नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ राजीव कुमार ने ‘नेशनल अबिलिटी अवार्ड् ‘ द्वारा आयोजित पुरस्कार -समारोह मे संस्थाओ को पुरस्कृत किया|

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 डॉ राजीव कुमार, उपाध्यक्ष, नीति आयोग ने  शनिवार 18 दिसंबर को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित  “इंप्लॉय वेलबेइंग अवार्ड एंड कंक्लैव 2021” में विजेताओं को पुरस्कृत किया|

अपोलो टायर्स लिमिटेड,
आयन एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड 
बीएसईएस ,राजधानी पावर लिमिटेड 
एंड्रिट्ज़ हाइड्रो प्रा.लिमिटेड 
लाइटअप (स्टार्टअप कंपनी)  विजेता थे।

 कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए, डॉ राजीव ने कहा कि मानव संसाधन में सुधार की बहुत गुंजाइश है।  उन्होंने कहा कि भारत को एक महाशक्ति बनाने के लिए एजेंसियों, नागरिक समाज और कॉरपोरेट्स को मिलकर काम करना चाहिए।

 उन्होंने आगे कहा कि मानव संसाधन विकास एक महत्वपूर्ण विषय है और कर्मचारियों की भलाई का समग्र विकास महत्वपूर्ण है – वित्त (धन) से स्वास्थ्य अधिक महत्वपूर्ण है और कोरोना ने इसे साबित कर दिया है। कर्मचारियों की भलाई और सुरक्षा के बारे में जागरूकता फैलाई जानी चाहिए। उनका यह भी कहना था कि “नेशनल अबिलिटी अवार्ड्स” व उनके संस्थापक गौरव स्वामी ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय चुना है जिसे पूरे देश में संबोधित करने की आवश्यकता है।
 राष्ट्रीय योग्यता पुरस्कार के संस्थापक श्री गौरव स्वामी ने बताया कि संगठनों और व्यक्तियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को मान्यता देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर पर और नियमित अंतराल पर”नेशनल अबिलिटी अवार्ड्स” आयोजित किए जा रहे हैं।  उन्होंने कहा कि कोरोना ने कॉरपोरेट सेक्टर को बहुत बुरी तरह प्रभावित किया है और कर्मचारियों व अधिकारियों की भलाई अत्यंत महत्वपूर्ण है।  इसलिए यह संगोष्ठी और पुरस्कार उस संगठन को पहचानने और प्रेरित करने के लिए आयोजित किया गया जिसने अपने कर्मचारियों व अधिकारियों की भलाई के लिए पहल की।

विनोद दुआ को ‘महापुरुष’ बताने वाले क्या पाखंडी हैं

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मीडिया स्कैन डेस्क

”हमारे यहां एक बहुत बड़ा पाखंड होता है, दिखावा होता है कि जो दिवंगत हो जाए। जो इस दुनिया में ना रहे। जिसका देहांत हो जाए। उसको अचानक से महापुरुष बना दिया जाता है और जिस तरह की श्रद्धांजलियां दी जाती है, यह समझा जाता है कि दीस इज पोलिटिकली करेक्ट टु प्रेज अ पर्सन आफ्टर हिज गॉन।”

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दिवंगत होने पर इन शब्दों में पूर्व पत्रकार विनोद दुआ ने अपनी श्रद्धांजली दी थी।

पूर्व पत्रकार विनोद दुआ का 67 साल की उम्र में निधन हो गया, कल लोधी श्मशान घाट में होगा अंतिम संस्कार। विनोद दुआ की बेटी मल्लिका दुआ ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए ये जानकारी दी।

विनोद लंबे समय से मुख्यधारा की पत्रकारिता से बाहर थे। एनडीटीवी ने उन्हें देश भर में खाने—पीने के काम में लगाया हुआ था। बाद में जब वे प्रोपगेन्डा वेबसाइट वायर से जुड़े तो वहां पत्रकारिता नहीं मोनोलॉग ही उनकी पहचान बनी। 2014 के बाद विनोद अकेले नहीं थे, एक पूरी खेप थी ऐसे पूर्व पत्रकारों की जिन्होंने पत्रकारिता छोड़कर मोनालॉग को अपना जीवन यापन का माध्यम बना लिया। उनके एकालाप का जमीनी सच्चाई से कुछ लेना—देना नहीं होता था। इन दिनों एनडीटीवी का प्राइम टाइम भी उसी रास्ते पर है।

विनोद ने जो बातें ‘अटलजी’ के लिए कही थी, वह सारी बातें उनके दिवंगत होने के बाद एक बार फिर दुहराई जा रही थी। विनोद की आत्मा कराह रही होगी एनडीटीवी, न्यूज लॉन्ड्री, वायर जैसे संस्थान से जुड़े कर्मचारियों के संदेशों से। उन्हें महापुरुष साबित करने का वही सारा पाखंड और दिखावा सोशल मीडिया पर दुहराया जा रहा है। जिसके वे आजीवन विरोधी रहे। इस तरह की श्रद्धांजलियों से उनकी आत्मा को कष्ट ही पहुंच रहा होगा।

ऐसा नहीं है कि सभी सोशल मीडिया पर ‘पोलिटिकल करेक्ट’ ही दिखना चाह रहे हों। जैसे विनोद पोलिटिकल करेक्ट होने को गलत मानते थे, वैसे ही कुछ सोशल मीडिया संदेशों को ‘मीडिया स्कैन’ की टीम ने तलाशा।

Vishal Maheshwari’s Facebook Post

यह सोशल मीडिया संदेश शायद विनोद दुआ के लिए सच्ची श्रद्धांजली हो। क्योंकि वे मरने के बाद किसी को लार्जर दैन लाइफ दिखाए जाने को पाखंड ही मानते थे।

देश को 18 करोड़ बुजुर्गों के लिए बने जेरियाट्रिक स्वास्थ्य नीति- दादी दादा फाउण्डेशन

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मीडिया स्कैन टीम

पब्लिक हेल्थ में शोध के लिए प्रो. शामिका रवि को दादीदादा गौरव सम्मान-2021  

भारतीय संस्कृति में ओल्ड एज होम यानि वृद्धाश्रम की कोई परपंरा नहीं है, अगर हम परिवार के वरिष्ठ जनों को सम्मान दे तो पूरे परिवार का माहौल सकारात्मक रहता है। यह कहना है भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल जैन का।


कांस्टीटयूशन क्लब में दादीदादा फांउडेशन की ओर से आयोजित जेरियाट्रिक हेल्थ पर राष्ट्रीय सम्मेलन में बतौर विशिष्ट अतिथि डॉ. अनिल जैन ने कहा कि आज दुनियाभर में 60 साल या इससे अधिक आयु के 1 बिलियन से अधिक लोग हैं, इनमें से ज्यादातर लोग निम्न या मध्यम आय वाले देशों में जीवन बिता रहे हैं। इनमें से काफी लोग ऐसे हैं जिनके पास गरिमा के साथ सार्थक जीवन बिताने के लिए बुनियादी सुविधा व संसाधन भी उपलब्ध नहीं है। इनमे से बहुत से बुजुर्ग ओल्ड एज होम में जीवन बिता रहे हैं। डॉ जैन ने ओल्ड एज होम की खराब व्यवस्था को लेकर चिंता भी जताई। उन्होंने कहा कि संसद के अगले सत्र में इस मुद्दे को सदन में रखेंगे।


कोरोना महामारी की चर्चा करते हुए डॉ. जैन ने कहा कि महामारी के दौरान सभी आयु वर्ग के लोगों के जीवन पर खतरा बन गया है। लेकिन हमारे बुजुर्गों पर इसका खतरा ज्यादा है। संक्रमण के बाद इस वर्ग में मृत्यु दर, गंभीर बीमारी का खतरा बन गया है। वहीं 80 साल से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गो ने सामान्य आयु वर्ग के मुकाबले पांच गुना ज्यादा दर से दम तोड़ा है। उन्होंने कहा कि अगर हम बुजुर्गों के साथ खुशनुमा माहौल कार्यक्रम में बनाए तो न केवल उनके जीवन में बल्कि सभी परिजनों के जीवन में भी खुशहाली रहती है।


इस अवसर पर पब्लिक हेल्थ में शोध के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए प्रोफेसर शामिका रवि को दादी दादा गौरव सम्मान 2021 से सम्मानित किया गया। प्रोफेसर शामिका रवि ने कहा कि वृद्धावस्था स्वास्थ्य एवं देखभाल पर शोध की आवश्यकता है। इसलिए ‘दादी दादा फाउंडेशन’ को इस दिशा में भी गम्भीर प्रयास करने आवश्यकता अपने संबोधन में दादी दादा फाउंडेशन के निदेशक मुनि शंकर पांडेय ने सरकार से निवेदन किया कि बुज़ुर्गों को ध्यान में रखते हुए उनके सही इलाज से जुड़ी एक पॉलिसी भी बनाई जाए। उन्होंने कहा ,”आज देश में 18 करोड़ बुज़र्ग हैं, इनके लिए कोई भी जेरियाटिक स्वस्थ नीति नहीं है। अलग अलग आयु वर्ग के लोगों का एक समान इलाज हो रहा है। यह सही नहीं है। एक स्वास्थ नीति बुज़ुर्गों के लिए एक मानक इलाज प्रणाली तय करेगी।’’

मंच पर अतिथि का स्वागत करते मुनि शंकर


कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में भजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल अग्रवाल जी ने कोरोना काल में अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि आज महानगरों में सबसे ज्यादा आवश्यकता नर्सिगं केयर स्टाफ की है। अकेले रह रहे बुजुर्गों के स्वास्थ्य की समस्या गम्भीर है। साथ ही सरकार के द्वारा बुजुर्गों के कल्याण के लिए किये  जा रहे कार्यों का भी प्रसार नागरिक समाज को करना चाहिये। पैरेण्ट्स मेन्टेनेन्स ऐक्ट का जिक्र करते हुए अग्रवाल ने अपील की कानून है, लेकिन लागू करने के लिए जो अवसंरचना चाहिये वो नहीं है इसलिए सरकार के साथ मिलकर इस दिशा में भी कार्य करने की आवश्यकता है।    


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अनसूचित जाति आयोग के चेयरमैन विजय सांपला ने कहा कि बुजुर्गों के सम्मान की भारतीय परम्परा रही है, युवा भारत को अपने बुजुर्गों का ध्यान रखना होगा। राज्य सभा सांसद अनिल जैन ने दादी दादा फाउंडेशन को आश्वस्त किया है कि वे आगामी संसद सत्र में सरकार से बुज़ुर्गों के लिए एक स्वास्थ्य नीति (जेरियाटिक हेल्थ पॉलिसी) की मांग करेंगे। कार्यक्रम में पूर्व ऊर्जा सचिव अनिल राज़दान, डा सचिन गुप्ता, डा राहुल भार्गव, डा एलके त्रिपाठी, और कई विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किये।

अब चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास तथा वैदिक गणित पाठ्यक्रम का लाभ ले सकेंगे हरियाणा के विद्यार्थी

अथर्व शर्मा 

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के साथ हरियाणा के जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तथा अग्रवाल महाविद्यालय द्वारा चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास तथा वैदिक गणित के प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम संचालित करने हेतु अनुबंध किया गया है। अनुबंध के संबंध में जानकारी देते हुए न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी ने बताया कि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास विश्वविद्यालय को पाठ्यक्रम निर्माण में सहायता करेगा साथ ही विश्वविद्यालय न्यास द्वारा बनाई गयी पाठ्य सामग्री को विद्यार्थियों को प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास जैसे विषय आज समाज की आवश्यकता है, साथ ही वैदिक गणित जैसे विषय विद्यार्थियों के मन से गणित का भय दूर कर उन्हें गणित में पारंगत बनाते हैं। 

न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी एवं अन्य

वैदिक गणित की पद्धति विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में भी कारगर साबित हुई है.निश्चित ही यह दोनों पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के लिए लाभकारी रहेंगे। 

इस अवसर पर जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार जी एवं अग्रवाल महाविद्यालय के प्राचार्य कृष्ण 
कांत जी उपस्थित थे।

बता दें शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास व वैदिक गणित विषय का पाठ्यक्रम कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12वीं तक तैयार किया गया है। साथ ही इन दोनों विषयों के सर्टिफ़िकेट कोर्स का पाठ्यक्रम भी न्यास द्वारा तैयार किया गया है। जो कि देश के सैकड़ों विद्यालय-महाविद्यालय में संचालित है।

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