देश के कई राज्यों में गुड़ी पड़वा की धूम

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देश के कई राज्यों में आज (मंगलवार) गुड़ी पड़वा का त्योहार मनाया जा रहा है। गुड़ी पड़वा जिसे उगादी या चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के नाम से भी जाना जाता है। यह हिन्दू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। मुख्य रूप से महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। हिन्दू चंद्र कैलेंडर के अनुसार चैत्र महीने के पहले दिन पड़ने वाला यह शुभ दिन आमतौर पर मार्च या अप्रैल में आता है।

आज से हिन्दू नववर्ष की शुरुआत हो गई है और चैत्र नवरात्रि का आरम्भ भी हो चुका है। इसे वैदिक अथवा हिन्दू कैलेंडर के रूप में भी जाना जाता है। इस दिन से नवरात्रि का प्रारम्भ होता है। आगामी 09 दिनों तक देवी मंदिरों में भक्तगण उनकी आराधना करेंगे और ज्योति कलश की भी स्थापना होगी।

भारतीय नववर्ष के साथ वसंत ऋतु का भी आगमन होता है। इसलिए ये सब त्यौहार वसंत के उत्सव हैं। महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा का त्यौहार धूमधाम से मनाया जाता है। गुड़ी का अर्थ है विजय पताका तथा पड़वा का अर्थ है चंद्रमा का प्रथम दिवस।

देश के विभिन्न भागों में इसे भिन्न-भिन्न नामों से जाना जाता है। गुड़ी पड़वा गोवा में संवत्सर पड़वा के रूप में मनाया जाता है। केरल में इसे संवत्सर पड़वो के रूप में मनाया जाता है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक एवं तमिलनाडु सहित दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में इसे उगादी के रूप में मनाया जाता है।

चेन्नई ने सात विकेट से हराया केकेआर को

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सोमवार को पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स का सामना कोलकाता नाइट राइडर्स से हुआ। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला गया। लगातार दो हार के बाद सीएसके को आखिरकार जीत मिली, जबकि केकेआर को इस सीजन में अपनी पहली हार का सामना करना पड़ा। सीएसके ने कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ की बेहतरीन 58 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से खेली गई नाबाद 67 रन की पारी के दम पर कोलकाता नाइट राइडर्स को सात विकेट से हरा दिया।

ऋतुराज गायकवाड़ ने केकेआर के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। कोलकाता 20 ओवर में 09 विकेट पर 137 रन ही बना पाई। ऐसे में चेन्नई ने 138 रन का टारगेट आसानी से चेज कर लिया और 7 विकेट से मैच को अपने नाम कर लिया।

इससे पहले, केकेआर ने 20 ओवर में 9 विकेट खोकर स्कोर बोर्ड पर 137 रन लगाए। कोलकाता के बल्लेबाजों ने सीएसके के गेंदबाजों के आगे घुटने टेक दिए। टीम की ओर कप्तान श्रेयस अय्यर ने सर्वाधिक 34 रन बनाए। गेंदबाजी में सीएसके की ओर से रविंद्र जडेजा और तुषार देशपांडे ने तीन-तीन विकेट झटके।

क्या कांग्रेस का घोषणापत्र बनेगा, कांग्रेस की ताबूत में एक और कील

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लोकसभा चुनाव 2024 की अन्य तैयारियों कांग्रेस में भले ही पिछड़ गयी हो किंतु 48 पृष्ठों, 10 न्याय, 25 गारंटी के बड़े वादों के साथ उसने अपना चुनावी घोषणापत्र लगभग समय से जारी कर दिया। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे द्वारा जारी इस घोषणापत्र ने कांग्रेस को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है। विपक्ष के रूप में कांग्रेस का दस वर्ष का कार्यकाल सनातन विरोधी रहा और घोषणापत्र ने पार्टी के सनातन विरोधी होने पर अंतिम मोहर लगा दी । वर्तमान कांग्रेस जिसके नेता मोहब्बत की दुकान खोलते हैं वस्तुतः भगवान राम व सनातन हिंदू समाज के प्रति नफरत से भरे हुए हैं। अदालत में भगवान राम को काल्पनिक कहने वाली पार्टी ने स्वाभाविक रूप से अयोध्या में दिव्य भव्य एवं नव्य राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह का बहिष्कार किया और लगातार या तो स्वयं सनातन विरोधी बयानबाजी की या सनातन विरोधियों को मंच और समर्थन दिया । मोहब्बत के नाम पर सनातन के विरुद्ध नफरत का कारोबार करने वाली कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र को न्यायपत्र का नाम दिया है।

कांग्रेस ने स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से लगभग 55 साल तक अकेले शासन किया और वह भी लगभग एक ही परिवार के नेतृत्व में पहले नेहरू जी फिर इंदिरा जी और इंदिरा गांधी जी की हत्या के बाद उपजी सहानुभूति के बल पर राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री बन गये, 2004 से 2014 की कांग्रेस सरकार भी परोक्ष रूप से गाँधी परिवार के हाथ में ही थी किंतु यह लोग न तो देश का विकास कर पाये और न ही किसी के साथ न्याय कर पाने में सफल हुए । कांग्रेस का गरीबी हटाओ का नारा एक बहुत बड़ा धोखा साबित हुआ और उसकी आड़ में बड़े- बड़े घोटाले होते गये। बीच में आए वी.पी. सिंह, देवगौड़ा, इंद्र कुमार गुजराल सरीखे नेता भी कांग्रेस के गर्भ से ही निकले हुए और उसी परिपाटी पर चले। आज जब देश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक सशक्त नेतृत्व मिला है जिनके कार्यकाल में भारत सशक्त हो रहा है और पूरे विश्व में भारत का डंका बज रहा है कांग्रेस निराशा, हताशा व कुंठा से ग्रस्त न्याय पत्र लेकर आई है।

कांग्रेस पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तानाशाही का आरोप लगा रही है और बयान दे रही है कि अगर मोदी जी तीसरी बार 400 सीटों के साथ देश के प्रधानमंत्री बन गये तो भारत में लोकतंत्र समाप्त हो जाएगा, संविधान समाप्त हो जाएगा, आरक्षण समाप्त हो जाएगा जबकि वास्तविकता यह है कि कांग्रेस ने जो घोषणापत्र जारी किया है वह स्वयं ही कठघरे में है और स्पष्ट करता है कि कांग्रेस की नियत अच्छी नही है। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में जो वादे किये हैं वह भारत व सनातन हिंदू समाज में विभेद बढ़ाने के लिए किये गये हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के घोषणापत्र पर टिप्पणी करते हुए इसे मुस्लिम लीग की विचारधारा से प्रेरित बताया और जो हिस्सा मुस्लिम लीग से बचा है उसमें वामपंथी हावी हैं। कांग्रेस का घोषणापत्र केवल मुसलमानों का तुष्टिकरण करने वाला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वा उनके द्वारा किए गये सभी कार्यों के प्रति नफरत और हीन भावना से भरा हुआ है। कांग्रेस पार्टी के घोषणापत्र में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का कोई रोडमैप नहीं है।

कांग्रेस के घोषणापत्र से यह बात भी साफ हो गयी ही है अब उसने संविधान निर्माता बाबासाहेब अम्बेडकर , श्रीमती इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के विचारों का भी परित्याग कर दिया है। एक समय में, “ जात पर न पात पर, मोहर लगेगी हाथ पर” का नारा देने वाली कांग्रेस सत्ता में ने आने पर जातिगत जनगणना कराने का वादा कर रही है। कांग्रेस के जातिगत जनगणना और आरक्षण सीमा बढ़ाने के इस मुद्दे की हवा पार्टी के ही नेता आनंद शर्मा ने ही निकाल दी है। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा का कहना है कि श्रीमती इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने जातिगत जनगणना के विचार को खारिज कर दिया था कर दिया था । अंग्रेजों के समय में भी जातिगत जनगणना का विरोध किया गया था और उसे राष्ट्रीय हितों के विपरीत माना गया था। आज कांग्रेस वामंपथी विचारधारा से ग्रसित होकर जातिगत जनगणना की बात कह रही है।

मुस्लिम तुष्टिकरण की चरम सीमा को पार कर रही कांग्रेस – कांग्रेस अपने घोषणापत्र में मुस्लिम तुष्टिकरण की चरम सीमा पार कर गई है।यह घोषणापत्र हिंदू समाज को चेतावनी जारी कर रहा है। कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक बार लाल किले से दिए गए अपने भाषण में कहा था, “भारत के संसाधनों पर पहला अधिकार अल्पसंख्यकों का है और उसी दिन से कांग्रेस का पतन प्रारम्भ हो गया था। अब कांग्रेस ने एक बार फिर केवल मुस्लिम हितों का ध्यान रखते हुए घोषणापत्र जारी किया है।कांग्रेस का कहना है कि वह भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकारों को बनाये रखने और उनकी रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। । इसके साथ कांग्रेस ने मुस्लिम समाज से कुछ ऐसे वादे भी किए हैं जिनसे यह साफ हो गया है कि अब कांग्रेस पर मुस्लिम लीग की पूरी छाया है।

कांग्रेस ने जम्मू कश्मीर में धारा 370 बहाल करने, तीन तलाक बिल रद्द करने, संविधान के अनुच्छेद 15,16, 25, 28, 29 और 30 का जिस प्रकार आदर करने का वादा किया है वह डरावना है। मुस्लिम तुष्टिकरण को व्यापक करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में मुसलमान जजों की संख्या में वृद्धि करने सहित सार्वजनिक स्थलों पर हिजाब- बुर्का पहनने और गोमांस खाने की छूट देने का भी वादा किया है। कांग्रेस ने मुसलमान छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना को बढ़ाने का भी वादा किया है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कांग्रेस जमात -ए- इस्लामी, लश्कर ए तैयबा, अल कायदा की राह पर चलने वाली है, पार्टी हमास के समर्थन में प्रस्ताव पारित कर रही हैं। सरकारी और निजी नौकरियों में मुसलमानों के लिए सच्चर कमेटी की रिपोर्ट को लागू करने की बात भी कांग्रेस ने दोहरायी है। कांग्रेस के घोषणपपत्र से स्पष्ट है कि अगर गलती से भी उसकी सरकार आ गयी तो याकूब मेमन को फांसी नहीं होगी और बुरहान बानी जैसे आतंकवादी का एनकाउंटर नहीं हो सकेगा और तो और हर घर तिरंगा भी नहीं फहर पाएगा। कांग्रेस के घोषणापत्र में मुसलमानों के खिलाफ किसी प्रकार के भाषणों को रोकने के लिए एक अलग कानून प्रस्तावित है। स्मरण रखना चाहिए कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व पिछली कांग्रेस सरकार ने सांप्रदायिक हिंसा से जुड़ा एक कानून लाने का प्रयास किया था जो परोक्ष रूप से हिन्दुओं को नष्ट करने के लिए था कांग्रेस ने अपना वह पापी इरादा फिर जाहिर किया है।

कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र के माध्यम से हिंदू समाज व संस्कृति को पूरी तरह से समाप्त करने का बंदोबस्त कर रखा है, उसने वादा किया है कि समलैंगिक विवाह को पूरी तरह से मान्यता दी जाएगी। कांग्रेस ने युवाओं, महिलाओं के साथ जो वादे किये हैं वह केवल झूठ का पुलिंदा भर है क्योंकि उसने इन वादों को पूरा करने का कोई रोडमैप नहीं बताया है। इसके अलावा भारत जोड़ो यात्रा से लेकर न्याय यात्रा तक राहुल गांधी जिन मुद्दों को उठाते रहे हैं उनका भी समावेश इस घोषणापत्र में किया गया है। कांग्रेस ने नोटबंदी, राफेल व इलेक्टोरल बांड की जांच करवाने को भी कहा है जिसमें वह कानूनी दृष्टिकोण से पहले ही विफल हो चुकी है।

कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे जनसभा में धारा 370 को धारा 371 बताते हुए बोल रहे हैं कि राजसथान के लोगों को जम्मू कश्मीर से क्या मतलब? यहीं से भारतीय जनमानस को कांग्रेस से सतर्क हो जाना चाहिए। वर्तमान कांग्रेस केवल उत्तर को दक्षिण से पूर्व को पश्चिम से लड़ा सकती है, वोट बैंक के लालच में सनातन को अपमानित कर सकती है, देश पर लीगी मानसिकता वाले कानून लाद सकती है, भ्रष्टाचार कर सकती है। भारत, भारतीय और भारतीयता से इसका दूर दूर तक कोई सम्बन्ध नहीं है अच्छा होगा कि इन आम चुनावों के परिणाम आने पर इस कांग्रेस का कोई नामलेवा न बचे ।

IIC Book Launch: Abhay K’s English translation of Jayanath Pati’s Magahi novel “Fool Bahadur” unveiled: A Journey into the Heart of Bihari Literature

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Penguin India recently unveiled the English translation of Jayanath Pati’s Magahi novel “Fool Bahadur,” translated by renowned poet and diplomat Abhay K. This event, held at IIC, celebrated the rich cultural heritage of Bihari literature and its global significance.

‘Fool Bahadur’ holds a special place in Indian literature, and Abhay K’s meticulous translation ensures that its essence is preserved while making it accessible to a wider audience. Through this translation, readers around the world are presented with the opportunity to immerse themselves in the captivating narrative crafted by Jayanath Pati.

“The publication of the English translation of ‘Fool Bahadur’ as a Penguin modern classic marks a significant high point in the history of Magahi language and literature, which has a very rich literary history. I hope that my translation of the first Magahi novel will pave the path for more translations from Magahi and other languages of Bihar such as Angika, Bajjika, Bhojpuri, Maithili and Surjapuri among others,” rejoiced Abhay K.

The launch event featured a panel discussion and readings by Abhay K, providing insights into the significance of “Fool Bahadur” within the context of Bihari literature and its relevance in contemporary society. The panelists included noted Indian filmmaker Suraj Kumar, acclaimed writer Vandana Rag, Milee Ashwarya, Publisher – Penguin India, and journalist Aditi Chakraborty. The moderator for the session was Murtaza Ali Khan, cultural writer and critic.

“Bihar has a very rich literary tradition and Abhay K’s meticulous translation of Fool Bahadur into English gives us a rare sneak peek into the treasure trove of Bihari literature. The story of Fool Bahadur is not just compelling in a literary sense but what’s really exciting is that it also holds a great promise when seen from the point of view of cinematic storytelling,” opined Suraj Kumar.

This interactive session aimed to foster intellectual exchange and dialogue, highlighting the diversity and richness of Indian literature.

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