दयानंद पांडेय
लखनऊ । अविमुक्तेश्वरानंद और अखिलेश यादव दोनों ही योगी आदित्यनाथ को संत नहीं मानते l नकली संत बताते नहीं अघाते l अविमुक्तेश्वरानंद से लखऊ में आज मिलने के बाद अखिलेश यादव ने योगी के यह संत न होने वाली बात दुहराई भी l पोलिटिकली भी इन दिनों दोनों साथ हैं l दोनों का लक्ष्य भी इस समय एक है , योगी सरकार को उखाड़ फेकना l पर यह दोनों ही भूल जा रहे हैं कि योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर के महंत हैं l
योगी की पहचान यही है l
महंत और संत दोनों दो बात है l इस एक बात को यह दोनों ही नहीं जानते l यह भी कि महंत को कोई हटा नहीं सकता , जब तक महंत ख़ुद न चाहे l गोरखनाथ मंदिर में यही परंपरा है l अब के समय बहुत कम लोग जानते हैं कि महंत दिग्विजयनाथ की मृत्यु के बाद नौमीनाथ गोरखनाथ मंदिर के महंत बनाए गए थे l दिग्विजयनाथ के उत्तराधिकारी वही थे l पर प्रशासनिक और प्रबंधकीय मामलों में वह अपने को सक्षम नहीं पा रहे थे सो कुछ ही दिनों में उन्हों ने गोरखनाथ मंदिर के महंत की गद्दी ख़ुद ही छोड़ दी l और यह गद्दी अवैद्यनाथ को सौंप दी l
महंत अवैद्यनाथ ने अपने प्रशासनिक कौशल और दूरदर्शिता से गोरखनाथ मंदिर को न सिर्फ़ नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया बल्कि उस के सेवा के विस्तार को भी नया फ़लक दिया l गोरखनाथ मंदिर और उस के अन्य निकाय जितना महंत अवैद्यनाथ के समय में दिन दूना , रात चौगुना फूले-फले, महंत दिग्विजयनाथ के कार्यकाल में कभी सोचा भी नहीं गया l गोरखनाथ मंदिर का भव्य स्वरूप , स्कूल , कालेज , अस्पताल और अन्य सामाजिक काम महंत अवैद्यनाथ के समय में अकल्पनीय विस्तार पा गए l योगी आदित्यनाथ ने इस विस्तार को पंख दे दिया l स्वास्थ्य कारणों से महंत अवैद्यनाथ ने जीते जी आदित्यनाथ को गद्दी सौंप दी थी l
योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर ही नहीं , पहले पूरे गोरखपुर , फिर गोरखपुर से जुड़े तमाम इलाक़े, फिर पूर्वांचल और इस के विकास को उड़ान दिया l गगन दिया और अब मुख्य मंत्री बनने के बाद समूचे उत्तर प्रदेश के विकास को राकेट बना दिया है l उत्तर प्रदेश की क़ानून व्यवस्था अब पूरे देश में मिसाल बन कर उपस्थित है l योगी की अब तमन्ना देश के समूचे आकाश और धरती के विकास को गति दे कर राकेट बनाने की है l
ग़ौरतलब है कि महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवैद्यनाथ दोनों ही क्रमश: गोरखपुर के सांसद रहे थे l योगी आदित्यनाथ भी l महत्वपूर्ण यह भी है कि महंत दिग्विजयनाथ , महंत अवैद्यनाथ और महंत योगी आदित्यनाथ तीनों ही राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख स्तंभ हैं l अयोध्या में जब मूर्ति प्रकट हुई तब महंत दिग्विजयनाथ उपस्थित थे l राम मंदिर आंदोलन में महंत अवैद्यनाथ ज़मीनी तौर पर बहुत सक्रिय रहे l राम मंदिर निर्माण में महंत योगी आदित्यनाथ की भूमिका को दुनिया ने देखा है l
महंत योगी आदित्यनाथ के बारे में कोई कुछ भी कहे और अवधारणा रखे l योगी आदित्यनाथ की अपनी अवधारणा है कि गो और ब्राह्मण के रक्षा और संरक्षण बिना सनातन की कल्पना नहीं की जा सकती l महंत योगी आदित्यनाथ को जो लोग सिर्फ़ संत या नक़ली संत मान कर अपना माथा फोड़ रहे हैं, उन्हें अपना यह भ्रम दूर कर लेना चाहिए l साथ ही संत न छोड़े संतई . . . याद कर लेना चाहिए l वह संत और गोरखनाथ मंदिर जिस का अरबों रुपए का साम्राज्य है , उस का महंत कहता हो कि जो वस्त्र मेरी देह पर है , यही मेरी निजी संपत्ति है l और कुछ नहीं l



