दिल्ली। आज, 29 जुलाई 2025 को, टाइम्स नाउ नवभारत पर एक तीखी बहस हुई, जिसमें एंकर विद्यानाथ झा और मौलाना साजिद रशीदी के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मुद्दा था सपा सांसद डिंपल यादव के खिलाफ रशीदी के विवादित बयान, जिसमें उन्होंने डिंपल यादव के मस्जिद में बैठने के तरीके पर आपत्ति जताई थी। झा ने रशीदी के बयान को misogynistic और divisive करार दिया, जिससे बहस गरमा गई। रशीदी ने अपने बयान का बचाव करते हुए इसे इस्लामी परंपराओं का हिस्सा बताया, लेकिन झा ने उन्हें सबूत पेश करने को कहा, जिस पर रशीदी ने जवाब दिया कि वे मीडिया ट्रायल में नहीं पड़ेंगे।
इसी मामले में चैनल की दो महिला एंकरों, ने रशीदी को घेरा। उन्होंने रशीदी के बयानों को महिलाओं के खिलाफ और सांप्रदायिक सौहार्द्र को बिगाड़ने वाला बताया। एक ने सवाल उठाया कि क्या रशीदी के बयान से महिलाओं की गरिमा को ठेस नहीं पहुंची, जबकि दूसरी महिला एंकर ने मांग की कि रशीदी को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। रशीदी ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वे सिर्फ धार्मिक मर्यादाओं की बात कर रहे हैं, लेकिन महिला एंकरों ने उनकी बात को खारिज किया और उन्हें तथ्यों के साथ जवाब देने को कहा।
बहस के दौरान, एनडीए और सपा के बीच तीखी टकराव की स्थिति बनी, जिसमें सपा को वोटबैंक की राजनीति का आरोप लगा। झा ने रशीदी को क्लास लगाते हुए कहा कि ऐसे बयान समाज में नफरत फैलाते हैं, जबकि रशीदी ने खुद को पीड़ित बताते हुए बहस छोड़ दी। इस घटना ने एक बार फिर मीडिया डिबेट्स में विवादित बयानों और उनके प्रभावों पर चर्चा को जिंदा कर दिया।