देश के 75 चयनित शिक्षक ‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार’ से होंगे सम्मानित

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देश के विकास में कई कारकों का योगदान होता है। शिक्षा भी उनमें से एक है। ऐसे में शिक्षा का अलख जगाने वाले देश के शिक्षकों के सम्मान में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। 5 सितंबरको शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में 75 शिक्षकों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु वर्ष 2023 के राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करेंगी।

दरअसल, भारत में हर वर्ष 5 सितंबर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करने का उद्देश्य देश के शिक्षकों के अद्वितीय योगदान को रेखांकित करना और ऐसे शिक्षकों का सम्मान करना है जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता व परिश्रम से न सिर्फ स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया है बल्कि अपने छात्रों के जीवन को भी समृद्ध किया है। पुरस्कार के रूप में प्रमाणपत्र, 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार और एक रजत पदक प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार विजेताओं को माननीय प्रधानमंत्री के साथ बातचीत करने का भी अवसर मिलेगा।

शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षा मंत्रालय का स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग प्रति वर्ष 5 सिंतबर को एक राष्ट्रीय समारोह का आयोजन करता है जिसमें एक कठोर और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से चुने गए देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।

 

वजीराबाद में सक्षम का जन जागरण

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दिव्यांगों के लिए समर्पित संगठन “सक्षम” ने राष्ट्रीय नेत्रदान जनजागरण यात्रा निकाली

सक्षम (समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल) एक राष्ट्रीय संगठन है जो 21 प्रकार की दिव्यांगता के क्षेत्र
में काम करता है मुख्य रूप से सक्षम दो काम करता है दिव्यांगता निवारण और दिव्यांगजन सशक्तिकरण।

03 सितंबर 2023 सायं 5 बजे से वजीराबाद हनुमान मंदिर से शुरू हुई।सक्षम इंद्रप्रस्थ के बुराड़ी जिले ( उत्तरी विभाग) मे राष्ट्रीय नेत्रदान जनजागरण पखवाडा के अंतर्गत नेत्रदान जनजागरण यात्रा निकाली गई। जो 4 किलोमीटर तक यह यात्रा निकाली।जिसमे समाज के सभी वर्ग महिलाए, बच्चे ,पुरूष और दिव्यांगजन ने भाग लिया।नेत्रदान के बारे मे बताया गया और नेत्रदान संकल्प पत्र भरवाए गए। लोगों में नेत्रदान के प्रति जो भ्रांतियां हैं। जैसे कि नेत्रदान में पूरी आँख निकाल ली जाती हैं।, मृत्यु के पश्चात अगले जन्म में लोग अंधे पैदा होते हैं की भ्रांतियों को समझाया गया कि नेत्रदान महादान। एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो व्यक्ति को नेत्र मिल जाता हैं। और वह इस संसार को देख पाता हैं।इस अवसर पर 25 लोगो ने नेत्रदान संकल्प पत्र भी भरा।

यात्रा के दौरान रास्ते में सक्षम का स्लोगन ‘सक्षम भारत समर्थ भारत’ जीते जीते रक्तदान जाते जाते नेत्रदान, नेत्रदान महादान का नारा लगाया। रास्ते में लोगों को सक्षम का नेत्रदान का पंपलेट भी दिया गया। यात्रा में लगभग 100 से अधिक की संख्या रही। यात्रा के बीच में और अंत में यात्रा में शामिल लोगो को जलपान भी कराया गया।

इस अवसर पर आशुतोष (युवा प्रमुख उत्तरी विभाग),बुराड़ी जिला सक्षम सचिव बलिराम,बुराड़ी जिला सेवा प्रमुख निर्मल और संघ के कार्यकर्ता और अन्य दिव्यांग भाई बंधु उपस्थित रहे।

I.N.D.I.A. गठबंधन के अस्तित्व में आते ही शुरू हो गए हिंदु विरोधी बयान संयोग या प्रयोग?

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अमित श्रीवास्तव।

INDIA गठबंधन की कवायद के साथ ही इसके क्षेत्रीय घटक दलों की रणनीति में एक जैसे राजनीति पैतरे नजर आ रहे हैं।
पहले स्वामी प्रसाद मौर्या फिर बिहार के शिक्षा मंत्री, केरल में मुस्लिम लीग द्वारा हिंदुओं के काटने का नारा लगाना, अब तमिलनाडु में सनातन विरोधी बयान और बढ़ते हुए कर्नाटक तक पहुंच जाना,….

क्या हिंदुओं को उकसाने का प्रयास हो रहा है ताकि नफरत के बाजाए की थ्योरी स्थापित की जा सके?

क्या मुस्लिम मतदाताओं के मन में भाजपा के प्रति टूटते मिथक व बढ़ते विश्वास से घबरा गए है कुछ दल?

क्या अब क्षेत्रीय पार्टियों में होड़ लग गई है मुस्लिम वोट को बांधे रखने की।

काँग्रेस की मजबूती होती स्थिति से सबसे ज्यादा खतरा इन्हीं क्षेत्रीय दलों को ही है। क्या कॉंग्रेस के दूर छिट कर इन क्षेत्रीय दलों में गए मुस्लिम मतदाताओं को बांधे रखने का दबाव ये दल महसूस कर रहे हैं? और इस दबाव का ही परिणाम है ऐसे बयान?

कारण जो भी हो इतनी समझ तो बन रही है कि एक योजना के अंतर्गत ये सारे बारी बारी से आ रहे हैं।

यदि काँग्रेस पूर्व की भांति धर्म व इनके सहयोगी क्षेत्रीय दल जाति की राजनीति को हवा देना चाहते हैं तो इसका नुकसान कोंग्रेस को ही होगा क्योंकि भाजपा कॉंग्रेस को तुष्टिकरण करने वाला घोषित कर देगी। जातियों का वोट बैंक काँग्रेस के पास बचा नहीं है और मुस्लिम उस पार्टी के साथ जाता आया है जो भाजपा को न सिर्फ टक्कर दे अपितु कॉंग्रेस से ज्यादा तुष्टिकरण करें।

एक दिसंबर को ब्राजील को सौंपी जाएगी G20 थिंक की कमान

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आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए भारतीय नौसेना ने विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित इंटर स्कूल क्विज प्रतियोगिताओं को राष्ट्रीय स्तर की स्कूल क्विज प्रतियोगिता ‘द इंडियन नेवी क्विज़’ (थिंक) में बदल दिया था। इस वर्ष G20 की अध्यक्षता संभालने पर भारत के लिए यह एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम बन गया, इसलिए इसका नाम बदलकर ‘G20 थिंक’ कर दिया गया।

राष्ट्रीय राउंड के पूरा होने पर सभी फाइनलिस्टों में से दो सर्वश्रेष्ठ क्विजर्स को अंतरराष्ट्रीय दौर में ‘टीम इंडिया’ का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना जाएगा। G20 थिंक के अंतरराष्ट्रीय दौर में दुनियाभर से युवा और प्रतिभाशाली दिमागों का प्रतिनिधित्व देखने को मिलेगा। इस दौर में G20 देशों की टीमें और 9 अन्य देशों के विशेष आमंत्रित सदस्य भाग लेंगे। प्रत्येक टीम में दो छात्र शामिल होंगे। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों को इस दौरान भारत की विविध विरासत और संस्कृति का अनुभव करने का अवसर मिलेगा। इन सभी को देश के विभिन्न लोकप्रिय पर्यटक स्थलों और प्रतिष्ठित स्थलों पर ले जाया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर का फाइनल 22 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित होगा।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के बाद एक दिसंबर को नई दिल्ली में होने वाले एक कार्यक्रम के साथ ही ‘जी-20 थिंक’ की शृंखला का समापन होगा। इसी दिन भारत अगले G20 शिखर सम्मेलन की कमान ब्राजील को सौंपेगा। दरअसल, विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के युवाओं को एक साथ लाकर उन्हें ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना में स्थायी मित्रता बनाने में सक्षम बनाने के लिए क्विज जी-20 थिंक की अवधारणा रखी गई थी।

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