लखनऊ: प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश के ऐसे प्रथम मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने भगवा वस्त्र धारण कर सिंगापुर और जापान की सफल विदेश यात्रा की और सनातन की धर्म ध्वजा फहराकर एक नया कीर्तिमान स्थापित करने में सफल रहे। मुख्यमंत्री योगी सिंगापुर और जापान से प्रदेश के विकास के लिए अनेक निवेश प्रस्ताव लेकर आए हैं और कई समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए हैं, स्वाभाविक है इससे प्रदेश के विकास को एक नया बल मिलेगा।
गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी की पहली विदेश यात्रा जापान की थी और मुख्यमंत्री योगी भी अपनी विदेश यात्रा में सिंगापुर होते हुए जापान पहुंचे यानी कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अब प्रदेश के विकास को गति देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के पदचिह्नों का अनुगमन कर रहे हैं। दोनों ही देशों में मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में जय श्रीराम की गूंज रही, अयोध्या में दिव्य व भव्य राम मंदिर से लेकर काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के निर्माण का उल्लास सिंगापुर और जापान में भी दिखाई दिया। साथ ही मुख्यमंत्री सिंगापुर और जापान में जो बोल रहे थे उसका प्रभाव यूपी व देश की राजनीति पर भी दिखाई दे रहा था। योगी जी के वक्तव्यों पर वार पलटवार खूब हुए किंतु इन विदेश यात्राओं से यह तय हो गया कि अब यूपी का विकास थमने वाला नहीं है । पीडीए वाले हों या फिर बहुजन समाजवादी अब कोई भी यूपी में योगी जी को नहीं रोक सकता।
सिंगापुर व जापान के दौरे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 60 से अधिक संवाद कार्यक्रमों में भाग लिया और राज्य में निवेश को लेकर 500 से अधिक निवेशकों के साथ संपर्क करके निवेश का आमंत्रण दिया। योगी जी की यात्रा के दौरान 1.5लाख करोड़ रुपए के निवेश को लेकर विभिन्न कंपनियों के साथ समझौते हुए और 2.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश के प्रस्ताव राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल को मिले हैं। यह निवेश धरातल पर उतरने के बाद राज्य के पांच लाख युवाओं को कौशल विकास रोजगार के अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री की सिंगापुर और जापान यात्रा के दौरान सिंगापुर टोक्यो और यामानाशी में तीन बड़े निवेश रोड शो भी आयोजित किए गए । इनमें करीब 500 निवेशकों और वित्तीय संसाधनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जापान में मुख्यमंत्री योगी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि हम सूर्यपुत्र हैं ओैर हमें सूर्य जैसी रोशनी चाहिए। उन्होंने निवेशकों को बताया कि यूपी में अब कोई दंगा नहीं होता है, सब चंगा है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिनकी प्रवृत्ति डकैती की थी उन्होंने यूपी को अंधेरे में रखा। अंधेरे मे काम करने वालों को उजाला रास नहीं आता। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने प्रदेश को भय और भ्रष्टाचार से मुक्त कर उजाले की ओर अग्रसर किया है। उन्होंने बताया कि पहले जहां प्रदेश को दंगों और कर्फ्यू की खबरों से पहचाना जाता था वहीं अब दीपोत्सव, महाकुंभ और वैश्विक निवेश उसकी नई पहचान बन रहे हैं। अयोध्या में दीपोत्सव, काशी में देव दीपावली और मथुरा -वृन्दावन में रंगोत्सव सकारात्मक परिवर्तन के प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 156 करोड़ से अधिक पर्यटक आए।
निवेश और औद्योगिक साझेदारियों के साथ सिंगापुर और जापान का दौरा यूपी की सांस्कृतिक विरासत के प्रसार के लिए भी महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ है। अपनी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने प्रमुख नेताओं और कॉर्पोरेट जगत के प्रतिनिधियों और बच्चों को यूपी के पारंपरिक शिल्प से तैयार 500 से अधिक विशिष्ट स्मृति चिह्न भेंट कर प्रदेश की कारीगरी को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई। यह पहल वोकल फॉर लोकल तथा आत्मनिर्भर भारत की सोच को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का अहम हिस्सा रही। निवेश वार्ताओं के समानांतर सांस्कृतिक प्रतीकों के माध्यम से मुख्यमंत्री ने यह संदेश देने का भी प्रयास किया कि यूपी केवल निवेश का गंतव्य नहीं अपितु समृद्ध परंपरा और शिल्प कौशल की धरती भी है। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर और जापान के बच्चों के लिए मंडला आर्ट से बनी 300 कलाकृतियां तैयार करवाई थीं।
विदेशियों ने यूपी की बारीक शिल्पकला की खुले मन से प्रशंसा की। उपहारों में फिरोजाबाद के रंगीन कांच से बनी भगवान श्रीराम, शिव ,राधा -कृष्ण और बुद्ध की प्रतिमाएं विशेष आकर्षण का केंद्र रही। मुरादाबाद से ब्रास की शिव व बुद्ध प्रतिमाएं, वाराणसी की गुलाबी मीनाकरी से सुसज्जित काशी विश्वनाथ मंदिर का मॉडल, बुद्ध और मोर की कलाकृतियां तथा सहारनपुर की लकड़ी से तैयार शिव और राधा कृष्ण की प्रतिमाएं भेट कीं। इन उपहारों को पाकर बच्चों और निवेशकों के चेहरे खिल उठे। बनारस की मीनाकरी ने विदेशी प्रतिनिधियों को प्रभावित किया। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर की धरती से जेवर एयरपोर्ट का जल्द संचालन प्रारंभ होने की घोषणा की और बताया कि अब प्रदेश का विकास रुकने वाला नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने विदेशी दौरे में हिंदी भाषा में संवाद स्थापित कर सभी हिंदी प्रेमियों का भी दिल जीत लिया।
सिंगापुर और जापान दोनों ही देशों में मुख्यमंत्री योगी को अपने बीच देखकर भारतीय समुदाय में उत्साह छा गया और लगभग हर कार्यक्रम में “योगी -योगी“ और जयश्रीराम के नारे लगे। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को राज्य की औद्योगिक नीतियों, इन्फ्रास्ट्रक्चर और बड़े उपभेक्ता बाजार को निवेश के अनुकूल बताया। ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टरइलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, डाटा सेंटर, लाजिस्टिक, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में सहयोग की सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने यामानाशी में ग्रीन हाइड्रोजन के प्लांट का भी भ्रमण किया। उल्लेखनीय है कि गोरखपुर के खानीपुर गांव में प्रदेश का पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट आरंभ हो चुका है।
एक ओर जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर और जापान में उत्तर प्रदेश का झंडा गाड़ रहे थे वही दूसरी ओर प्रदेश के उपमुख्यंत्री केशव प्रसाद मौर्य जर्मनी में प्रदेश की ध्वजा लहरा रहे थे । उप मुख्यमंत्री भी प्रदेश के विकास के लिए निवेशकों को आकर्षित करने में सफल रहे। इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरते ही प्रदेश में आर्थिक बदलाव का अनुभव होगा।
एक ओर जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर और जापान में उत्तर प्रदेश का झंडा गाड़ रहे थे वही दूसरी ओर प्रदेश के उपमुख्यंत्री केशव प्रसाद मौर्य जर्मनी में प्रदेश की ध्वजा लहरा रहे थे । उप मुख्यमंत्री भी प्रदेश के विकास के लिए निवेशकों को आकर्षित करने में सफल रहे। इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरते ही प्रदेश में आर्थिक बदलाव का अनुभव होगा।



