरा चली आ रही है। लाल कृष्ण आडवाणी, अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर नरेंद्र मोदी और अमित शाह तक – सभी ने कार्यकर्ता के रूप में शुरुआत की। जेपी नड्डा भी कार्यकारी अध्यक्ष से पूर्ण अध्यक्ष बने थे। अब नितिन नवीन की नियुक्ति इस परंपरा को आगे बढ़ा रही है। यह संदेश देती है कि भाजपा में जाति, क्षेत्र या परिवारवाद नहीं, बल्कि कार्य और निष्ठा मायने रखती है।यह नीति पार्टी को युवा और ऊर्जावान बनाती है।
नितिन नवीन की नियुक्ति से पार्टी में नई पीढ़ी को प्रोत्साहन मिलेगा। बिहार जैसे राज्य से एक युवा नेता का उदय पार्टी की राष्ट्रीय छवि को भी मजबूत करता है।निष्कर्ष: नई ऊर्जा और मजबूत भाजपा का भविष्यनितिन नवीन की नियुक्ति भाजपा के लिए एक नया अध्याय है। उनकी युवा ऊर्जा, संगठनात्मक कुशलता और प्रशासनिक अनुभव पार्टी को आगामी चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे। यह साबित करता है कि भाजपा एक जीवंत संगठन है, जहां सामान्य कार्यकर्ता भी असाधारण ऊंचाइयों को छू सकता है। नितिन नवीन की यात्रा लाखों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा है और भाजपा की उस नीति की तारीफ का विषय है, जो मेहनत को सर्वोच्च सम्मान देती है।भविष्य में नितिन नवीन के नेतृत्व में भाजपा और मजबूत होगी, यह निश्चित है। उनकी विनम्रता और समर्पण पार्टी की विचारधारा को नई पीढ़ी तक पहुंचाएगा।



