शंकराचार्य विजयेन्द्र सरस्वती ने किया जनता सर्वोपरि पुस्तक का लोकार्पण

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गरीबों की सेवा करना ही हिन्दू धर्म है : शंकराचार्य विजयेन्द्र सरस्वती

शंकराचार्य ने कहा गरीबी हटाओ यही धर्म का उपदेश

कांची कामकोटि पीठ के 70 वें पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य विजयेन्द्र सरस्वती ने सोमवार को माधव सभागार निरालानगर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यों पर आधारित पुस्तक ‘जनता सर्वोपरि’ का लोकार्पण किया। इस पुस्तक को पत्रकार बृजनन्दन राजू ने लिखी है।
इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद के प्रान्तीय अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल,विश्व हिन्दू परिषद के प्रान्त मंत्री देवेन्द्र मिश्र, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघचालक सुभाष अग्रवाल,गोपाल कृष्ण अग्रवाल और वरिष्ठ पत्रकार आशीष वशिष्ट प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

इस अवसर पर जगद्गुरू शंकराचार्य विजयेन्द्र सरस्वती ने कहा कि ने कहा कि ज्ञान प्राप्त करना हि मनुष्य जीवन का परमतात्पर्य है। जो गरीब हैं जो असमर्थ है जिसे सेवा की जरूरत है ऐसे व्यक्तियों की मद्द करना यही हिन्दू सनातन वैदिक धर्म है। गरीबी हटाओ यही धर्म का उपदेश है।

शंकराचार्य विजयेन्द्र सरस्वती ने कहा कि हिन्दू धर्म सामाजिक है। हिन्दू धर्म वैज्ञानिक है। संसार में अच्छा व्यवहार करना। जो करें अच्छे से करें सत्य का विचार करें। सत्य का अन्वेषण करें। परमार्थ का कार्य करें। चित्त शुद्धि प्राप्त करें। रामकथा कहीं भी हो वह सुनना चाहिए। उसे श्रवण यज्ञ कहते हैं।

शंकराचार्य ने बताया कि मैं अयोध्या होकर आ रहा हूँ। राम मंदिर के निर्माण के साथ—साथ अयोध्या नगरी भी सुंदर बन रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को छोटे—छोटे मंदिरों की भी चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लक्ष्मणपुरी में हम पहले भी आ चुके हैं अपने गुरूजी के साथ।

विश्व हिन्दू परिषद के प्रान्तीय अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल ने कहा कि 500 वर्षों के सतत संघर्ष के परिणाम स्वरूप अयोध्या में श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य दिव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। उन्होंने बताया कि अयोध्या से पूजित अक्षत कलश देशभर में गया है। अब देशभर में विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता घर—घर जाकर रामोत्सव मनाने का आमंत्रण देंगे। उन्होंने उपस्थित जनता से अपील की है कि वह प्राण प्रतिष्ठा के दिन अयोध्या न जाकर बाद में परिवार समेत दर्शन करने जायं।

विश्व हिन्दू परिषद के प्रान्त मंत्री देवेन्द्र मिश्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में हिन्दुत्व व हिन्दू संस्कृति के उत्थान के बहुआयामी कार्य हुए हैं। वहीं जनता के कल्याण के लिए भी हर स्तर पर काम किये गये हैं। इस पुस्तक जनता सर्वोपरि में सरकार द्वारा किये गये कार्यों का उल्लेख किया गया है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघचालक सुभाष अग्रवाल ने कहा कि योगी आदित्यनाथ का नाम आज प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश व दुनियाभर में लिया जा रहा है। काम तो सभी सरकारें करती हैं लेकिन जो काम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतत्व में हो रहा है वह कभी नहीं हुआ। योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में अयोध्या मथुरा काशी को नई ​पहचान मिली है।

बृजनन्दन राजू ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश नित नये कीर्तिमान रच रहा है। उत्तर प्रदेश में हुए बदलाव को आज आम आदमी महसूस कर रहा है। समाज के वंचित व उपेक्षित लोगों को सहारा देकर स्वाभिमान का भाव जाग्रत करने का काम योगी आदित्यनाथ ने किया। वनटंगिया व मुसहर समाज के लोगों की चिंता शासनस्तर पर पहली बार हुई है। बृजनन्दन राजू ने बताया कि जनता सर्वोपरि पुस्तक योगी सरकार के कार्यों पर आधारित है। इस पुस्तक में 21 अध्याय हैं।

जल सहेलियों ने जारी किया घोषणा पत्र

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– गौरव पांडेय

बुन्देलखण्ड के गाँवों को पानीदार बनाने का जल सहेली कर रही हैं प्रयास

आज छतरपुर में जल सहेली फॉउण्डेशन के द्वारा विधानसभा चुनाव 2023 हेतु बुंदेलखंड के विशेष संदर्भ में जन घोषणा पत्र जारी किया गया।
जल सहेलियों द्वारा विगत एक महीने से इस प्रक्रिया को शामिल किए जाने का काम किया जा रहा है । जल सहेलियों ने इस घोषणा पत्र में ऐसे प्रमुख मुद्दों को शामिल किया है जिन मुद्दों को किसी भी राजनैतिक दल ने अपने घोषणा पत्र में शामिल नहीं किया था।
इस घोषणा पत्र में मुख्य रूप से जल संकट, सूखा प्रबंधन, पलायन, शिक्षा, पोषण, रोजगार की समस्याओं को शामिल किया गया है।

प्रेस वार्ता को जल सहेली लक्ष्मी ने संबोधित करते हुए कहा कि बुन्देलखण्ड एक ऐसा क्षेत्र है, जहां की भौगोलिक स्थिति पूरे प्रदेश से भिन्न है। इस क्षेत्र को विशेषकर सूखाग्रस्त क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। पिछले दो दशकों में एक दशक से ज्यादा का समय में इस क्षेत्र में सूखा का रहा हैै। यह इलाका मुख्य रुप से कृषि आधारित है, यही इस इलाके मे लोगो की आजीविका का एक मात्र साधन है, ऐसे में बुंदेलखंड के असल मुद्दों को राजनैतिक दलों के वायदों में प्राथमिकता देने हेतु जन घोषणा पत्र बनाया गया है।

घोषणा पत्र में जल संकट समाधान के सन्दर्भ में मुख्य रूप से पुराने बुदेली-चंदेली तालाबों का पुनर्जीवन, सूखा न्यूनीकरण एवं राहत के योजनाओं का निर्माण एवं क्रियान्वयन, जल साक्षरता को बढाने के लिए शैक्षिक पाठयक्रमों में जल साक्षरता के विशेष विषय को जोडना, पोषण की स्थिति को सुधारने के लिए सामुदायिक पोषण वाटिकाओं के निर्माण सुनिश्चित कराना प्रमुख है।

जल सहेली पार्वती ने कहा कि सूखा, रोज़गार, खेती और खुशहाली के लिए हर पांच साल में वायदे तो किये जाते है लेकिन चुनावी माहौल खत्म होने पर यह वायदे केवल जुमले होकर रह जाते है या फिर जिन योजनाओं का निर्माण किया जाता है वह देश एवं प्रदेश के हिसाब से होती है जिससे योजनाओं का लाभ सही तौर पर बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लोगों को नहीं मिल पाता है। इस बार भी किसी भी राजनैतिक पार्टी के द्वारा बुन्देलखण्ड क्षेत्र की समस्या को समझकर कोई अपना घोषणा पत्र नहीं बनाया है। ऐसे में इस विधानसभा चुनाव को लेकर बुंदेलखंड के असली सवालो और जनता के मुद्दों को राजनैतिक दलों के समक्ष रखने के लिए हम लोगों के द्वारा यह घोषणा पत्र तैयार किया गया है।

ग़ौरतलब है कि जल सहेली बुन्देलखण्ड के गाँवों में एक ऐसा सक्रिय संगठन है जो बिना किसी आर्थिक लाभ के अपने गाँव को पानीदार बनाने में लगी हुई हैं ।

अंत में सभी जल सहेलियों ने इस घोषणापत्र में शामिल मुद्दों को सभी राजनैतिक दलों के घोषणा पत्र में शामिल करने की अपील की।

इस अवसर पर जल सहेली सुधा,सरोज दल, रानी, ममता सहित सभी जल सहेलियों ने भी बुंदेलखंड के मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी।

बेंजामिन नेतन्याहू ने युद्ध विराम के लिए अमरीका की मांग को खारिज किया

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इजराइल और हमास के बीच लगभग एक महीने से चल रहे युद्ध को रोकने के कोई संकेत नहीं हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने युद्ध विराम की अमरीका की मांग ठुकरा दी है और कहा है कि जब तक हमास सभी बंधकों को रिहा नहीं कर देता युद्ध विराम नहीं हो सकता। अमरीकी अधिकारी ने एक टेलीविजन चैनल को बताया कि हमास का कहना है कि जब तक इजराइल फिलीस्‍तीनी बस्तियों में एम्‍बुलेंस पहुंचने की गारंटी नहीं देता, वह विदेशी नागरिकों को गाजा छोड़ने नहीं देगा।

इजराइली सेना ने कहा है कि उसके सैनिकों पर गोलाबारी के खतरे के बावजूद वह गाजा के लोगों को दक्षिण की ओर निर्धारित स्‍थानों पर जाने की अनुमति देगा और साथ ही आम नागरिकों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्‍चित करेगा। इस बीच अरब देशों ने गाजा में तुरंत युद्ध विराम की मांग की है लेकिन अमरीका का कहना है कि युद्ध विराम से हमास को दोबारा संगठित होने का मौका मिलेगा।

इस बीच, अमरीकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अम्‍मान में लेबनान, कतर और जॉर्डन के नेताओं के साथ बैठक की। अमरीकी विदेश मंत्री ने कहा कि उनका देश मानवीय उद्देश्‍यों के लिए युद्ध पर समय-समय पर रोक लगाने का समर्थन करता है।

 

भारत ने भूकंप प्रभावित नेपाल को आपात राहत सामग्री भेजी

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भारतीय वायु सेना का एक विशेष विमान राहत सामग्री की पहली खेप लेकर कल भूकंप प्रभावित नेपाल पहुंचा। दस करोड रुपये की इस राहत सामग्री में तंबू, कंबल, तिरपाल के साथ-साथ आवश्‍यक दवाइयां और चिकित्‍सा उपकरण शामिल हैं।

काठमांडू में भारतीय दूतावास ने एक वक्‍तव्‍य में कहा कि आपात राहत सामग्री की पहली खेप नेपाल गंज पहुंचाई गई है। भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने नेपाल के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री पूर्णबहादुर खडका को राहत सामग्री सौंपी।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने भूकंप प्रभावितों की हर संभव मदद की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी। आने वाले दिनों में भारत और राहत सामग्री भेजेगा।

नेपाल में शुक्रवार मध्‍यरात्रि के आस-पास 6.4 तीव्रता के भूकंप के कारण 157 लोगों की मृत्यु और 250 से अधिक घायल हो गये।

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