दिल्ली । वित्त वर्ष 2025–26 में IFFCO ने अर्जित किया अब तक का सर्वाधिक लाभ एवं उत्कृष्ट समग्र प्रदर्शन।
रिकॉर्ड लाभ, सुदृढ़ उत्पादन एवं बिक्री वृद्धि से किसानों के प्रति प्रतिबद्धता और आत्मनिर्भर कृषि को मिला नया बल
नई दिल्ली, 1 अप्रैल, 2026: विश्व की अग्रणी सहकारी उर्वरक संस्था इफको ने वित्त वर्ष 2025–26 में अपने उत्कृष्ट वित्तीय एवं परिचालन प्रदर्शन की घोषणा की है। इस वर्ष इफको ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए ₹4,106 करोड़ से अधिक के अब तक के सर्वाधिक अनुमानित कर-पूर्व लाभ (PBT) का कीर्तिमान स्थापित किया है। साथ ही, पारंपरिक एवं नैनो उर्वरकों के उत्पादन एवं बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
“सहकार से समृद्धि” के अपने मूल मंत्र से प्रेरित होकर IFFCO नवाचार, सतत विकास और किसानों की निरंतर सेवा के माध्यम से भारत के कृषि तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में अग्रसर है। यह अभूतपूर्व लाभ न केवल इफको की वित्तीय सुदृढ़ता और परिचालन उत्कृष्टता को दर्शाता है, बल्कि यह किसानों के कल्याण एवं ग्रामीण समृद्धि में पुनर्निवेश के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।
सुदृढ़ एवं स्थिर उत्पादन प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान इफको ने 90.62 लाख मीट्रिक टन (एमटी) उर्वरकों का उत्पादन किया, जो इसकी उच्च परिचालन क्षमता को दर्शाता है। प्रमुख उपलब्धियाँ इस प्रकार हैं:
* 48.28 लाख एमटी यूरिया उत्पादन
* 42.34 लाख एमटी एनपीके, डीएपी, डब्ल्यूएसएफ एवं विशेष उर्वरक
* फूलपुर, आंवला एवं पारादीप इकाइयों में रिकॉर्ड उत्पादन
* पारादीप में बेहतर बंदरगाह संचालन सहित लॉजिस्टिक्स दक्षता में वृद्धि
यह मजबूत उत्पादन आधार वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद किसानों को उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहायक रहा।
मजबूत बिक्री प्रदर्शन
इफको ने वित्त वर्ष 2025–26 में 119.68 लाख एमटी उर्वरकों का कुल प्रेषण किया, जो देशभर में इसकी सुदृढ़ वितरण प्रणाली और बढ़ती मांग को दर्शाता है।
इसके अतिरिक्त:
* नैनो उर्वरकों की बिक्री 301 लाख बोतलों से अधिक रही, जिसमें शामिल हैं:
* 221 लाख बोतल नैनो यूरिया प्लस लिक्विड
* 64.89 लाख से अधिक बोतल नैनो डीएपी लिक्विड
* नैनो जिंक एवं नैनो कॉपर की प्रथम वर्ष की उल्लेखनीय बिक्री
* पारंपरिक उर्वरकों की बिक्री भी 118.75 लाख एमटी पर मजबूत बनी रही
पारंपरिक एवं नैनो उर्वरकों में यह संतुलित वृद्धि उत्पादकता एवं स्थिरता के प्रति इफको की दोहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर
इफको अत्याधुनिक नैनो उर्वरकों, बायो-स्टिमुलेंट्स तथा उन्नत कृषि तकनीकों के माध्यम से भारतीय कृषि में परिवर्तन का नेतृत्व कर रहा है। ये प्रयास आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप हैं, जिससे आयात पर निर्भरता कम होती है तथा फसल उत्पादकता एवं मृदा स्वास्थ्य में सुधार होता है। इफको के इन प्रयासों का उद्देश्य है:
* मृदा पर रासायनिक भार को कम करना
* पोषक तत्वों की उपयोग दक्षता बढ़ाना
* टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना
किसानों एवं मृदा स्वास्थ्य के प्रति गहरी प्रतिबद्धता
इफको की सफलता का मूल उसके किसानों के प्रति समर्पण में निहित है, जो राष्ट्र की रीढ़ हैं। संस्था निरंतर निम्न प्राथमिकताओं पर कार्यरत है:
* किफायती इनपुट्स के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि
* संतुलित पोषण को बढ़ावा
* उर्वरकों के वैज्ञानिक एवं कुशल उपयोग हेतु जागरूकता
* भावी पीढ़ियों के लिए मृदा स्वास्थ्य का संरक्षण
इफको का दृष्टिकोण केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिम्मेदार विकास के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण समृद्धि को सुदृढ़ करने का संकल्प है।
इफको के अध्यक्ष, दिलीप संघाणी ने कहा:
“जैसे ही हम वित्त वर्ष 2026–27 में प्रवेश कर रहे हैं, हमें सहकारिता आधारित समग्र विकास, नवाचार और किसानों की उन्नति के साझा संकल्प के साथ आगे बढ़ना है। हमारी प्रत्येक उपलब्धि केवल व्यावसायिक सफलता नहीं, बल्कि किसानों की बेहतर सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम ‘सहकार से समृद्धि’ के अपने लक्ष्य को साकार कर रहे हैं।” उन्होंने किसानों से नैनो उर्वरकों को अपनाने तथा सहकारिता की शक्ति का लाभ उठाने का आह्वान भी किया।
उन्होंने आगे कहा की “मैं सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों से आह्वान करता हूँ कि वे उत्साह एवं उद्देश्य के साथ निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर रहें। सहकारिता के मूल्यों, विज्ञान की शक्ति और ‘सहकार से समृद्धि’ के मार्गदर्शन में हम सभी मिलकर प्रत्येक किसान और प्रत्येक सहकारी संस्था के लिए एक उज्ज्वल एवं समृद्ध भविष्य का निर्माण करें।”
इफको के प्रबंध निदेशक, के. जे. पटेल ने कहा: “मैं इफको परिवार के प्रत्येक सदस्य को पारंपरिक एवं नैनो उर्वरकों के उत्पादन एवं बिक्री में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ। वित्त वर्ष 2025–26 में हमारे संयुक्त उपक्रमों एवं सहयोगी संस्थाओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता, दृढ़ता और उत्कृष्टता की निरंतर खोज को दर्शाता है।”
एग्री 2.0 की ओर अग्रसर इफको
वित्त वर्ष 2026–27 में प्रवेश करते हुए इफको नवाचार के विस्तार, वैश्विक सहयोग को सुदृढ़ करने तथा भारत की कृषि मूल्य श्रृंखला को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सहकारिता, स्थिरता और किसान-प्रथम दृष्टिकोण पर आधारित स्पष्ट दृष्टि के साथ इफको आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध कृषि व्यवस्था के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।



