माँ यमुना की वर्तमान स्थिति व आगामी महाआरती योजना हेतु ऑनलाई बैठक सम्पन्न

2022_6image_08_54_591148580swamichidanandsaraswati.jpg

दिल्ली। दिनांक 31.03.2024 को यमुना परिवार कांउसिल के संरक्षक व मार्गदर्शक आध्यात्मिक गुरू परम पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि जी महाराज के मार्गदर्शन व सानिध्य में माँ यमुना की वर्तमान स्थिति एवं आगामी महाआरती योजना हेतु ‘ऑनलाईन बैठक’ का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस बैठक का सफल संचालन यमुना परिवार काउंसिल के निदेशक श्री कपिल गर्ग जी ने किया। इस बैठक में अनेकों यमुना भक्तों ने भाग लिया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में माता हिमांगी सखी जी का भी सभी यमुना साधकों को सानिध्य प्राप्त हुआ। बैठक में अतिथि के रूप में डॉ. वेद प्रकाश जी ने यमुना नदी के विषय में विस्तृत चर्चा की तथा उन्होंने कहा कि यमुना दिल्ली की जीवन रेखा है। मां यमुना का विषय आज बहुत गंभीर हो चुका है। पहाड़ को काट-काट कर यमुना जी में डाले जा रहे हैं, फैक्ट्रियों की गन्दगी को यमुना नदी में डाला जा रहा है, अंतिम संस्कार के गंदे कपड़े आदि फेकें जा रहे हैं। उन्होंने यमुना नदी की ऐतिहासिक दिशा में चर्चा की तथा वाटर ट्रीटमेंट प्लान्ट लगाने की बात कही। डॉ. वेद प्रकाश जी ने कहा कि हम सबको मिलकर कोई कारगर योजना बनानी चाहिए जिसमें समन्वय हो, सरकारों में प्रतिबद्धता हो, यमुना नदी की स्वच्छता हेतु कुछ ठोस नियम एवं कानून बनाये जायें। यदि ऐसा नहीं होता है तो दण्ड का प्रावधान हो, जन जागरण निरन्तर होता रहे, महाआरतियों का प्रत्येक वर्ष आयोजन हो, बच्चों के बीच में सेमिनार किये जायें, लोगों के बीच में जनता से संवाद किया जाये जिसके जरिये जनता से समर्थन और सहयोग मिलेगा तभी यमुना स्वच्छ होंगी।

इस बैठक में अतिथि के रूप में पधारे डॉ. षिव सिंह रावत जी ने बताया कि यमुना जी के प्रति यमुना परिवार काउंसिल का प्रयास बेहद सराहनीय है। इस संस्था ने मां यमुना जी के प्रति लोगों में जन जागरूकता एवं जन जागृति के लिए बेहद प्रयास किया है, जो एक सराहनीय कदम है। उन्होंने यह भी बताया कि हम सभी संस्थाएं मिलकर इस काम को आगे बढ़ाना चाहिए। साथ ही यमुनोत्री धाम के प्रमुख पुजारी श्री कृतेष्वर उनियाल पंडित जी ने बताया कि यमुना जी की धारा पर आज जो यमुना परिवार काउंसिल कार्य कर रही है वह उनके पूर्व जन्मों का फल है। यदि व्यावहारिक दृष्टि से देखा जाये तो जल ही जीवन है। अगर जल बचेगा तभी हमें जीवन प्रदान होगा। यमुनोत्तरी से लेकर प्रयागराज तक जिन राज्यों तक यह नदी गुजरती है वहां-वहां के मुख्यमंत्री से मुलाकात होनी चाहिए क्योंकि इस कार्य में शासन एवं प्रशासन का सहयोग आवश्यक है। जहां पर गंदा जल बहता हो वहां पर वृक्षारोपण की व्यवस्था होनी चाहिए।

इस बैठक में श्रीमान सयंतन सिन्हा जी ने बताया कि हमें सभी संस्थाओं को एक साथ जोड़कर कार्य करना चाहिए जिससे सबका साथ सबका विकास संभव हो सके। उन्होंने क्लीनिंग इक्यूपमेंट की बात की। यमुना तटों के विकास के लिए कार्य कर रही संस्थाओं से संवाद करना, मेडिकल कैम्प का आयोजन करना, यमुना विकास हेतु प्रोजेक्ट की फंडिंग करना, यू.एन.ई.पी. के प्रयोग की बात कही। साथ ही श्री किशन दूबे जी ने प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रिनिक मीडिया, सोशल मीडिया तथा छोटे-छोटे वीडियो बनाकर लोगों तक मां यमुना जी की बात को पहुंचायें जिससे मां यमुना नदी में व्याप्त गंदगी को साफ किया जा सके। साथ ही यमुना परिवार कांउसिल महाआरती के सह-संयोजक श्री मुकेष सोलंकी जी ने बताया कि इस कार्य में एक आन्दोलन की आवश्यकता है जिससे यमुना नदी की सफाई पर सरकार को जागरूक किया जा सके। इसके साथ ही रोहिणी से श्री मनीष शर्मा ने बताया कि दिल्ली और हरियाणा में जहां-जहां भागवत कथा तथा भजन संध्या हो रही है, वहां पर 2 मिनट के लिए यमुना जी के लिए जागरूकता एवं प्रचार प्रसार कराये जायें। इस मौके पर श्रीमती कंचन गर्ग जी ने बताया कि 14 अप्रैल को यमुना जयंती के अवसर पर यमुना तटों के आसपास प्लान्टेशन या ट्रेनिंग का आयोजन किया जाना चाहिए।

इस ऑनलाईन बैठक में काउंसिल के निदेशक श्री कपिल गर्ग जी ने बताया कि आज दिल्ली में 10 स्थानों पर यमुना आरती हो रही है। हम पूरी निष्पक्ष तरीके से यमुना जी पर कार्य कर रहे हैं। इस वर्ष सितम्बर 2024 में एक विशाल महाआरती का आयोजन भी होने जा रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि दिल्ली में हेल्थ चैकअप कैम्प भी आगे लगाये जायेंगे, उन्होंने बैठक में उपस्थित हुए यमुना साधकों का परिचय एवं स्वागत किया। इस बैठक में अनेकों यमुना साधकों ने भाग लिया जिसमें श्रीमती ममता, श्री दिनेश कटारिया, श्रीमती सुनीता घोष, श्रीमती किरन, श्री वृजलाल गुप्ता, श्री अमरेन्द्र कुमार, श्री शंकर, श्रीमती स्तुति, श्रीमती मीनू, श्रीमती मीना, श्री सूरज, श्री मनोज अग्रवाल, श्रीमती गीता सूरी आदि अनेकों यमुना भक्तों ने भाग लेकर इस मीटिंग को सफलता बनाया। कार्यक्रम का समापन माँ यमुना जी के जयकारे के साथ सम्पन्न हुआ।

भाजपा ने मंत्री सुश्री आतिशी को भेजा डिफामेशन नोटिस – माफी ना मांगने पर शीघ्र दर्ज होगा मानहानि का केस — वीरेन्द्र सचदेवा

aatishi2.webp

नई दिल्ली : दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने आज एक पत्रकार सम्मेलन में कहा है की कल मंत्री सुश्री आतिशी ने कहा है की एक नजदीकी व्यक्ति के माध्यम से उनपर दलबदल का दबाव डाला जा रहा है। साथ ही उनकी खुद की, सौरभ भारद्वाज, राघव चड्डा एवं दुर्गेश पाठक की गिरफ्तारी की बात भी कह कर गुमराह करने की कोशिश की।

पत्रकार सम्मेलन में दिल्ली भाजपा मीडिया प्रमुख श्री प्रवीण शंकर कपूर जिनकी ओर से पार्टी ने डिफामेशन नोटिस दिया है के आलावा नोटिस भेजने वाले अधिवक्ता श्री सत्य रंजन स्वाइन एवं मीडिया रिलेशन विभाग प्रमुख श्री विक्रम मित्तल भी उपस्थित थे।

श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने अपने वक्तव्य में कहा की :

1. सुश्री आतिशी पहले भी आदतन इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाती रही हैं।

2. सुश्री आतिशी ने एक झूठा, खुद गढ़ा हुआ ब्यान दिया है।

3. सुश्री आतिशी ने कोई ठोस या सही जानकारी नही दी है :

a. किसने उन्हे सम्पर्क किया यह नही बताया

b. कब उन्हे सम्पर्क किया यह नही बताया

c. जिसने सम्पर्क किया वो उनका नजदीकी व्यक्ति था तो कौन था, किसके निर्देश पर उसने बात की यह भी नही बताया।

4. सुश्री आतिशी या उनकी पार्टी जब भी राजनीतिक हालात में घिर कर जवाबदेह होते हैं तो यही विधायक तोड़ने या नेताओं की गिरफ्तारी की कहानी सुनाती हैं। *दो बार हाल ही में पहले भी कर चुकी पर सबूत नही देतीं।*

5. शराब घोटाले मे जितने भी आम आदमी पार्टी नेता गिरफ्तार हुए हैं सभी की गिरफ्तारी ट्रायल कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक मान्य हुई अतः सुश्री आतिशी के दावे कमजोर एवं झूठे हैं।

6. ऐसे आरोप भाजपा की, उसके नेतृत्व एवं कार्यकर्ताओं की राजनीतिक सामाजिक छवि धूमिल करते हैं *अतः हमने कल रात एक डिफामेशन नोटिस सुश्री आतिशी को देकर आरोप वापस लेकर सार्वजनिक माफी मांगने को कहा है, जिसका वह प्रसार प्रचार करें।*

7. यह डिफामेशन नोटिस पार्टी के मीडिया प्रमुख एवं प्रवक्ता श्री प्रवीण शंकर कपूर की ओर से दिया गया है।

8. सुश्री आतिशी के द्वारा तुरंत माफी ना मांगने पर पर अति शीघ्र उन पर भाजपा एवं कार्यकर्ताओं की मानहानि का मुकदमा दायर किया जायेगा।

मनुष्यता का विकास ही मनुष्य का विकास है : सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत

6-3.jpeg

भोपाल। मध्य भारत प्रांत के बनखेड़ी में आयोजित ‘नर्मदांचल सुमंगल संवाद’ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने विकास की भारतीय अवधारणा को समझाते हुए कहा कि मनुष्यता का विकास ही मनुष्य का विकास है। केवल आर्थिक साधन और अधिकार प्राप्त कर लेना विकास नहीं कहलाता। भाऊसाहब भुस्कुटे न्यास के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में ग्राम विकास तथा पर्यावरण गतिविधि के चयनित 100 सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सरसंघचालक डॉ. भागवत एवं निवर्तमान सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने समग्र ग्राम विकास, गौ संवर्धन, जल तथा पर्यावरण के लिए प्रयासरत संस्थाओं के द्वारा किये जा रहे कार्यों के वृत्तांत को सुना।

ग्राम विकास तथा पर्यावरण गतिविधि के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि हमारे देश में हजारों वर्षों से खेती की जा रही है लेकिन भूमि बंजर नहीं हुई। परंतु आज की पद्धति ने अनेक देशों की खेती उजाड़ दी है। हमारी संस्कृति ने कहा है कि व्यक्ति का सुख परिवार के सुख से और परिवार का सुख गांव सुखी होने से आता है तथा गांव जनपद के और जनपद राष्ट्र के सुख से सुखी होता है। अतः हम सभी ने अपनी परंपरा का महत्व समझ समाज की सकारात्मक ऊर्जा को साथ ले ग्राम विकास और पर्यावरण के कार्य को करना ही होगा। इस अवसर भैयाजी जोशी ने नदी, भूमि और वृक्षों से संवाद की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने संघ से इतर समाज की सज्जन शक्ति के द्वारा चलाए जा रहे अच्छे कार्यों की सराहना की।

संस्थाओं ने दी सामाजिक कार्यों की जानकारी :

‘नर्मदांचल सुमंगल संवाद’ में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने सामाजिक कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की। भाऊ साहब भुस्कुटे न्यास ने संस्कार, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार, जैविक कृषि, पर्यावरण, गौ सेवा व संवर्धन आदि क्षेत्रों में किये जा रहे कार्यों तथा ‘मेरा गांव मेरा तीर्थ’ योजना की विस्तृत जानकारी दी। प्रांत के आदर्श प्रभात ग्राम, जैसे– राजगढ़ जिले के ग्राम झिरी, बासौदा जिले के ग्राम झूकरजोगी तथा दतिया जिले के भरसूला गांव के कार्यों की जानकारी भी सरसंघचालक के सामने प्रस्तुत की गई। इसके साथ की सामाजिक समिति हरदा एवं सिवनी मालवा की पर्यावरण जैविक कृषि समिति ने अपने स्तर पर किये जा रहे प्रभावी गौ संवर्धन, वृक्षारोपण, स्वरोजगार, जैविक कृषि तथा संस्कार पक्ष पर किये जा रहे कार्यों के बारे में बताया। वहीं, संस्था ‘नर्मदा समग्र’ ने नदी को जीवमान इकाई मानकर वैज्ञानिक पद्धति से किये जा रहे कार्यों तथा राष्ट्रीय–अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अभी तक किये गये प्रयासों पर वीडियो प्रस्तुति दी।

हिन्दी में सिनेमा के पहले एनसाइक्लोपीडिया का इंदौर में लोकार्पण

6-2-1.jpeg

अपने जन्म के समय से ही भारत में फिल्मों ने जनमानस पर अपना प्रभाव छोड़ना शुरू कर दिया था। सिनेमा ने लोगों की ज़िदगी को छुआ है। आज सिनेमा भारतीयों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। इसीलिए यह कोई अचरज की बात नहीं है कि दुनिया में सबसे अधिक संख्या में फिल्में भारत में ही बनती हैं। लोग सिनेमा जगत के बारे में अधिक से अधिक जानना चाहते हैं। फिल्मों के वर्तमान और इतिहास के बारे में जानने की लोगों की इच्छा का ही परिणाम है कि समाचार माध्यमों में, चाहे वह समाचारपत्र हों, पत्रिकाएं हों, टीवी हो, रेडियो हो, चाहे डिजिटल मीडिया हो, सिनेमा से जुड़ी सामग्री देना अपरिहार्य हो गया है। सिनेमा से भारतीयों के गहरे जुड़ाव को ध्यान में रखते हुए इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र (आईजीएनसीए) ने ‘हिन्दी में सिनेमा का पहला एनसाइक्लोपीडिया’ प्रकाशित किया है, जो प्रसिद्ध फिल्म पत्रकार श्रीराम ताम्रकर जी के अथक प्रयासों का परिणाम है।

आईजीएनसीए आपको यह सूचित करते हुए अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव कर रहा है कि इस महत्त्वपूर्ण एनसाइक्लोपीडिया का लोकार्पण समारोह श्रीराम ताम्रकर जी के गृहनगर इंदौर में करने का निर्णय लिया गया है। पुस्तक का लोकार्पण और उस पर चर्चा दिनांक 4 अप्रैल, गुरुवार को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन के सभागार में अपराह्न 3 बजे से सायं 4.30 बजे तक होगी।

पुस्तक के लोकार्पण और चर्चा में दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता प्रसिद्ध गीतकार स्वानंद किरकिरे, प्रसिद्ध पत्रकार व फिल्म समीक्षक मयंक शेखर, आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी, आईआईएमसी के पूर्व महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन की निदेशक डॉ. सोनाली नरगुन्दे और मोटिवेशनल स्पीकर श्रीमती मंजूषा राजस जौहरी हिस्सा लेंगे। चर्चा का संचालन आईजीएनसीए के मीडिया सेंटर के नियंत्रक श्री अनुराग पुनेठा करेंगे।

scroll to top