मणिपुर के उग्रवादी समूह ने अपने हथियार डाल कर सरेंडर किया : शाह

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मणिपुर के सबसे पुराने उग्रवादी समूह ने बुधवार का शाम अपने हथियार छोड़ दिए हैं। मणिपुर के यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर को लेकर बड़ी जानकारी शेयर की है। बता दें कि मणिपुर पिछले कई महीनों से अशांत रहा है, जहाँ महिलाओं को नग्न कर उनका जुलूस निकाले जाने और उनके सामूहिक बलात्कार तक के मामला सामने आए थे। आगजनी की तो कई घटनाएँ सामने आई थीं। अब अमित शाह ने बताया है कि मणिपुर में बड़ी संख्या में उग्रवादियों ने हिंसा का रास्ता त्याग कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया।

शाह ने सभी का लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वागत किया है साथ ही शांति एवं विकास के रास्ते पर उनकी उन्नति की कामना की है। एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें UNLF के सभी उग्रवादी अपनी-अपनी बंदूकें सौंप रहे हैं। तस्वीरों में कई उग्रवादियों को पंक्ति में खड़े देखा जा सकता है।

जबकि उनके हथियारों को भी जमीन पर रखा गया है। पिछले 59 वर्षों से मणिपुर में सक्रिय UNLF अलगाववादी विचारधारा वाला संगठन रहा है, जिसकी स्थापना 24 नवंबर, 1964 को हुई थी।

रेस्क्यू के बाद जश्न का माहौल, कई परिवारों ने मनाई दिवाली

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उत्तराखंड में सिलक्यारा सुरंग में पिछले 16 दिन से फंसे सभी 41 श्रमिकों को मंगलवार को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। आज जैसे ही श्रमिकों के परिवारों में यह खबर पहुंची तो वहां जश्न छा गया। टनल में फंसे मजदूरों के रेस्क्यू के बाद जश्न का माहौल हो गया। कई परिवारों ने मंगलवार को रात में दिवाली मनाई और मिठाईयां बांटी। अलग अलग राज्यों से श्रमिकों के परिवारों में जश्न के वीडियो और फोटो सामने आए हैं।

उत्तराखंड में सिलक्यारा सुरंग में पिछले 16 दिन से फंसे सभी 41 श्रमिकों को मंगलवार को सकुशल एक-एक करके 800 मिमी के उन पाइपों के जरिए बाहर निकाला गया। मलबे में ड्रिल करके अंदर डालकर एक रास्ता बनाया गया था। चारधाम यात्रा मार्ग पर निर्माणाधीन साढ़े चार किलोमीटर लंबी सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग का 12 नवंबर को एक हिस्सा ढहने से उसमें फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चला रहे बचावकर्मियों को 17वें दिन यह सफलता मिली।

इस दौरान विज्ञान के साथ ही आस्था का भी सहारा लिया गया। सिलक्यारा के आसपास के ग्रामीणों और श्रमिकों के परिजनों ने ईश्वर से अपनों के सकुशल बाहर आने की प्रार्थना की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री धामी, केंद्रीय मंत्री सिंह और बचाव कार्यों में सहयोग के लिए बुलाए गए ‘इंटरनेशनल टनलिंग एंड अंडरग्राउंड स्पेस एसोसिएशन’ के अध्यक्ष अर्नोल्ड डिक्स ने भी सुरंग के बाहर बने स्थानीय देवता बौखनाग मंदिर में सिर झुकाकर श्रमिकों की सकुशल निकासी के लिए ईश्वर से आशीर्वाद मांगा।

सुरंग में 17 दिन से फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया

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राष्‍ट्र ने उत्तराखंड उत्तरकाशी जिले के सिलक्यारा सुरंग में 17 दिन से फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने पर एजेंसियों को सभी 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने पर प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त की है। सभी श्रमिक सिल्‍कयारा सुरंग के भीतर फंसे हुए थे। सिल्‍क्‍यारा से बरकोट के बीच निर्माणाधीन सुरंग का एक भाग 12 नवंबर को ढह जाने के कारण सभी श्रमिक सुरंग में फंसे रह गए।

राज्‍य सरकार और केंद्र सरकार की सभी एजेंसियों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने बचाव मिशन को सफल बनाने के लिए युद्धस्‍तर पर काम किया। फंसे हुए श्रमिकों को भोजन, ऑक्‍सीजन और एक पाइप लाइन के जरिए संपर्क के लिए फोन दिए गए थे। श्रमिकों और उनके परिवारजनों ने सुरंग से सुरक्षित बाहर निकाले जाने पर केंद्र और राज्‍य सरकार के प्रति आभार व्‍यक्‍त किया है।

नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखंड में सिलक्यारा सुरंग से 17 दिन बाद निकाले गए श्रमिकों से टेलीफोन पर बात की। श्रमिकों को निकाले जाने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री ने श्रमिकों को सफलतापूर्वक और सुरक्षित रूप से बाहर निकालने के लिए बचाव टीमों के प्रयासों की सराहना की।

दो रंगकर्मियों को दिया जाएगा मैलोरंग ‘नेपथ्य रंगसम्मान’ – 2023.

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अनिला सिंह खोसला एवं श्रीकांत किशोर ‘मैलोरंग नेपथ्य रंगसम्मान’ से सम्मानित होंगे.
• एक्काबन हजार रुपये की राशि से सम्मानित होंगे दो रंगकर्मी
दिल्ली की प्रमुख नाट्य संस्था ‘मैलोरंग’ के तत्त्वावधान में ‘नेपथ्य रंगसम्मान’ नाम से वार्षिक सम्मान दिया जाता है । इस सम्मान से सम्मानित रंगशीर्ष को प्रतीक चिह्न, अंगवस्त्र, एवं 51,000/- रुपये की राशि प्रदान की जाती है । वर्ष 2023 के लिए चौथे एवं पाँचवें मैलोरंग ‘नेपथ्य रंगसम्मान’-2023 की घोषणा एक साथ किया गया है । प्रथम चयनित रंगकर्मी हैं – रंगसमीक्षा, अनुवाद एवं नाट्य लेखन के क्षेत्र में योगदान देने वाले श्री श्रीकांत किशोर तथा दूसरे चयनित रंगकर्मी हैं – सुप्रसिद्ध परिधान परिकल्पक एवं अभिनेत्री श्रीमती अनिला सिंह खोसला ।
‘नेपथ्य रंगसम्मान’ के लिए स्थायी रूप से एक कार्य समिति का गठन किया गया है, जिसके सदस्य हैं – सर्वश्री संजय सहाय, श्री अमिताभ श्रीवास्तव, श्रीमती प्रीता माथुर ठाकुर, प्रो. सत्यव्रत राउत और प्रो. देवेंद्र राज अंकुर (संयोजक) ।
इस वर्ष सम्मान समारोह 03 दिसम्बर, 2023 को, सायं 5.00 बजे दिल्ली में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय परिसर में स्थित सम्मुख सभागार में आयोजित होगा । इस अवसर पर भारतीय रंगमंच के वरिष्ठ रंग निर्देशक श्री एम. के. रैना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे तथा श्री चितरंजन त्रिपाठी (निदेशक, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय) आयोजन की अध्यक्षता करेंगे । इसके साथ ही आयोजन में प्रत्यक्षदर्शी के लिए सैकड़ों रंगकर्मियों को आमंत्रित किया जाएगा है ।
अभी तक तीन रंगकर्मियों को यह सम्मान दिया जा चुका है । जिसमें प्रथम सम्मान हिंदी रंगमंच के क्षेत्र में किए गए महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ीकरण के उपलक्ष्य में प्रो. महेश आनंद, दूसरा भारतीय रंगमंच में ‘मनो-शारीरिक रंगमंच’ नाम की रंगशैली की स्थापना करने वाले रंगकर्मी श्री शशांक बहुगुणा तथा तीसरा सम्मान नौटंकी रंगशैली में लगातार काम करने वाले श्री आतमजीत सिंह इस सम्मान से सम्मानित किए गये हैं ।
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