छत्तीसगढ़ में 71 प्रतिशत और मिजोरम में 77 प्रतिशत से अधिक मतदान

NPIC-2023117135525.jpg

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्वक संपन्न हो गया है। अब तक मिले आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण के दौरान राज्य के 20 विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 71 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। 25 महिलाओं सहित 223 उम्मीदवारों का चुनावी भाग्य आज इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में बंद हो गया है।

मिजोरम में 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हो गया है। मिजोरम में 77 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया ।मिजोरम में 8 लाख 57 हजार से ज्यादा मतदाता है। राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कामभमपति पहले मतदान करने वालों शामिल थे।

मिजोरम ने आज लोकतंत्र का पर्व उत्साह पूर्वक मनाया। वोट डालने के लिए मतदाता तडके से ही कतार में खड़े थे। युवा, बुर्जुग, महिलाएं और समाज के सभी वर्ग के लोगों ने मतदान में हिस्सा लिया। राज्यभर में 1 हजार 276 मतदान केंद्रों पर वोट डाले गए। इस चुनाव में सत्ताधारी मिजो नेशनल फ्रंट, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और जोराम पीपुल्‍स मूवमेंट ने सभी चालीस सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं जबकि भाजपा 23 सीटों पर चुनाव लड रही है। आम आदमी पार्टी पहली बार राज्‍य में चुनाव लड रही है। इसने चार सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं। 27 निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं। 16 महिलाओं सहित 174 उम्मीदवारों का भाग्‍य ईवीएम में बंद हो गया है।

बिहार में बेतिया की बात ही कुछ अलग है …

WhatsApp-Image-2023-11-07-at-17.01.13.jpeg

मिठाई मेरी कमजोरी है। खासकर रसगुल्ले। जहां मौका मिले, कम से कम 2 रसगुल्ले तो निपटा ही देता हूं।

इधर बीच किसी काम के सिलसिले में पश्चिमी चंपारण जाना हुआ । वहां का जिला मुख्यालय है बेतिया। लंच के वक्त किसी से पूछा, सादा खाना कहां मिलेगा?

बिहार में सादा खाना मतलब, दाल, भात, सब्जी, चोखा, भुजिया, अचार या चटनी, सलाद और पापड़। एक बिहारी को अगर दोपहर के वक्त खाने में ये मिल गया तो समझिए उसे दुनिया का हर सुख मिल गया। हम तो ठहरे ठेठ बिहारी।

तो मुझे बताया गया कि स्टेशन चौक पर बंगाली के यहां चले जाइए।

हालांकि बेतिया शहर में दो तीन अच्छे रेस्तरां हैं। बीकानेर और श्याम होटल। लेकिन यहां के खाने में बिहारी जायका नहीं है। वही पनीर कड़ाही और दाल मखनी। दाल मखनी या काली दाल ने तो ऐसा कब्जा किया है कि लहसुन और हींग में बघारी अरहर की दाल ढूंढे नहीं मिलती। बेतिया के स्टेशन चौक पर ही वृंदावन होटल है। शुद्ध शाकाहारी। लेकिन खाना ऐसा घटिया कि वहां जाकर आपको लगेगा कि किसी जन्म में कोई पाप हुआ होगा जिसकी वजह से वृंदावन होटल में खाना नसीब हुआ।

वैसे बेतिया शहर मांसाहारी खाने वाले लोगों के लिए जन्नत है। हर तरफ आपको अहुना मटन और मछली की दुकानें दिख जाएंगी। मुझे किसी ने बताया कि अहुना मटन को ही चंपारण से बाहर आजकल चंपारण मटन के नाम से जाना जाता है। पटना सहित बिहार के लगभग हर जिले में चंपारण मटन की दुकान दिखती हैं। दिल्ली में भी अब एकाध दुकान इसी नाम से खुल गई हैं। दिल्ली में कई रेस्तरां अब अपने मेन्यू में चंपारण मटन डिश रखते हैं।

लेकिन अपने को सादा खाना ही जंचता है। तो हमारी खोज खत्म हुई और बंगाली होटल दिख गया। बोर्ड को बहुत ध्यान से देखने से पता चल रहा था कि long long ago कभी इस पर बंगाली लिखा गया होगा। लेकिन बारिश के थपेड़ों ने बंगाली शब्द धुंधला कर दिया। बाहर से देखने पर ये मिठाई और समोसे की दुकान लग रही थी।

हमने अंदर जाकर पूछा तो पता चला कि खाना भी मिलता है। सादा खाना। कतरनी चावल, अरहर दाल, आलू परवल की सब्जी, आलू भिंडी की भुजिया, अचार, पापड़, सलाद। भूख लगी थी। सो झटपट खाना निपटाया गया।

लेकिन इस दौरान मेरी निगाह बगल में रखे रसगुल्ले के कड़ाह पर टिकी रही। जिस तरह से रसगुल्ले बन रहे थे लगा कि कोई ऑर्डर होगा। थोक में बन कर जा रहे हैं। लेकिन खाना खत्म करते करते ये बात समझ में आ गई कि ना, ये ऑर्डर के लिए नहीं है। इसे तो शाम तक निपट जाना है।
खाना खत्म करते ही हमने रसगुल्ला ऑर्डर किया। और मेरे सामने एक प्लेट रसगुल्ला लाकर रख दिया। एक प्लेट में 8 रसगुल्ले। मैं कभी रसगुल्ले के प्लेट को देख रहा हूं और कभी लाने वाले को।

उसने पूछा, भईया और चाहिए?
और!!! अरे भाई, इसी को खाने में पसीने चुने लगेंगे।
भैया, हमारे यहां तो एक प्लेट में 8 ही आते हैं।
एक प्लेट में 8!!!
हां भैया। आप खाइए न। आपको पता भी नहीं चलेगा।

हम तीन लोग थे। बाकी का प्लेट वापस कराए। एक ही प्लेट में खाए। लेकिन सच में पता ही नहीं चला। मुंह में जाते ही घुल जाता था। उफ्फ! क्या शानदार बनाया था।

8 रसगुल्ले के अनुभव को देखते हुए हमने फिर 2 गुलाबजामुन ऑर्डर किया। ☺️
उसका भी वही स्वाद!

लेकिन सबसे ज्यादा आश्चर्य तब हुआ जब बिल पेमेंट करने पहुंचा। 3 आदमी का भरपेट सादा खाना, 8 रसगुल्लों वाला एक प्लेट रसगुल्ला और गुलाबजामुन।

कुल बिल हुआ मात्र 250 रुपया। वाह चंपारण! अहा बेतिया!

दिव्य आनंद की अनुभूति लेते हुए हम आगे की ओर निकल पड़े।

दिल्‍ली में खराब एक्यूआई को देखते हुए, ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के चरण-4 को लागू किया गया

Screenshot-2023-11-07-at-12.55.19 PM.png

राजधानी दिल्ली में घनी धुंध की परत छाई हुई है, क्योंकि हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। सुबह 7 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 396 दर्ज किया गया। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग-सी.ए.क्यू.एम. ने वायु गुणवत्ता में और गिरावट को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र-एन.सी.आर. में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान-ग्रैप के चरण-चार को लागू किया है।

ग्रैप के चरण-चार के तहत, आवश्यक सेवाओं के लिए छूट के साथ, अन्य राज्यों से केवल सी.एन.जी., इलेक्ट्रिक और बीएस-छह वाहनों को प्रवेश की अनुमति है। आयोग ने दिल्ली और आसपास के राज्यों को प्रतिबंध लागू करने का निर्देश दिया है, जिसमें सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए निर्माण कार्य पर प्रतिबंध और सरकारी और निजी कार्यालय के 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति देना शामिल है।

वायु प्रदूषण के मद्देनजर दिल्ली में इस महीने की 13 से 20 तारीख तक एक सप्ताह के लिए ऑड-ईवन वाहन प्रणाली लागू रहेगी। राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आज भी घनी धुंध छाई हुई है और वायु गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, आज सुबह सात बजे दिल्‍ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 440 दर्ज किया गया। यह सूचकांक नोएडा के लिए 429, गुरुग्राम के लिए 425 और फरीदाबाद के लिए 457 था।

इस बीच, दिल्‍ली के उप-राज्यपाल वीके सक्सेना ने स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कल एक आपात समीक्षा बैठक की, जिसमें अंतरिम उपायों पर चर्चा की गई। बैठक में लोगों से यथासंभव घर में ही रहने की अपील करने और सार्वजनिक परिवहन का ही उपयोग करने के विकल्पों पर भी विचार किया गया। सक्सेना ने कहा कि वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता है।

छत्तीसगढ़ और मिजोरम में एक ही चरण के विधानसभा चुनाव के लिए मतदान शुरू

tnnrth48_voting_625x300_07_November_23.jpg.webp

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 20 सीटों के लिए मतदान जारी है। इनमें से अधिकतर निर्वाचन क्षेत्र नक्‍सल प्रभावित क्षेत्रों में है। इस चरण में 25 महिला उम्‍मीदवारों सहित 223 उम्‍मीदवारों के भाग्‍य का फैसला होगा। इन उम्‍मीदवारों में भाजपा नेता और पूर्व मुख्‍यमंत्री रमन सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष दीपक बैज तथा उपाध्‍यक्ष संतराम नेताम विशिष्‍ट उम्मीदवार हैं। 20 विधानसभा क्षेत्रों में आज मतदान हो रहा है। इनमें से 16 विधानसभा क्षेत्रों में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। इस चरण में 5304 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

5304 मतदान केंद्रों में से 200 संगवारी मतदान केंद्रों का प्रबंधन महिला कर्मचारी संभाल रही हैं। 20 मतदान केंद्रों का प्रबंधन दिव्यांगजन और युवा संभाल रहे हैं। छत्तीसगढ़ के शेष 70 सीटों के लिए मतदान दूसरे और अंतिम चरण में 17 नवंबर को कराया जायेगा। इसमें राज्‍य विधानसभा के 90 सदस्यों के भाग्‍य का फैसला होगा। मतों की गिनती 3 दिसंबर को होगी।

मिजोरम में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान शुरू हो गया है। मतदान आज सभी 40 विधानसभा सीटों के लिए एक चरण में हो रहा है। मतदान आज सुबह 7 बजे शुरू हुआ है और शाम 4 बजे समाप्त होगा। 4 लाख 39 हजार 26 महिला सहित 8 लाख 57 हजार से अधिक मतदाता 174 उम्मीदवारों के भाग्‍य का फैसला करेंगे।

scroll to top