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लखनऊ विवि के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर बने डॉ.सौरभ मालवीय
‘लखनऊ विश्वविद्यालय’ ने मीडिया शिक्षक एवं राजनीतिक विश्लेषक डॉ.सौरभ मालवीय को पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर (सह प्राध्यापक) के पद पर नियुक्त किया है। उन्होंने गुरुवार को अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
डॉ.सौरभ मालवीय इससे पहले ‘माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय’, भोपाल में वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत थे। डॉ. सौरभ मालवीय को लखनऊ विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर पद पर चुने जाने पर ‘माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी’ में उनके लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया।
इस मौके पर ‘माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी’ के कुलपति प्रो. (डॉ.) के.जी सुरेश और कुलसचिव प्रो. अविनाश वाजपेयी ने एक कार्यक्रम में डॉ. सौरभ मालवीय को स्मृति चिह्न भेंट किया और संस्थान में उनके साथ बिताए यादगार लम्हों को याद किया।
बता दें कि डॉ. सौरभ मालवीय ‘राष्ट्रवादी पत्रकारिता के शिखर पुरुष अटल बिहारी बाजपेयी’ और ‘भारत बोध’ किताब भी लिख चुके हैं। पत्रकारिता विधा में उनके रचना कौशल के लिए डॉ. सौरभ मालवीय को पंडित प्रताप नारायण मिश्र साहित्यकार सम्मान समेत तमाम अवॉर्ड्स से सम्मानित किया जा चुका है।
उल्लेखनीय है कि डॉ.मालवीय पूर्व में वाजपेयी सरकार में बीजेपी मीडिया सेल से जुड़े थे और वर्ष 2010 तक मीडिया सेल में समन्वयक के रूप में खासे लोकप्रिय रहे। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर पीएचडी करने वाले सौरभ मालवीय ने राष्ट्रवादी लेखक और वक्ता के नाते अपनी खास पहचान बनाई है। डॉ. सौरभ टीवी डिबेट में शामिल होते रहते हैं। कुछ समय तक वह ‘माखनलाल यूनिवर्सिटी’ के नोएडा कैंपस में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
काठमांडू में अब नहीं मिलेगा गुटखा व तंबाकू
नेपाल की राजधानी काठमांडू में गुटखा व तंबाकू पदार्थों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। काठमांडू में गुटखा सहित सभी तम्बाकू पदार्थों की बिक्री व वितरण पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाने का फैसला किया गया है। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध का कड़ाई से पालन किए जाने की बात कही गई है।
काठमांडू महानगरपालिका ने सूचना जारी करते हुए आगामी 13 दिसम्बर से किसी भी प्रकार के गुटखा, पान मसाला एवं तम्बाकू पदार्थों की बिक्री व वितरण पर रोक लगाने की घोषणा की है। महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग के तरफ से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि खुला, पैकेजिंग या रीब्रांडिंग सहित किसी भी रूप में गुट्खा, पान मसाला या अन्य तम्बाकू पदार्थ के बिक्री व वितरण पर पूर्ण रोक लगा दी गयी है। इससे जुड़े सभी व्यवसायियों, होलसेलर और खुदरा दुकानदारों से 13 दिसम्बर से इसकी बिक्री-वितरण या भण्डारण नहीं करने को कहा गया है।
जारी अधिसूचना के मुताबिक नेपाल के कानून के मुताबिक बसअड्डा, हवाईअड्डा, शिक्षण संस्थान, बाल कल्याण गृह, सार्वजनिक शौचालय, होटल, रेस्टोरेंट, छात्रावास, जिम, डिपार्टमेंटल स्टोर, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सिनेमाघर, धर्मशाला, सार्वजनिक प्रतीक्षालय, धार्मिक स्थानों, सभा, सम्मेलन, जुलूस-प्रदर्शन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने पर पूर्ण प्रतिबन्ध है। इन जगहों पर धूम्रपान निषेध नियम का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब नई E-KYC प्रक्रिया से PM-किसान योजना का लाभ ले सकते है किसान
PM-किसान योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी अब नई प्रक्रिया के तहत अपना ई-के-वाई-सी करा सकते हैं। दरअसल, केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किसानों के लिए फेस ऑथेंटिकेशन यानी चेहरे की पहचान और आधार सत्यापन आधारित ई-के-वाई-सी की शुरुआत की है।
यह नई ई-के-वाई-सी प्रक्रिया है जो किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण में पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित करने में मदद करेगी। इस संबंध में लोकसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्न के उत्तर में कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण में पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित करने के लिए योजना की 13वीं किस्त जारी करने के बाद नई ई-के-वाई-सी प्रक्रिया शुरू की गई है।
इसके लिए भारत सरकार ने चेहरा प्रमाणीकरण आधारित ई-केवाईसी की सुविधा के साथ पीएम-किसान मोबाइल ऐप विकसित किया है। यह ऐप पहला मोबाइल ऐप है जो सरकार की किसी भी लाभकारी योजना में चेहरा प्रमाणीकरण आधारित ई-केवाईसी सुविधा प्रदान करता है। यह मोबाइल ऐप उपयोग करने में बहुत आसान है और गुगल प्लेस्टोर पर डाउनलोड के लिए आसानी से उपलब्ध है। यह किसानों को बिना किसी ओटीपी या फिंगरप्रिंट के देश के दूरदराज क्षेत्रों में भी घर से अपना ईकेवाईसी पूरा करने का अधिकार प्रदान करता है वो भी सिर्फ उनके चेहरे को स्कैन करके।






