मध्य गजा में इजरायली हमले में 68 लोग मारे गए

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मध्य गजा में इजरायली हमले में लगभग 68 लोग मारे गए हैं जबकि सप्‍ताह के अंत में युद्ध में मारे गए इजरायली सैनिकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। क्रिसमस की पूर्व संध्या पर वेस्ट बैंक में बेथलेहम के अवकाश समारोह को रद्द कर दिया गया। पड़ोसी देश मिस्र में, इजरायल द्वारा बंधक बनाए गए फिलिस्तीनी के लिए बंधकों की एक और अदला-बदली के समझौते पर अस्थायी प्रयास जारी रहे।

इजरायल के हमले के खिलाफ बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव और फिलिस्तीनियों की पीड़ा के बावजूद इजरायली अभी भी बड़े पैमाने पर हमास की शासन और सैन्य क्षमताओं को कुचलने और शेष 129 बंधकों को मुक्‍त करवाने के देश के घोषित लक्ष्यों से पीछे हैं।

फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद के प्रमुख ज़ियाद अल-नखला बातचीत के लिए मिस्र पहुंचे हैं। उन्‍होंने कहा कि वह लड़ाई समाप्त होने के बाद ही बंधकों को मुक्‍त करने पर विचार करेंगे। हमास के प्रमुख नेता इस्माइल हानियेह ने भी कुछ दिन पहले बातचीत के लिए काहिरा की यात्रा की थी।

कर्नाटक सरकार ने शैक्षिक संस्‍थानों में हिजाब पर प्रतिबंध को वापस लिया

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कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री सिद्धारमैया ने घोषणा की है कि उनकी सरकार राज्‍य के शैक्षिक संस्‍थानों में हिजाब पर प्रतिबंध वापस ले लेगी। उन्‍होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है और इस बारे में सरकारी आदेश शीघ्र ही जारी हो जाएगा। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि कोई भी व्‍यक्ति अपनी पसंद के अनुसार कपड़े पहन सकता है।

मामला उडुपी के सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज फॉर गर्ल्स से शुरू हुआ था। इस कॉलेज की छह छात्राओं को हिजाब में कक्षाओं में आने की मंजूरी नहीं दी गई थी। इसे लेकर दिसंबर 2021 में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए जो पूरे राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में फैल गए थे। बाद में यह देश के हिस्सों में भी फैल गया।

यही नहीं, मामला कर्नाटक हाईकोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुँचा था। आखिरकार फैसला हुआ कि शिक्षण संस्थानों में हिजाब पहनकर कक्षा में बैठने पर रोक रहेगी। सिर्फ यूनिफॉर्म पहनकर ही कक्षा में आने की अनुमति होगी। छात्राएँ हिजाब में स्कूल आ सकती थीं, लेकिन कक्षा में प्रवेश करने से पहले उन्हें अपने हिजाब को उतारना होगा।

कर्नाटक उच्‍च न्‍यायालय ने कहा था कि इस्लाम में हिजाब पहनना अनिवार्य नहीं है और आदेश को सही ठहराया था। बाद में उच्‍चतम न्‍यायालय ने इस मुद्दे पर विभाजित फैसला दिया था।

कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 39 रुपये की कटौती

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सरकार ने 19 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम में कटौती की है। इस कटौती के बाद 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 39 रुपये की कमी आ गई है। हालांकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ऐसे में घर में इस्तेमाल होने वाले 14 किलोग्राम वजन वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत नहीं बदलेंगी।

याद हो, 30 अगस्त 2023 को घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 200 रुपये की कटौती की गई थी। इस कटौती के बाद दिल्ली में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर 903 रुपये की कीमत पर मिल रहा है। इसके अलावा कोलकाता में एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत 929 रुपये और मुंबई में 902.50 रुपये है।

वहीं दिल्ली में कॉमर्शियल सिलेंडर की बात करें तो इसकी कीमत कटौती के बाद 1,796.50 रुपये से घटकर 1,757.50 रुपये हो गई है। इसी तरह मुंबई में इसकी कीमत 1,749 रुपये से घट कर 1,710 रुपये, कोलकाता में 1,908 रुपये से घट कर 1,869 रुपये और चेन्नई में 1,968.50 रुपये से घट कर 1,929.50 हो गई है। इससे पहले 1 दिसंबर को कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 21 रुपये प्रति सिलेंडर का इजाफा किया गया था।

अब CISF संभालेगी संसद परिसर की सुरक्षा की जिम्मेदारी

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अब संसद की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ को मिलने जा रहा है। इस संबंध में सीआईएसएफ को नियमित नियुक्ति से पहले संसद परिसर का सर्वे करने को कहा गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पत्राचार में नियमित नियुक्ति के लिए सीआईएसएफ की सुरक्षा और फायर विंग को संसद परिसर का सर्वे करने के लिए कहा है।

वर्तमान में संसद परिसर की सुरक्षा संभाल रही दिल्ली पुलिस। 13 दिसंबर को लोकसभा में दो युवकों ने दर्शक दीर्घा से छलांग लगाकर सदन में हंगामा किया था। इसके बाद से संसद की सुरक्षा को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को निशाना बना रहा है। वर्तमान में संसद परिसर की सुरक्षा का जिम्मा दिल्ली पुलिस संभाल रही है।

सीआईएसएफ देश के महत्वपूर्ण परिसरों, दिल्ली मेट्रो और एयरपोर्ट की सुरक्षा संभालती है। यह देश का सबसे आधुनिक सुरक्षा साजो-सामान से लैस अर्धसैनिक बल है। CISF केवल तीन बटालियनों की संख्या के साथ कुछ संवेदनशील सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को समेकित सुरक्षा कवर उपलब्ध करवाने के लिए 1969 में अस्तित्व में आया। तब से यह बल, प्रमुख बहु कुशल संगठन के रूप में विकसित हुआ है।

इसकी वर्तमान स्वीकृत कार्मिकों की संख्या 1,73,355 है। फिलहाल, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल देशभर में 358 प्रतिष्ठानों को सुरक्षा कवर उपलब्ध करवा रहा है। केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल का अपना अग्नि स्कंध भी है जो उपरोक्त में से 112 अधिष्ठानों को अपनी सेवाएं प्रदान करता है।

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