5 जुलाई/पुण्य-तिथि हंसकर मृत्यु को अपनाने वाले अधीश जी

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अधीश जी अपने शरीर के प्रति प्रायः उदासीन रहते थे। दिन भर में अनेक लोग उनसे मिलने आते थे, अतः बार-बार चाय पीनी पड़ती थी। इससे उन्हें कभी-कभी शौचमार्ग से रक्त आने लगा। उन्होंने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जब यह बहुत बढ़ गया, तो दिल्ली में इसकी जाँच करायी गयी। चिकित्सकों ने बताया कि यह कैंसर है और काफी बढ़ गया है

किसी ने लिखा है – तेरे मन कुछ और है, दाता के कुछ और। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री अधीश जी के साथ भी ऐसा ही हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए उन्होंने जीवन अर्पण किया; पर विधाता ने 52 वर्ष की अल्पायु में ही उन्हें अपने पास बुला लिया।

अधीश जी का जन्म 17 अगस्त, 1955 को आगरा के एक अध्यापक श्री जगदीश भटनागर एवं श्रीमती उषादेवी के घर में हुआ। बालपन से ही उन्हें पढ़ने और भाषण देने का शौक था। 1968 में विद्या भारती द्वारा संचालित एक इण्टर कालिज के प्राचार्य श्री लज्जाराम तोमर ने उन्हें स्वयंसेवक बनाया। धीरे-धीरे संघ के प्रति प्रेम बढ़ता गया और बी.एस-सी, एल.एल.बी करने के बाद 1973 में उन्होंने संघ कार्य हेतु घर छोड़ दिया।

अधीश जी ने सर्वोदय के सम्पर्क में आकर खादी पहनने का व्रत लिया और उसे आजीवन निभाया। 1975 में आपातकाल लगने पर वे जेल गये और भीषण अत्याचार सहे। आपातकाल के बाद उन्हें विद्यार्थी परिषद में और 1981 में संघ कार्य हेतु मेरठ भेजा गया। मेरठ महानगर, सहारनपुर जिला, विभाग, मेरठ प्रान्त बौद्धिक प्रमुख, प्रचार प्रमुख आदि दायित्वों के बाद उन्हें 1996 में लखनऊ भेजकर उत्तर प्रदेश के प्रचार प्रमुख का काम दिया गया।

प्रचार प्रमुख के नाते उन्होंने लखनऊ के ‘विश्व संवाद केन्द्र’ के काम में नये आयाम जोड़े। अत्यधिक परिश्रमी, मिलनसार और वक्तृत्व कला के धनी अधीश जी से जो भी एक बार मिलता, वह उनका होकर रह जाता। इस बहुमुखी प्रतिभा को देखकर संघ नेतृत्व ने उन्हें अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख और फिर प्रचार प्रमुख का काम दिया। अब पूरे देश में उनका प्रवास होने लगा।

अधीश जी अपने शरीर के प्रति प्रायः उदासीन रहते थे। दिन भर में अनेक लोग उनसे मिलने आते थे, अतः बार-बार चाय पीनी पड़ती थी। इससे उन्हें कभी-कभी शौचमार्ग से रक्त आने लगा। उन्होंने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जब यह बहुत बढ़ गया, तो दिल्ली में इसकी जाँच करायी गयी। चिकित्सकों ने बताया कि यह कैंसर है और काफी बढ़ गया है।

यह जानकारी मिलते ही सब चिन्तित हो गये। अंग्रेजी, पंचगव्य और योग चिकित्सा जैसे उपायों का सहारा लिया गया; पर रोग बढ़ता ही गया। मार्च 2007 में दिल्ली में जब फिर जाँच हुई, तो चिकित्सकों ने अन्तिम घण्टी बजा दी। उन्होंने साफ कह दिया कि अब दो-तीन महीने से अधिक का जीवन शेष नहीं है। अधीश जी ने इसे हँसकर सुना और स्वीकार कर लिया।

इसके बाद उन्होंने एक विरक्त योगी की भाँति अपने मन को शरीर से अलग कर लिया। अब उन्हें जो कष्ट होता, वे कहते यह शरीर को है, मुझे नहीं। कोई पूछता कैसा दर्द है, तो कहते, बहुत मजे का है। इस प्रकार वे हँसते-हँसते हर दिन मृत्यु की ओर बढ़ते रहे। जून के अन्तिम सप्ताह में ठोस पदार्थ और फिर तरल पदार्थ भी बन्द हो गये।

चार जुलाई, 2007 को वे बेहोश हो गये। इससे पूर्व उन्होंने अपना सब सामान दिल्ली संघ कार्यालय में कार्यकर्त्ताओं को दे दिया। बेहोशी में भी वे संघ की ही बात बोल रहे थे। घर के सब लोग वहाँ उपस्थित थे। उनका कष्ट देखकर पाँच जुलाई शाम को माता जी ने उनके सिर पर हाथ रखकर कहा – बेटा अधीश, निश्चिन्त होकर जाओ। जल्दी आना और बाकी बचा संघ का काम करना। इसके कुछ देर बाद ही अधीश जी ने देह त्याग दी।

योगी सरकार की संघर्ष से सम्मान तक की यात्रा

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ये मेरे दोस्त जो यूपी में हैं जो ना नेता है,ना पॉलिटिकल analyst है, उनका कहना है और उनके ही शब्दों को मैंने इसमें लिखा है।

बदलते वातावरण का परिणाम है कि आज निवेशकों की पहली पसंद उत्तर प्रदेश है. चार साल के भीतर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की राष्ट्रीय रैंकिंग में 12 पायदान ऊपर उठकर नम्बर दो पर आना कोई सरल कार्य नहीं था पर योगी सरकार ने ये कर के दिखाया है।

उत्तर प्रदेश गोपालक योजना

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश गोपालक योजना का शुभारंभ किया गया है इस योजना के माध्यम से गोपालक को ₹200000 तक का ऋण मुहैया करवाया जाएगा। यह ऋण दो किस्तों में मुहैया करवाया जाएगा। जिसके माध्यम से लाभार्थी 10 से 12 गाय का पशुपालन कर सकता है। लाभार्थी गाय या भैंस में से किसी को भी पाल सकता है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए पशु दुधारू होना अनिवार्य है। इसके अलावा इस योजना के माध्यम से लाभार्थी अपनी खुद का डेरी फॉर्म भी खोल सकता है। यह योजना बेरोजगारी दर में घटाने में भी कारगर साबित है।

जीरो टॉलरेंस

सरकार की अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का परिणाम रहा है कि प्रदेश में डकैती, लूट, हत्या, बलवा और बलात्कार की घटनाओं में कमी आई है। इससे निवेशकों की बढ़ोतरी हुई है , महिलाओं की सुरक्षा जो सबसे ज्यादा जरूरी है, तो इस योगी सरकार ने इसपे लगाम लगाके ये तो जरूर सिद्ध कर दिया है कि *यूपी में योगी सरकार बा*

अपहरण का उद्योग पर लगाम

सीएम योगी सरकार कि पिछले 4 सालों से यूपी में अगर आपसी रंजिश को छोड़ दें तो संगठित अपराध न्यूनतम स्तर पर है.यूपी की कानून व्यवस्था देश के अंदर बेहतर व्यवस्था में से एक है. यूपी की बेटियों सहित निवेशकों के अंदर विश्वास पैदा किया है, ये तो अख़बारों की सुर्खियां भी है और अगर आप ground reality का भी निरीक्षण करेंगे या यूं कहें पता लगाएंगे तो आपको ये जरूर पता लगेगा कि अपराध पर नियंत्रण जरूर है, इसलिए फिर कहता हूं *यूपी में योगी सरकार बा*

पेंशन योजना

निराश्रित महिला पेंशन योजना को विधवा पेंशन योजना भी कहते हैं। इस योजना का उद्देश्य उन महिलाओ की आर्थिक मदद करना है जिस महिलाओ की पति की मृत्यु हो जाती है इस योजना के तहत विधवा महिला को सरकार द्वारा पेंशन के रूप में कुछ राशि प्रदान की जाती है जिससे वह किसी अन्य पर निर्भर न रहे और अपनी जरूरत का सामान खरीद सके। इस योजना के अंतर्गत विधवा महिला को प्रति माह 500 रूपये तक की राशि प्रदान करती है, फिर से *यूपी में योगी सरकार बा*

एक्सप्रेस-वे

अगले कुछ वर्षों में प्रदेश में चार एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे बलिया लिंक एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो जाएगी। गंगा एक्सप्रेसवे को 2024 तक तैयार कर लेने की योजना है। 341 किलोमीटर लंबा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे गाजीपुर और लखनऊ की दूरी को महज चार घंटे में पूरी कर देगा।

भारतीय सड़क नेटवर्क में लगभग 1324 किमी एक्सप्रेसवे हैं और 25 निर्माणाधीन हैं। नेशनल एक्सप्रेसवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सात नए एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी है, उनमें से कुछ 124 किमी लंबे कानपुर महानगर बायपास, 111 किमी बेंगलूरु मैसूर इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर, बीजू एक्सप्रेसवे, चेन्नई ओआरआर और उत्तर प्रदेश में 1047 किलोमीटर के निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के सबसे लंबे हैं।

ये सब सिर्फ कागज़ो की योजना नही है अगर आप ये जाके भी पता करेंगे तो आपको लगेगा कि योजना धरती पर है हवा में नही है।

अब मंदिर *जय श्री राम* पे समर्पण, श्री *कृष्ण भगवान का अनुसरण और उसपे हिंदुत्व की तिलक , तो कह सकते हैं, यूपी में योगी सरकार बा। फिर अगर नए Airport की बात करें, तो जगजाहिर है कि उत्तर प्रदेश अब इसमें भी विकास की रफ़्तार तेजी ले चुकी है।

अगर आम आदमी की बात करें या Noida की बात करें तो अब बहोत परिवार नोएडा में ही बसना चाह रही है, इसका सबसे बड़ा कारण नोएडा में निवेश और अपराधों पे लगाम है। थोड़ा builder के nexus पे भी लगाम लगा है, क्योंकि लगाम जरूरी है।

लॉ एंड ऑर्डर

आज से बहुत सालों पहले, नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में कोई इन्वेस्ट और कोई रहना नही चाहता था क्योंकि ये जगह सुरक्षित नहीं थी , लेकिन योगी जी के मुख्यमंत्री बनते ही आज इन सब इलाकों में कानून व्यवस्था सुगम, महिलाएं सुरक्षित उत्तीर्ण और इंवेस्टमेंट अव्वल दर्जे का है।

सन्यास से समर्पण, समर्पण से संघर्ष

CBI के द्वारा गिरफ्तारी व हिरासत को अरविन्द केजरीवाल की चुनौती

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दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो ) को नोटिस जारी किया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने आबकारी घोटाला मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की उस याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने सीबीआई की गिरफ्तारी और हिरासत के आदेश को चुनौती दी है। याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की अध्यक्षता वाली बेंच ने सीबीआई को एक हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी।

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 26 जून को केजरीवाल को तीन दिनों की सीबीआई हिरासत में भेजा था। राऊज एवेन्यू कोर्ट के ड्यूटी जज अमिताभ रावत ने कहा था कि अरविन्द केजरीवाल की सीबीआई की गिरफ्तारी गैरकानूनी नहीं है। बाद में 29 जून को सीबीआई की गिरफ्तारी खत्म होने पर ड्यूटी जज सुनैना शर्मा ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था।

दिल्ली हाई कोर्ट से अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तारी से संरक्षण नहीं मिलने के बाद ईडी ने 21 मार्च को ही देर शाम पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को अरविंद केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए 1 जून तक की अंतरिम जमानत दी थी। इसके बाद केजरीवाल ने 2 जून को सरेंडर कर दिया था।

पीएम मोदी ने हाथरस मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाथरस में हुए हादसे में मारे गए प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज हाथरस पहुंचे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाथरस पुलिस लाइन में हालात का जायजा लिया। बता दें कल हाथरस में सत्संग के दौरान भगदड़ की घटना में 121 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है और 28 लोग घायल हैं।

कल लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर दो दिवसीय बहस का जवाब देते हुए मोदी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा, “चर्चा के बीच मुझे एक दुखद समाचार भी दिया गया है। मेरे संज्ञान में आया है कि यूपी के हाथरस में भगदड़ में कई दुखद मौतें हुई हैं।” उन्होंने कहा कि मैं इस घटना में जान गंवाने वालों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”

बता दें यह भगदड़ उत्तर प्रदेश के पुलराई गांव में एक धार्मिक सत्संग समारोह के दौरान हुई थी, जहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे। उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, हाथरस में सत्संग के दौरान भगदड़ की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 121 हो गई और 28 घायल हैं।

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