युवा कलाकारों की नई पौध तैयार करने में जुटी हैं-रश्मि खन्ना

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भरतनाट्यम एक ऐसी कला है जो शिल्पकला, काव्य कला और नाट्य के अतिरिक्त अन्य कलाओं को भी अंगीकृत किए हुए है। यह एक पूर्ण कला है, जो हमारे जीवन का अविभाज्य अंग है। जब किसी इंसान में भावनात्मक उद्वेग जागृत होता है तो वह स्वतः ही उसके अंग-प्रत्यंगों से अभिव्यक्त होने लगता है। भाषा और गीत के जन्म से पहले मनुष्य को विभिन्न पशु-पक्षियों की ध्वनियां, उनका उछलना-कूदना, अपनी भावना के अनुरूप अच्छा लगता था। आनंदातिरेक में मनुष्य के कूदने और अव्यवस्थित तालियां बजाने से ही नृत्य और ताल के विधिवत् जन्म की नींव पड़ी। ऐसा महान कलाकार उदयशंकर मानते थे।

नृत्य सीखना और सिखाना दोनों आनंद की अनुभूति से गुजरना है। ऐसा भरतनाट्यम नृत्यांगना और गुरु रश्मि खन्ना मानती हैं। वह गुरु कल्याणी शेखर की शिष्या हैं, जिनके गुरु के एन दंडयुद्धपाणी पिल्लै रहे। गुरु रश्मि ने भरतनाट्यम के अलावा, लोकनृत्य, कथक और छऊ भी सीखा है। वह भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद, साहित्य कला परिषद और दूरदर्शन की मान्यता प्राप्त कलाकार हैं। रश्मि ने कर्नाटक संगीत की शिक्षा विजय लक्ष्मी कृष्णन और विद्वान जी इलंगोवन के सानिध्य में ग्रहण की है। नटुवंगम की बारीकियों को हेमंत लक्ष्मण से सीख रही हैं।

गुरु रश्मि मानती हैं कि कला की दुनिया में सीखना निरंतर चलता रहता है। वह कहती हैं कि मैं अपनी गुरु कल्याणी शेखर से बहुत प्रभावित रही। जब तक वह जीवित रहीं, मैं अपनी सारी व्यस्तताओं के बावजूद हर वृहस्पतिवार उनके सान्निध्य में रह कर व्यतीत करती थी। मुझे उन्होंने बहुत ज्ञान दिया है। उसको संभाल कर पाऊं। वही मेरे लिए बहुत है। इनदिनों मैं गुरु गोविंदराजन पर शोधकार्य कर रही हूं। उन्होंने राजधानी दिल्ली में रहकर भरतनाट्यम नृत्य और कर्नाटक संगीत के क्षेत्र में अपूर्व योगदान दिया है। उन्होंने जी इलंगोवन, मैरी इलंगोवन और जी रघुरामन जैसे बहुत से कलाकारों को तैयार किया। अपने शोध के माध्यम से मैं उनको आज की पीढ़ी के सामने लाना चाहती हैं।

बहरहाल, राजधानी दिल्ली में उन्होंने अपने नृत्य संस्थान का नामकरण गुरु कल्याणी शेखर के नाम पर कल्याणी कला मंदिर रखा है। यह संस्थान पिछले पच्चीस सालों में लगभग दौ सौ प्रस्तुतियों का आयोजन कर चुका है। कल्याणी कला मंदिर में लगभग दो सौ छात्राएं भरतनाट्यम सीख रही हैं। अब तक गुरु रश्मि खन्न ने बीस छात्राओं को अरंगेत्रम के जरिए मंच प्रवेश की अनुमति प्रदान की है। इन प्रस्तुतियों में गुरु के एन दंडयुद्धपाणी पिल्लै, गुरु कल्याणी शेखर और गुरु रश्मि खन्न की नृत्य रचनाओं को पेश किया गया है। नृत्य समारोह में गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर, काजी नजरूल, तुलसीदास, संत कबीरदास, महाराजा स्वाति तिरूनाल आदि की रचनाओं पर आधारित प्रस्तुतियां दर्शकों को मोह लेती हैं।

गुरु रश्मि खन्ना ने एकल साधना के जरिए अपनी शिष्याओं को अरंगेत्रम के लिए तैयार किया है।

पिछले दिनों इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित अरंगेत्रम समारोह में उनकी दो युवा शिष्याएं आद्या और श्रेशा ने नृत्य प्रस्तुत किया। उनकी युगल प्रस्तुति में प्रथम पुष्पांजलि थी। यह राग गंभीर नाटई और आदि ताल में निबद्ध थी। इसके अगले अंश में गणेश तांडव थी। मराठी अंभग रचना ‘तांडव नृत्य करि गजानन‘ राग हंसध्वनि और आदि ताल में निबद्ध थी। वरणम में वात्सल्य भाव का विवेचन था। इसमें परिवार के महत्व को पेश किया गया। रचना ‘नंदनंदन आरा रो इंदुड‘ राग आभोगी और आदि ताल में निबद्ध थी। संत दयानंद सरस्वती की रचना ‘भो शंभो स्वयंभो‘ पर आधारित अगली पेशकश थी। यह राग रेवती और आदि ताल में निबद्ध थी। गायक जी इलंगोवन रचित और संगीतबद्ध रचना पर आद्या और श्रेशी ने नृत्य में पिरोया। ‘राम मेरे राम, श्याम मेरे श्याम‘ को इलंगोवन ने राग पीलू का आधार लेकर गाया। अंतिम प्रस्तुति तिल्लाना थी। यह राग हिंदोलम में थी।

अरंगेत्रम समारोह में प्रस्तुत नृत्य रचनाओं की परिकल्पना गुरु कल्याणी शेखर और गुरु रश्मि खन्ना ने की थी। शिष्याएं आद्या और श्रेशा ने संुदर नृत्य पेश किया। उनका अंग संचालन, पैर संचालन, भाव भंगिमा उम्र और अनुभव के अनुकूल था। समय के साथ धीरे धीरे वह दोनों और परिपक्व होंगी।

कृति सेनन और कबीर बहिया की प्रेम कहानी

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मुम्बई। बॉलीवुड की चमक-दमक और ग्लैमर से भरी दुनिया में, जहां हर कदम पर कैमरे की नजरें होती हैं, कृति सेनन और कबीर बहिया की प्रेम कहानी ने हाल के दिनों में खूब सुर्खियां बटोरी हैं। कृति सेनन, एक जानी-मानी बॉलीवुड अभिनेत्री, जिन्होंने अपनी खूबसूरती, अभिनय और प्रोफेशनलिज्म से लाखों दिल जीते हैं, और कबीर बहिया, एक युवा, सफल और लंदन बेस्ड भारतीय बिजनेसमैन, की जोड़ी ने सोशल मीडिया और मीडिया में तहलका मचा रखा है। दोनों के रिश्ते की शुरुआत, उनकी मुलाकातें, और खासकर लंदन की सैर और लॉर्ड्स स्टेडियम की घटना ने इस प्रेम कहानी को एक नया आयाम दिया है। आइए, इस रोमांटिक कहानी को विस्तार से समझते हैं, जिसमें लॉर्ड्स स्टेडियम और लंदन यात्रा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

प्रेम कहानी की शुरुआत

कृति सेनन और कबीर बहिया की प्रेम कहानी की शुरुआत को लेकर कई अटकलें हैं, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स का दावा है कि इस जोड़ी को कृति की छोटी बहन, नूपुर सेनन ने मिलवाया था। नूपुर, जो खुद एक अभिनेत्री हैं, और कबीर की दोस्ती ने इस रिश्ते की नींव रखी। दोनों को पहली बार 2024 की शुरुआत में दुबई में एक साथ देखा गया, जहां वे एक पार्टी में शामिल थे। इसके बाद, कृति और कबीर को कई मौकों पर एक साथ स्पॉट किया गया, जैसे लंदन की होली पार्टी, नया साल का सेलिब्रेशन, और ग्रीस में कृति के 34वें जन्मदिन का उत्सव। इन मौकों ने उनके रिश्ते की अफवाहों को और हवा दी।कृति सेनन, जो हमेशा अपनी निजी जिंदगी को लेकर बेहद निजी रही हैं, ने शुरू में इन अफवाहों को नजरअंदाज किया और खुद को “सिंगल” बताया। वहीं, कबीर, जो सोशल मीडिया पर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर कम सक्रिय रहते हैं, ने भी अपने रिश्ते पर कोई टिप्पणी नहीं की। लेकिन जैसे-जैसे उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे, यह साफ हो गया कि दोनों के बीच कुछ खास है।

मिस्ट्री मैन कबीर बहिया

कबीर बहिया, जिनका जन्म नवंबर 1999 में हुआ, एक 25 वर्षीय लंदन बेस्ड बिजनेसमैन हैं। वह एक अमीर भारतीय एनआरआई परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता, कुलजिंदर बहिया, यूके की मशहूर ट्रैवल एजेंसी साउथहॉल ट्रैवल के संस्थापक हैं, जिनकी नेट वर्थ 2019 की एक रिपोर्ट के अनुसार 427 मिलियन पाउंड (लगभग 3500 करोड़ रुपये) थी। कबीर स्वयं वर्ल्डवाइड एविएशन एंड टूरिज्म लिमिटेड के संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई इंग्लैंड के प्रतिष्ठित मिलफील्ड बोर्डिंग स्कूल से पूरी की और रीजेंट यूनिवर्सिटी, लंदन से बिजनेस, मैनेजमेंट और मार्केटिंग में डिग्री हासिल की।कबीर का क्रिकेट के प्रति प्रेम भी उनकी सोशल मीडिया प्रोफाइल से साफ झलकता है। वह स्कूल के दिनों में क्रिकेट खेला करते थे और भारतीय क्रिकेटरों, जैसे महेंद्र सिंह धोनी, हार्दिक पांड्या, ऋषभ पंत, और रोहित शर्मा के साथ उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर देखी जा सकती हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कबीर धोनी की पत्नी साक्षी के रिश्तेदार हैं, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

लंदन की सैर

कृति और कबीर की प्रेम कहानी में लंदन का एक खास स्थान है। 2024 में, कृति को लंदन की सड़कों पर एक “मिस्ट्री मैन” के साथ हाथ में हाथ डाले देखा गया, जिसे बाद में कबीर बहिया के रूप में पहचाना गया। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और प्रशंसकों ने इस जोड़ी की तारीफ में कोई कसर नहीं छोड़ी। एक यूजर ने लिखा, “कबीर बहिया काफी आकर्षक हैं, शाबाश कृति!” इस तस्वीर ने दोनों के रिश्ते की अटकलों को और मजबूत किया।लंदन में उनकी मुलाकातें और साथ बिताए पल प्रशंसकों के लिए रोमांच का विषय बन गए। 2024 में कृति के जन्मदिन के दौरान, दोनों को ग्रीस के मायकोनोस में एक साथ वेकेशन मनाते देखा गया। तस्वीरों में दोनों एक जैसा श्रग पहने हुए नजर आए, और कृति का एक वीडियो, जिसमें वह सिगरेट पीते हुए दिखीं, ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं। हालांकि, कृति ने इस वीडियो पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन यह उनके प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।

लॉर्ड्स स्टेडियम

कृति और कबीर की प्रेम कहानी का सबसे चर्चित क्षण 2025 में लॉर्ड्स स्टेडियम में आया, जब दोनों को भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे टेस्ट मैच के पांचवें दिन एक साथ देखा गया। यह पहली बार था जब कबीर ने कृति के साथ अपनी एक सेल्फी सार्वजनिक रूप से इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा की। इस तस्वीर में दोनों बेहद खुश और रिलैक्स नजर आ रहे थे, और पीछे लॉर्ड्स का ऐतिहासिक क्रिकेट ग्राउंड साफ दिखाई दे रहा था। कृति ने बेज रंग की स्लीवलेस जैकेट और कबीर ने सफेद टी-शर्ट के साथ बेज जिपर जैकेट पहनी थी। इस तस्वीर ने प्रशंसकों को उत्साहित कर दिया, और कई लोगों ने इसे उनके रिश्ते की “आधिकारिक पुष्टि” के रूप में देखा।लॉर्ड्स स्टेडियम की यह घटना इसलिए भी खास थी क्योंकि यह पहली बार था जब कबीर ने कृति के साथ अपनी तस्वीर को इतने खुले तौर पर साझा किया। इससे पहले, दोनों को कई बार एक साथ देखा गया था, लेकिन कबीर की यह स्टोरी एक तरह से उनके रिश्ते को स्वीकार करने का संकेत माना गया। सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ प्रशंसकों ने लिखा, “कृति और कबीर की जोड़ी परफेक्ट है!” जबकि कुछ ने उनकी उम्र के अंतर (कृति 34 और कबीर 25) पर टिप्पणी की।लॉर्ड्स में बिताए इन पलों ने न केवल उनके रिश्ते को सुर्खियों में ला दिया, बल्कि यह भी दिखाया कि दोनों अपने रिश्ते को अब छुपाने के मूड में नहीं हैं। कबीर ने स्टेडियम से कई तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जिसमें उनकी क्रिकेट के प्रति दीवानगी और कृति के साथ उनकी केमिस्ट्री साफ झलक रही थी।

रिश्ते की अफवाहें और शादी की अटकलें

कृति और कबीर के रिश्ते को लेकर चर्चाएं तब और तेज हो गईं जब 2025 की शुरुआत में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने दावा किया कि दोनों इस साल शादी की योजना बना रहे हैं। फरवरी 2025 में, दोनों को मुंबई एयरपोर्ट पर एक साथ देखा गया, जहां वे कथित तौर पर कबीर के माता-पिता से मिलने दिल्ली जा रहे थे। इस दौरान कृति ने मास्क और काला चश्मा पहनकर अपनी पहचान छुपाने की कोशिश की, लेकिन उनकी और कबीर की तस्वीरों ने प्रशंसकों का ध्यान खींच लिया।कृति ने एक इंटरव्यू में शादी की अफवाहों को “बेहद परेशान करने वाला” बताते हुए खारिज किया, लेकिन उनकी और कबीर की नजदीकियां इन अटकलों को कम करने में नाकाम रहीं। दोनों को दीवाली पार्टियों, फैमिली गैदरिंग्स, और वेकेशन्स पर एक साथ देखा गया, जिसने उनके रिश्ते को और मजबूत करने का संकेत दिया।

प्रोफेशनल फ्रंट और निजी जिंदगी

कृति सेनन ने बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उनकी हालिया फिल्में जैसे क्रू, तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया, और दो पत्ती (जिसे उन्होंने प्रोड्यूस भी किया) ने उनकी प्रतिभा को और उजागर किया है। वह जल्द ही आनंद एल राय की फिल्म तेरे इश्क में में धनुष के साथ नजर आएंगी, जो नवंबर 2025 में रिलीज होने वाली है।कृति ने हमेशा अपनी निजी और प्रोफेशनल लाइफ को अलग रखने की कोशिश की है, लेकिन कबीर के साथ उनकी तस्वीरें और सार्वजनिक उपस्थिति ने उनकी निजी जिंदगी को सुर्खियों में ला दिया। फिर भी, वह अपनी प्रोफेशनल प्रतिबद्धताओं को बखूबी निभा रही हैं, और उनकी यह खासियत प्रशंसकों को और आकर्षित करती है।

एक आधुनिक प्रेम कहानीकृति सेनन और कबीर बहिया की प्रेम कहानी एक आधुनिक रोमांस की मिसाल है, जहां दो अलग-अलग दुनिया के लोग एक-दूसरे के करीब आए। लंदन की सड़कों से लेकर लॉर्ड्स स्टेडियम तक, उनकी कहानी ने प्रशंसकों को रोमांचित किया है। हालांकि दोनों ने अपने रिश्ते को आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है, लेकिन उनकी तस्वीरें, साथ बिताए पल, और कबीर की इंस्टाग्राम स्टोरी इस बात का प्रमाण हैं कि यह जोड़ी एक-दूसरे के साथ बेहद खुश है। भविष्य में क्या होगा, यह तो समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल कृति और कबीर की यह प्रेम कहानी बॉलीवुड की सबसे चर्चित कहानियों में से एक है।

रणबीर कपूर की महाकाव्य यात्रा

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भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने को तैयार, नितेश तिवारी की रामायण एक ऐसी फिल्म है जो न केवल संस्कृति और परंपरा का उत्सव है, बल्कि तकनीकी और कलात्मक उत्कृष्टता का भी प्रतीक है। इस दो-भाग वाली महाकाव्य फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका में हैं, जो अपनी गहराई और संवेदनशील अभिनय के लिए जाने जाते हैं। यह कहानी केवल एक पौराणिक कथा की पुनर्रचना नहीं, बल्कि भारतीयता के गौरव को विश्व मंच पर ले जाने का एक साहसिक प्रयास है।कहानी शुरू होती है अयोध्या के भव्य दरबार से, जहां रणबीर कपूर का राम एक आदर्श पुत्र, भाई और पति के रूप में सामने आता है। उनकी आँखों में शांति और दृढ़ता का अनोखा मेल है, जो राम के चरित्र को जीवंत करता है।

साई पल्लवी, जो सीता की भूमिका में हैं, अपनी सादगी और सशक्त अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लेती हैं। दूसरी ओर, यश का रावण एक नई गहराई के साथ सामने आता है-उनका किरदार न केवल क्रूरता का प्रतीक है, बल्कि उसकी आंतरिक जटिलताएँ भी दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती हैं।

सनी देओल हनुमान के रूप में शक्ति और भक्ति का अनूठा संगम लाते हैं, जबकि रवि दुबे लक्ष्मण के रूप में भाईचारे की मिसाल पेश करते हैं।फिल्म का पहला हिस्सा, जो दिवाली 2026 में रिलीज होगा, राम के वनवास और सीता हरण तक की कहानी को दर्शाएगा। इसमें भव्य युद्ध दृश्य, अत्याधुनिक VFX और हंस जिमर व ए.आर. रहमान का संगीत दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेगा। दूसरा हिस्सा, जो दिवाली 2027 में आएगा, राम-रावण युद्ध और अयोध्या वापसी के साथ कहानी को समापन तक ले जाएगा।

4000 करोड़ रुपये के विशाल बजट के साथ, यह फिल्म भारतीय सिनेमा की अब तक की सबसे महंगी परियोजना है, जिसमें हॉलीवुड के शीर्ष स्टंट डायरेक्टर और प्रोडक्शन डिजाइनर शामिल हैं।

रणबीर कपूर का राम न केवल एक योद्धा है, बल्कि एक ऐसा नायक है जो आधुनिक दर्शकों से भावनात्मक रूप से जुड़ता है। यह रामायण भारतीय सिनेमा को वैश्विक स्तर पर नई ऊँचाइयों तक ले जाने का वादा करती है।

LJP (Ram Vilas) Youth Wing’s National Executive Meeting on July 21 in New Delhi, Chirag Paswan to Attend

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Patna — The National Executive Meeting of the Youth Wing of the Lok Janshakti Party (Ram Vilas) is scheduled to be held on July 21 at the Constitution Club, New Delhi. The meeting will be attended by Party’s National President Shri Chirag Paswan, Members of Parliament, and other senior leaders of the organization.

The event is being organized under the leadership of Shri Pranav Kumar, the National President of the Youth Wing. Representatives from several states are expected to participate, making this meeting crucial in view of the preparations for the upcoming Bihar Assembly elections in 2025.

Dr. Vibhay Kumar Jha, National Vice President of the Youth Wing and Party Spokesperson, stated that the meeting will focus on organizational strengthening and election strategy. He added that both Shri Chirag Paswan and Shri Pranav Kumar will energize and motivate the youth workers during the event.

Dr. Jha further informed that a large number of young participants from Bihar are expected to join the meeting in Delhi, showcasing their dedication and enthusiasm toward the party. According to him, the meeting will include detailed discussions on the party’s strategy for the 2025 Bihar elections. A key focus will be on spreading the “Bihar First, Bihari First” vision across every village and town.

Additionally, the party will deliberate on the organizational expansion and empowerment of the Youth Wing. Special emphasis will be placed on social media and digital campaign strategies, under the leadership of Shri Pranav Kumar, to connect with more young people.

This meeting is seen as a decisive step towards unifying the party’s youth leadership and preparing them for the challenges ahead. With the slogan “Bihar First, Bihari First”, the LJP (Ram Vilas) is actively working to strengthen its grassroots presence, particularly in Bihar, while expanding its national footprint.

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