100 महिला कलाकार पारम्परिक वाद्ययंत्रों के साथ करेंगी गणतंत्र दिवस परेड का आगाज

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75वें गणतंत्र दिवस की झांकी को लेकर संस्कृति मंत्रालय ने राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता में केंद्रीय संस्कृति राज्यमंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी, केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सचिव श्री गोविंद मोहन, केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती उमा नंदुरी, केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती अमिता प्रसाद साराभाई, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी, संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष श्रीमती डॉ. संध्या पुरेचा और केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की अपर महानिदेशक (मीडिया एवं संचार) श्रीमती बीना यादव मौजूद थीं।

केन्द्रीय राज्यमंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने बताया कि ‘विकसित भारत’ और ‘भारतः लोकतंत्र की जननी’ थीम पर होने वाली परेड का आगाज पहली बार 100 महिला कलाकार अपने-अपने राज्यों की वेषभूषा के साथ शंख, नगाड़ा और अन्य पारंपरिक वाद्ययंत्रों को बजाते हुए करेंगी। इसके साथ पहली बार 30 राज्यों की 1,500 महिला कलाकार लोकनृत्य और शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत करेंगी। इसके साथ कर्तव्य पथ पर ‘अनंत सूत्र’ प्रदर्शनी के अंतर्गत सभी राज्यों की करीब 1,900 साड़ियां प्रदर्शित की जाएंगी।

केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय के सचिव श्री गोविंद मोहन ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह सप्ताह के दौरान विविध प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती ‘पराक्रम दिवस’ से लेकर महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी तक चलेंगे। उन्होंने कहा, इस वर्ष हम जो कर रहे हैं, उसमें सबसे पहली बात यह है कि वह सरकार के सिद्धांतों की निरंतरता में है, जिसमें गणतंत्र दिवस और गणतंत्र सप्ताह की सामान्य परम्परा, जिसका अब तक पालन किया जाता है, के साथ सांस्कृतिक तत्वों को और अधिक मजबूती से शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि सामान्य परम्पराओं, जो मोटे तौर पर देश की सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन है, इसमें पहले की तरह ही समाहित की गई हैं। साथ ही, हमने सरकारी नीतियों के अनुसरण में अब इस महान और विविधतापूर्ण देश की संस्कृति को अधिक से अधिक प्रदर्शित करना शुरू कर दिया है। इसलिए, इस बार प्रदर्शन बड़े पैमाने पर होंगे और इस देश की कला व संस्कृति को प्रदर्शित करने के तरीकों में और अधिक विविधता होगी।

केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय की संयुक्त सचिव अमिता प्रसाद ने बताया कि 75वें गणतंत्र दिवस की शुरुआत पराक्रम दिवस से हुई। लाल किले परिसर से इसका शुभारम्भ 23 जनवरी, मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया। लाल किला परिसर में सात दिनों तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नेता जी की यादें लाल किले से जुड़ी रहीं, इसलिए इस स्थान का चयन किया गया है। यहां ललित कला अकादमी, राष्ट्रीय अभिलेखागार द्वारा विभिन्न प्रदर्शनी लगाई जा रही हैं। सुभाष चंद्र बोस नेता जी के जीवन से जुड़े पत्र, ऑडियो भाषण आदि मुख्य दस्तावेज रखे गए हैं। वहीं, रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक भी यहां मौजूद रहेंगे। इसके साथ 270 डिग्री का थियेटर बनाया गया है, जहां उनके जीवन पर वीडियो भी देखा जा सकता है। इसकी स्क्रिप्ट अतुल तिवारी ने लिखी है। 31 जनवरी तक यहां कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

वहीं, उन्होंने बताया कि इस बार कर्तव्य पथ पर ‘अनंत सूत्र’ एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इसकी नोडल एजेंसी इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र है। कर्तव्यपथ के दोनों ओर इस प्रदर्शनी को लगाया जा रहा है। हम ‘अनंत सूत्र’ के माध्यम से नारी शक्ति को प्रणाम कर रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि एक ‘क्यूआर कोड’ दिया गया है। इसे स्कैन करते ही इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की वेबसाइट पर सीधे पहुंचकर साड़ी की जानकारी मिल जाएगी। 150 साल पुरानी एक साड़ी भी प्रदर्शित की जाएगी, जो कश्मीर और पंजाब की कोटा पंथी कला को दर्शा रही है।

संगीत नाटक अकादमी की सचिव डॉ. संध्या पुरेचा ने बताया कि 26 जनवरी परेड की शुरुआत हमेशा सैन्य बैंड के साथ की जाती है, लेकिन इस बार महिला कलाकार पारम्परिक वाद्ययंत्रों के साथ परेड का आगाज करेंगी। पिछले एक महीने से ये महिला कलाकार नृत्य प्रस्तुति का अभ्यास कर रही हैं।
इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव डा. सच्चिदानंद जोशी ने बताया कि इस बार संस्कृति मंत्रालय की झांकी की थीम ‘लोकतंत्र की जननी’ है। उन्होंने कहा कि संस्कृति मंत्रालय ने विगत वर्षों में लोकतंत्र की जननी पर काफी शोध किया गया है। इसका प्रमाण नए संसद भवन के कला कार्य से मिलता है। झांकी के पहले ट्रॉलर में वैदिक काल या उसके भी पहले लोकतांत्रिक परम्पराओं का कैसे अनुसरण होता रहा है, यह दिखाया जाएगा।

इसमें जूनागढ़ के अशोक के शिलालेख की प्रतिकृति भी लगाई है। हमारा जो दूसरा ट्रैक्टर है, उस पर हमने एक आकृति प्रस्तुत की है, उसमें हमारे संविधान के प्रारूप समिति के अध्यक्ष बाबासाहब अम्बेडकर हमारे संविधान को संविधान समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद को सौंप रहे हैं। चूंकि हम भारतीय गणतंत्र के 75वें वर्ष को मना रहे हैं, इसलिए यह सामयिक है कि हम उस ऐतिहासिक अवसर को सबके सामने पुनर्जीवित करने का प्रयास करें। और, उसके पीछे हमारी एक बहुत ही विशेष प्रस्तुति है, जो कि संभवतः पहली बार कर्तव्य फथ पर दिखाई जा रही है। हमने ‘एनामॉर्फिक कंटेंट’, जो थ्री-डी डिजिटल तकनीक का एडवांस स्वरूप है, उसके माध्यम से हम कुछ और चीजों को भी लोकतंत्र की जननी के रूप में दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। इसमें स्वतंत्रता के बाद लोकतंत्र की यात्रा को दिखाया गया है कि कैसे लोकतंत्र की यात्रा बैलेट से चलकर चुनाव ईवीएम तक आ पहुंची है।

प्राण प्रतिष्ठा के लिए जामिया मिलिया इस्लामिया में 22 जनवरी को आधे दिन की छुट्टी

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22 जनवरी को राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक मौके पर कई राज्यों ने अपने यहां अवकाश घोषित कर रखा है। केंद्रीय कार्यालयों में भी उस दिन हाफ डे घोषित कर रखा है। इसी कड़ी में दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय ने भी 22 जनवरी को राम मंदिर में मूर्ति स्थापना समारोह के चलते आधे दिन की छुट्टी घोषित कर रखी है। उस दिन सभी कक्षाएं और कार्य दोपहर 2:30 बजे तक स्थगित रहेंगे।

आदेश के अनुसार, जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति ने भारत सरकार के निर्देश के मुताबिक, अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले राम लला की मूर्ति स्थापना समारोह के चलते विश्वविद्यालय को आधे दिन के लिए बंद रखने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि 22 जनवरी को विश्वविद्यालय में दोपहर 2:30 बजे तक सभी कक्षाएं और अन्य गतिविधियां स्थगित रहेंगी।

यह छुट्टी विश्वविद्यालय से जुड़े सभी संस्थानों, केंद्रों और स्कूलों पर भी लागू होगी। जामिया के डिप्टी रजिस्ट्रार ने कहा कि परीक्षा और निर्धारित बैठकें हमेशा की तरह आयोजित की जाएंगी। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, देश भर के सभी केंद्र सरकार के कार्यालय, केंद्रीय संस्थान और केंद्रीय औद्योगिक प्रतिष्ठान दोपहर 2:30 बजे तक आधे दिन के लिए बंद रहेंगे।

अगले तीन वर्षों में नक्‍सलवाद मुक्‍त होगा देश : अमित शाह

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गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि अगले तीन वर्षों में देश नक्‍सलवाद से मुक्‍त हो जाएगा। असम के तेजपुर में आज सशस्‍त्र सीमा बल के 60वें स्‍थापना दिवस पर उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में अगले तीन वर्षों में देश नक्‍सलवाद के प्रभाव से पूरी तरह मुक्‍त हो जाएगा।

उन्‍होंने देश में नक्‍सलवाद का प्रभाव कम करने में केन्‍द्रीय रिजर्व पुलिस बल और सीमा सुरक्षा बल के साथ-साथ सशस्‍त्र सीमा बल की भूमिका की भी सराहना की। शाह ने कहा कि एसएसबी न केवल अर्न्‍तराष्‍ट्रीय सीमाओं की रक्षा कर रहा है, बल्कि देश के सीमावर्ती क्षेत्रों की संस्‍कृति और विरासत के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्‍होंने कहा कि एसएसबी सीमाओं की रक्षा करते हुए इसमें स्‍थानीय लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित कर रहा है।

गृह मंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों और हथियारों को बरामद करने में एसएसबी के सुरक्षाकर्मियों की भूमिका को भी सराहा। मोदी सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए श्री शाह ने कहा कि केन्‍द्रीय सशस्‍त्र पुलिस बलों में पिछले नौ वर्षों में पौने दो लाख नई भर्ती की गई हैं।

उत्तर प्रदेश महोत्सव में याद की गई स्मृतिशेष विभूतियाँ

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सैकड़ों दर्शकों के बीच गूंजे काव्य के स्वर

कोंच ( जालौन) सूबे की राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश महोत्सव के मंच पर कोंच इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में समाज के लिए योगदान देने वाली विभूतियों को याद किया गया और उनकी स्मृति में लोगो को सम्मानित किया गया।

देर रात तक फेस्टिवल के संयोजन में चले अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में वरिष्ठ पत्रकार, रंगकर्मी एवं रामलीला विशेषज्ञ पं श्री रमेश तिवारी वरिष्ठ साहित्यकार रामरूप पंकज वरिष्ठ पत्रकार कृष्णगोपाल रिछारिया, वरिष्ठ समाजसेवी किशोरीशरण सक्सेना, रिटा. डीजीपी गिरीश बिहारी एवं वरिष्ठ समाजसेवी राजीव अग्रवाल वरिष्ठ पत्रकार राजीव तलवाड़ को याद करते हुए उनकी स्मृति में विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों को सम्मानित किया गया।

कोंच इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कवि भास्कर सिंह माणिक गीतकार एवं साहित्यकार दिनेश मानव ओज के सशक्त कवि चंद्रप्रकाश चंद्र कवियत्री साधना मिश्रा विंध्य कवि हरिप्रकाश हरि ने अपनी रचनाओं से कार्यक्रम को सुशोभित किया। कार्यक्रम में मुख्यअतिथि समाजसेवी एवं साहित्यकार श्रीमती सीमा वर्मा, विशिष्ठ अतिथि शिक्षाविद डॉ रुपेश सिंह समाजसेवी इंजी राजीव रेजा समाजसेवी एवं कांग्रेस नगर अध्यक्ष कोंच राघवेंद्र तिवारी आदि मंचासीन रहे। फिल्म फेस्टिवल के संयोजक पारसमणि अग्रवाल ने बताया कि कोंच को एक नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से कोंच इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल लगातार प्रयासरत है इसी श्रखला में समाज में योगदान देने वाली विभूतियों को याद कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये गये। इस अवसर पर संतोष कुमार सक्सेना पत्रकार मुकेश मिश्रा कपिल सक्सेना अमित सक्सेना नितिन नदीम विजय गुप्ता नूपुर रोमा श्रीवास्तव स्वाति जैन मोहित नेहा नीरज आदि उपस्थित रहे।

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