राणा यशवंत का इस्तीफा: न्यूज़ इंडिया 24×7 में उठा तूफान

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नोएडा। हिंदी न्यूज़ चैनलों के बीच प्रतिस्पर्धा और आर्थिक दबाव के दौर में एक और घटना ने पत्रकारिता जगत को हिला दिया है। वरिष्ठ पत्रकार और न्यूज़ इंडिया 24×7 के सीईओ एवं एडिटर-इन-चीफ राणा यशवंत ने चैनल से इस्तीफा दे दिया। यह फैसला चैनल के चेयरमैन शैलेंद्र शर्मा के साथ हुए विवाद और एक वायरल वीडियो के बाद आया, जिसमें राणा यशवंत की सार्वजनिक बेइज्जती हुई दिखाई दे रही है। यह घटना टीवी पत्रकारिता में मालिकों और संपादकों के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करती है।

भर्ती विवाद और फर्जी दस्तावेजों का आरोप
राणा यशवंत ने दिसंबर 2025 में न्यूज़ इंडिया 24×7 में प्रमुख पद संभाला था। उन्होंने चैनल को मजबूत बनाने के लिए संपादकीय टीम में बड़े पैमाने पर भर्तियां कीं, जिसमें देश-विदेश से कई अनुभवी पत्रकार शामिल हुए। हालांकि, प्रबंधन का दावा है कि ये भर्तियां मैनेजमेंट की मंजूरी के बिना हुईं। चेयरमैन शैलेंद्र शर्मा ने जब इन कर्मचारियों के दस्तावेज जांचे तो कुछ को फर्जी पाया गया। प्रबंधन ने इन भर्तियों को अस्वीकार कर दिया और कहा कि बिना अप्रूवल के लिए सैलरी नहीं दी जाएगी।
राणा यशवंत का पक्ष अलग था। उन्होंने कहा कि भर्तियां योग्यता, अनुशासन और प्रतिभा के आधार पर हुईं। उन्होंने दस्तावेजों को मनमाने ढंग से खारिज करने को अस्वीकार किया और टीम के योगदान को मान्यता देने पर जोर दिया। उनके अनुसार, यह फैसला उनकी टीम के आत्मसम्मान और ईमानदारी से जुड़ा था।
वायरल वीडियो ने मचाया हड़कंप
घटना का सबसे विवादास्पद हिस्सा एक वीडियो है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इसमें चेयरमैन शैलेंद्र शर्मा न्यूज़रूम में पूरी टीम के सामने राणा यशवंत से कहते दिख रहे हैं कि बिना मंजूरी वाली भर्तियों की जिम्मेदारी राणा यशवंत की है। वे कहते हैं, “आप लोग जितने दिन से यहां हैं, उसके जिम्मेदार खुद हैं… संस्थान सैलरी नहीं देगा। सैलरी लेनी है तो राणा यशवंत से लें। मैंने किसी की जॉइनिंग नहीं कराई, राणा जी ने पर्सनल जॉइनिंग कराई है।”
वीडियो में पुलिस की मौजूदगी भी दिखाई देती है, जो माहौल की गंभीरता दर्शाती है। कई पत्रकारों ने इसे वरिष्ठ पत्रकार की अपमानजनक बेइज्जती बताया। एक वीडियो कमेंट में कहा गया कि ऐसे मालिकों से बचना चाहिए, जो चैनल को ब्लैकमेलिंग, वसूली या व्यक्तिगत अय्याशी के लिए इस्तेमाल करते हैं। सलाह दी गई कि बेहतर है खुद का यूट्यूब चैनल शुरू करें।
राणा यशवंत का इस्तीफा और फेसबुक पोस्ट
विवाद के बाद राणा यशवंत ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने फेसबुक पर लिखा कि न्यूज़ इंडिया से जुड़ना उनकी “भयंकर भूल” थी। वे बार-बार भरोसे और निवेदनों के चलते यह फैसला लिया, लेकिन अब स्वीकार करते हैं कि यह गलत था। उन्होंने टीम के लिए खड़े होने को अपना धर्म बताया और कहा कि रीढ़हीन व्यवहार उन्हें कभी पसंद नहीं। उन्होंने अनुशासन और प्रतिभा के सम्मान पर जोर दिया तथा सहयोगियों को ऐसे लोगों के हवाले न छोड़ने की बात कही।
टीवी पत्रकारिता में आर्थिक चुनौतियां
यह घटना हिंदी टीवी न्यूज़ के रेवेन्यू-ओरिएंटेड मॉडल की कमजोरियों को सामने लाती है। कई छोटे-मध्यम चैनल बिना ठोस बिजनेस प्लान के संपादकीय टीम बढ़ाते हैं, जिससे वित्तीय बोझ बढ़ता है। न्यूज़ इंडिया में भी संपादकीय भर्तियां तेज हुईं, लेकिन सेल्स, मार्केटिंग और रेवेन्यू मोर्चे पर सक्रियता कम रही। विशेषज्ञों का कहना है कि नए चैनल को पहले आर्थिक आधार मजबूत करना चाहिए, अन्यथा ऐसी स्थिति बनना लाजिमी है।
राणा यशवंत जैसे अनुभवी पत्रकार का इस्तीफा पत्रकारिता में आत्मसम्मान, जमीर और पेशेवर गरिमा की याद दिलाता है। यह घटना अन्य चैनलों के लिए सबक है कि मालिकों और संपादकों के बीच संतुलन जरूरी है, वरना पत्रकारिता का मूल उद्देश्य ही खतरे में पड़ जाता है।
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इस बीच अभी अभी पता चला है कि राणा यशवंत ने न्यूज़ इंडिया चैनल से इस्तीफ़ा दे दिया है। पढ़ें उन्होंने एफबी पर क्या लिखा है-

कभी-कभी आप जीवन में ग़लत फ़ैसला ले लेते हैं. इसमें आपका दोष बस इतना होता है कि आप बार-बार किए जानेवाले निवेदन और दिए जानेवाले भरोसे के चलते वह फैसला कर लेते हैं. न्यूज़ इंडिया के साथ जुड़ने का निर्णय मेरी भयंकर भूल रही, यह मैं स्वीकार करता हूँ.
मैंने जीवन में अनुशासन और प्रतिभा का सम्मान किया और ऐसा करता रहूँगा. जिन लोगों को हायर किया, वे सभी इन्हीं शर्तों को पूरा करते हैं. उनके डॉक्यूमेंट्स को मनमाने तरीके से नहीं मानना और उनके योगदान को रद्द करना- उनके अनुभव, पेशेवर क्षमता और ईमानदारी को ख़ारिज करना है. मेरे होते हुए यह संभव नहीं हो सकता. रीढहीन लोगों को मैंने कभी पसंद नहीं किया. ऐसे में अपने सहयोगियों को उनके हवाले कैसे छोड़ सकता हूँ? जीवन में आपके सामने ऐसी स्थिति किसी युद्ध की तरह होती है. स्वाभिमानी और सक्षम पेशेवर की तरह सच के लिए खड़ा होना फ़र्ज़ बनता है और धर्म भी. मैं वही कर रहा हूँ.

-राणा यशवंत

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