भाजपा के मनीष कश्यप और विहिप के रमन गुप्ता के बीच तू—तड़ाक

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एमएस डेस्क

बेतिया (बिहार) से निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना चुके यू ट्यूबर मनीष कश्यप 25 अप्रैल को भाजपा नेता मनोज तिवारी सहित कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। वे दिल्ली में पार्टी में शामिल हो रहे थे, उसी दौरान एक आडियो बेतिया में तेजी से वायरल किया जा रहा था।


कथित तौर पर इस आडियो टेप में मनीष कश्यप की बात बेतिया के हिन्दूवादी नेता रमन गुप्ता से हो रही है। रमन बेतिया में विश्व हिन्दू परिषद के जिला मंत्री हैं। उनकी मां बेतिया की उप मेयर हैं। इस आडियो में रमन दावा कर रहे हैं कि उन्होंने मनीष की जान बचाई है। जबकि मनीष कह रहे हैं कि तुम अपने चुनाव में कई बार मुझे फोन कर रहे थे। इस आडियो में नगर निगम में भ्रष्टाचार से गौ तस्करी तक का आरोप मनीष, रमन गुप्ता पर लगाते हैं। मनीष इस आडियो में सांसद डॉ संजय जायसवाल को फोन करने की बात भी करते हैं। जबकि रमन दो करोड़ के लेन देन का आरोप लगाते हैं। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह दो करोड़ रुपए का लेन देन किन दो लोगों के बीच हुआ है और किस मामले में यह दो करोड़ मनीष को दिए जाने का आरोप रमन लगा रहे हैं।

यह समाचार लिखे जाने तक रमन गुप्ता और मनीष कश्यप का पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष प्राप्त होते ही, उसे भी सम्मानपूर्वक यहां स्थान दिया जाएगा। जब तक उनकी सफाई नहीं आती, तब तक बेतिया में फैल रहा यह आडियो कई तरह के सवाल तो खड़े कर ही रहा है।

कहां है congress working committee में अस्सी फीसदी वालों की भागीदारी

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एमएस स्टाफ

इन दिनों राहुल गांधी को जाति की चिंता सबसे अधिक है। उन्होंने अपने घोषणा पत्र में भी जाति में हिंदू समाज को बांटने का जिक्र किया है। यदि उनकी पार्टी जाति के विकास को लेकर इतनी ईमानदार होती तो घोषणापत्र-2024 के कवर पर एक ऐसे आदमी की तस्वीर को कभी प्रकाशित नहीं करती जो दत्तात्रेय गोत्र का ब्राम्हण होने का दावा करता है और पार्टी में ना अध्यक्ष है और ना सचिव।

प्रश्न है कि घोषणा पत्र पर राहुल की तस्वीर क्यों लगी है? जब वे मीडिया चैनल से सवाल पूछते हैं, उन्हेंं सामने से आकर खुद भी तो जवाब देना चाहिए कि उनकी तस्वीर क्यों लगी होनी चाहिए कांग्रेस के घोषणा पत्र पर? सिर्फ इसलिए क्योंकि आप एक खास ‘परिवार’ से ताल्लूक रखते हैं? जब तक राहुल अपनी दावेदारी नहीं छोड़ेंगे और दलित, आदिवासी युवाओं को पार्टी के अंदर आगे नहीं बढ़ाएंगे, तब तक कोई कैसे उनके कहे पर विश्वास करेगा?
उनके यहां प्रवक्ता से लेकर कांग्रेस आईटी सेल तक में कौन से लोग भरे हुए हैं? इस बार जब आप टिकट बांट रहे थे, क्यों नहीं इस बात का ख्याल रखा कि दलित, पिछड़े और आदिवासी वर्ग को उनकी जनसंख्या के अनुपात में कांग्रेस टिकट दे।

सवाल हर बार वहीं आकर ठहर जाता है कि अपनी दादी की तरफ से पंडित नेहरू के परिवार का होने के अलावा कौन सा ऐसा गुण है राहुल में जो इस देश की नब्बे फीसदी दलित, वंचित और आदिवासी आबादी में नहीं है। फिर कांग्रेस का युवराज दत्तात्रेय गोत्र का ब्राम्हण ही क्यों होगा? छत्तीसगढ़ का कोई गोंड यह गद्दी क्यों नहीं संभाल सकता? राहुलजी को यदि वंचितों को हक देना है तो शुरूआत अपनी पार्टी से क्यों नहीं करते? एंटोनी, माकन, शर्मा, सिंघवी की जगह सीडब्ल्यूसी में पिछड़े, दलित और आदिवासियों को राहुल अस्सी फीसदी जगह क्यों नहीं दिलवाते? तीन लोगों की जगह तो राहुल गांधी ने, राहुल गांधी की मां सोनिया गांधी ने और राहुल गांधी की बहन प्रियंका वाड्रा ने ले रखी है। ऐसे मेें कैसे होगा न्याय? न्याय की लड़ाई पहले घर के अंदर लड़ी जानी चाहिए। जिसे राहुल घर से निकल कर चौक—चौराहे पर लड़ रहे हैं।

जब तक राहुल गांधी सुधार पार्टी के अंदर लेकर नहीं आते, बाहर यह लड़ाई हमेशा कमजोर ही रहेगी। पहले अंदर जीतन होगा। फिर बाहर का रास्ता आसान होगा।

10 वर्षों में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला: मोदी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान 26 अप्रैल को होने हैं। ऐसे में बीजेपी-कांग्रेस सहित कई राजनीतिक पार्टियों के दिग्गज नेताओं का लगातार छत्तीसगढ़ दौरा हो रहा है।  प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने 60 सालों तक देश में गरीबी हटाओं का नारा दिया और अपने नेताओं की तिरोरी भरने का काम किया। मोदी ने 10 वर्षों में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में छत्तीसगढ़ की जनता का आभार जताते हुए कहा कि कुछ महीने पहले मैं विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए आपसे आशीर्वाद मांगने आया था। भाजपा के हर साथी को आप सब ने बहुत आशीर्वाद दिया, हमारे सेवा भाव को बहुत मान दिया। इसके लिए मैं आप सबका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग हम पर तंज करते थे, हर चुनाव में हमसे पूछा जाता था कि मंदिर कब बनेगा? हमने उन्हें तारीख भी बताई, समय भी बताया, निमंत्रण भी भेजा, लेकिन उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम का निमंत्रण ठुकरा दिया। कांग्रेस खुद को भगवान राम से भी बड़ा मानती है।

ममता बनर्जी और कांग्रेस CAA को छूने की हिम्मत नहीं कर सकती हैं: शाह

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दिल्ली। शाह ने मंगलवार को संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) के विरोध के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए दावा किया कि न तो वह और न ही कांग्रेस सीएए को छूने की हिम्मत कर सकती हैं।

शाह ने तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार पर तीखा हमला बोला और जोर देकर कहा कि केवल भाजपा ही राज्य में टीएमसी के भ्रष्टाचार और कट मनी संस्कृति को खत्म कर सकती है। शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल से 35 लोकसभा सीट जीतने का लक्ष्य रखा है और अगर “यह लक्ष्य हासिल कर लेती है, तो तृणमूल के गुंडों को उल्टा लटका दिया जाएगा और सीधा कर दिया जाएगा।”

कांग्रेस के नेताओं की सत्ता में आने पर सीएए को रद्द करने संबंधी टिप्पणी पर शाह ने कहा, ‘‘न तो कांग्रेस और न ही ममता बनर्जी सीएए को छूने की हिम्मत कर सकती हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ममता बनर्जी संशोधित नागरिकता अधिनियम, 2019 (सीएए) का विरोध क्यों कर रही हैं? वे कानून का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि इससे हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता पाने में मदद मिलेगी। वह बंगाल में घुसपैठ का समर्थन कर रही हैं लेकिन हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता मिलने का विरोध करती हैं।’’

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