LJP (Ram Vilas) Youth Wing’s National Executive Meeting on July 21 in New Delhi, Chirag Paswan to Attend

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Patna — The National Executive Meeting of the Youth Wing of the Lok Janshakti Party (Ram Vilas) is scheduled to be held on July 21 at the Constitution Club, New Delhi. The meeting will be attended by Party’s National President Shri Chirag Paswan, Members of Parliament, and other senior leaders of the organization.

The event is being organized under the leadership of Shri Pranav Kumar, the National President of the Youth Wing. Representatives from several states are expected to participate, making this meeting crucial in view of the preparations for the upcoming Bihar Assembly elections in 2025.

Dr. Vibhay Kumar Jha, National Vice President of the Youth Wing and Party Spokesperson, stated that the meeting will focus on organizational strengthening and election strategy. He added that both Shri Chirag Paswan and Shri Pranav Kumar will energize and motivate the youth workers during the event.

Dr. Jha further informed that a large number of young participants from Bihar are expected to join the meeting in Delhi, showcasing their dedication and enthusiasm toward the party. According to him, the meeting will include detailed discussions on the party’s strategy for the 2025 Bihar elections. A key focus will be on spreading the “Bihar First, Bihari First” vision across every village and town.

Additionally, the party will deliberate on the organizational expansion and empowerment of the Youth Wing. Special emphasis will be placed on social media and digital campaign strategies, under the leadership of Shri Pranav Kumar, to connect with more young people.

This meeting is seen as a decisive step towards unifying the party’s youth leadership and preparing them for the challenges ahead. With the slogan “Bihar First, Bihari First”, the LJP (Ram Vilas) is actively working to strengthen its grassroots presence, particularly in Bihar, while expanding its national footprint.

21 जुलाई को लोक जनशक्ति पार्टी युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक, चिराग पासवान रहेंगे शामिल

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दिल्ली | लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक आगामी 21 जुलाई को राजधानी दिल्ली में आयोजित होने जा रही है। कंस्ट्यूशन क्लब में आयोजित इस महत्वपूर्ण आयोजन में पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष श्री चिराग पासवान, लोकसभा सांसदगण और संगठन से जुड़े अन्य वरिष्ठ नेता हिस्सा लेंगे।

बैठक का आयोजन युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री प्रणव कुमार के निर्देशन में किया जा रहा है। इसमें कई राज्यों से युवा प्रतिनिधियों की भागीदारी तय मानी जा रही है, जिससे यह बैठक आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज़ से बेहद अहम मानी जा रही है।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष युवा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) सह पार्टी प्रवक्ता डॉ. विभय कुमार झा ने जानकारी दी कि यह बैठक संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति को लेकर केंद्रित होगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय अध्यक्ष श्री चिराग पासवान और युवा मोर्चा के अध्यक्ष श्री प्रणव कुमार इस अवसर पर कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और जोश का संचार करेंगे।

डॉ. विभय कुमार झा ने बताया कि इस बैठक में विशेष रूप से बिहार से बड़ी संख्या में युवा साथियों के दिल्ली आने की संभावना है, जो पार्टी के प्रति उनके समर्पण और जोश को दर्शाता है। डॉ झा के अनुसार, आने वाले विधानसभा चुनाव 2025 की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट“ विज़न को गांव-गांव तक पहुंचाने की योजना है। इसके साथ ही युवा मोर्चा की संगठनात्मक विस्तार और सशक्तिकरण पर मंथन किया जाएगा। युवाओं को अधिक से अधिक जोड़ने के लिए हम लोग श्री प्रणव कुमार की अगुवाई में सोशल मीडिया और डिजिटल कैंपेन की रणनीति पर फोकस करेंगे।

यह बैठक लोक जनशक्ति पार्टी के युवा नेतृत्व को एकजुट करने और उन्हें आगामी चुनावों के लिए तैयार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है। “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट“ के मंत्र को लेकर पार्टी पूरे देश में विशेष रूप से बिहार में अपनी जनाधार को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय है।

चोरी का आरोप और सोशल मीडिया पर हंगामा

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अनाया अवलानी की कहानी हाल ही में सोशल मीडिया और समाचारों में चर्चा का विषय बनी, जब उन पर अमेरिका के इलिनॉय में एक टारगेट स्टोर से 1300 डॉलर का सामान चुराने का आरोप लगा। यह घटना 15 जुलाई 2025 को सामने आई, जब कई एक्स उपयोगकर्ताओं ने इसकी जानकारी साझा की। उनके अनुसार, अनाया ने स्टोर में सात घंटे तक शॉपिंग की और बिना भुगतान किए सामान लेकर निकलने की कोशिश की। सीसीटीवी फुटेज में उनकी हरकतें रिकॉर्ड हो गईं, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। इस घटना ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ बटोरीं, कुछ ने इसे शर्मिंदगी का कारण बताया, तो कुछ ने मामले की गहराई से जाँच की माँग की।

हालाँकि, इस घटना के अलावा अनाया अवलानी के बारे में कोई अन्य पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह स्पष्ट नहीं है कि वह कौन हैं, उनका पेशा क्या है, या उनकी पृष्ठभूमि क्या है। इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं, जैसे कि क्या यह कोई गलतफहमी थी या जानबूझकर किया गया कार्य। कुछ एक्स पोस्ट में इसे भारत की छवि को नुकसान पहुँचाने वाला बताया गया, लेकिन बिना ठोस सबूतों के ये दावे संदिग्ध हैं।

यह मामला हमें यह भी सोचने पर मजबूर करता है कि सोशल मीडिया पर खबरें कितनी जल्दी फैलती हैं, और बिना पूरी जानकारी के किसी की छवि को नुकसान पहुँच सकता है। अनाया की कहानी अभी अधूरी है, क्योंकि पुलिस जाँच चल रही है, और अंतिम निष्कर्ष तक पहुँचना जल्दबाजी होगी। इस घटना से यह भी सबक मिलता है कि हमें तुरंत निष्कर्ष निकालने से बचना चाहिए और तथ्यों की प्रतीक्षा करनी चाहिए।

अनाया अवलानी का यह मामला अभी केवल सोशल मीडिया पोस्ट और कुछ खबरों तक सीमित है। उनके पक्ष या इस घटना के पीछे की परिस्थितियों के बारे में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस कहानी का अंत कैसा होगा, यह जाँच के परिणामों पर निर्भर करता है। तब तक, यह एक ऐसी कहानी है जो चर्चा, विवाद और सवालों को जन्म दे रही है।

तेरह मोरी बांध: आगरा की ऐतिहासिक विरासत की बेरुखी

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आगरा, जिसकी हर सांस में इतिहास की गाथाएं बसी हैं, आज अपनी ही धरोहरों की उपेक्षा का मार्मिक नज़ारा पेश कर रहा है। जिले के तमाम तालाब, घाट, बांध और नदियाँ—जो सदियों से इस क्षेत्र की शान रहे हैं—आज लापरवाही और अदूरदर्शिता का शिकार हो चुके हैं। ये जलाशय, जो कभी आगरा की रौनक और तहज़ीब का प्रतीक थे, आज कूड़े-कचरे, गंदगी और बदइंतज़ामी की निशानी बन गए हैं। ऐतिहासिक इमारतें, जिन्हें विश्व धरोहर का दर्जा हासिल है, इन जलस्रोतों की बदहाली से अपनी चमक खो रही हैं। यह सिर्फ पानी की बर्बादी की दास्तान नहीं, बल्कि हमारी तारीख़ और तहज़ीब के साथ एक बेदर्द अन्याय है। घाटों की टूटी सीढ़ियाँ, सूखे हुए तालाब, और प्रदूषित नदियाँ आगरा की रूह को ठेस पहुँचा रही हैं। सरकारी उदासीनता और आम लोगों की ग़ैर-ज़िम्मेदारी ने इन जलस्रोतों को मौत के मुँह में धकेल दिया है।

मुग़ल बादशाह अकबर की राजधानी फतेहपुर सीकरी अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए दुनियाभर में मशहूर है। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल इस इलाक़े की सबसे अहम जल संचयन संरचना ‘तेरह मोरी बांध’ आज बेइंतिहा उपेक्षा झेल रही है।

जानकार लोग बताते हैं, यह बांध, जो कभी पानी के संग्रहण और भूजल रिचार्ज का प्रमुख ज़रिया था, आज पूरी तरह सूखा पड़ा है। इस मानसून सीज़न में भी, जब आसपास के तालाब और पोखर पानी से लबालब भरे हुए हैं, तेरह मोरी बांध की दुर्दशा चिंता का सबब बनी हुई है। सिविल सोसाइटी ऑफ़ आगरा ने इसकी हालत का मुआयना किया है और इसके जीर्णोद्धार के लिए प्रशासन और पुरातत्व विभाग से फ़ौरी कार्रवाई की गुज़ारिश की है।

अकबर के दौर में बना तेरह मोरी बांध फतेहपुर सीकरी की जल प्रबंधन व्यवस्था का अहम हिस्सा था। यह बांध न सिर्फ़ स्थानीय जलग्रहण क्षेत्र से पानी जमा करता था, बल्कि राजस्थान से आने वाली खारी नदी के बहाव को भी नियंत्रित करता था। बांध में कुल 13 स्ल्यूस गेट (मोरी) लगे हुए थे, जिनमें से अब सिर्फ़ छह ही नज़र आते हैं, और वो भी बेकार पड़े हैं। 1964 तक यह बांध पूरी क्षमता के साथ काम कर रहा था, लेकिन देखरेख के अभाव में इसके गेट अब काम नहीं करते। नतीजतन, इस मानसून में भी बांध तक पहुँचने वाला पानी बिना रुके सीधे नदी में बह जा रहा है।

तेरह मोरी बांध का लगभग 24 वर्ग किलोमीटर का जलग्रहण क्षेत्र है, जो मानसून के दौरान काफ़ी पानी उपलब्ध कराता है। पाली पत्साल गाँव के पास बनी पुलिया से होकर बृजेंद्र सिंह मोरी बैराज का पानी बांध तक पहुँचता है। इस साल मानसून में कई बार इस पुलिया पर पानी का ज़बरदस्त बहाव देखा गया, लेकिन बांध के गेटों के ख़राब होने की वजह से पानी को रोका नहीं जा सका। इसके अलावा, बांध के जल डूब क्षेत्र में खरीफ़ की फ़सल उगाने के चलते स्थानीय किसान पानी की निकासी कर देते हैं, जिससे समस्या और बढ़ जाती है।

उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के तृतीय मंडल, आगरा नहर के अधिशासी अभियंता के अधीन इस बांध का रखरखाव आता है, लेकिन इसकी मरम्मत के लिए कभी कोई ठोस पहल नहीं की गई। जनप्रतिनिधियों की ग़ैर-दिलचस्पी और सरकारी लापरवाही ने इस ऐतिहासिक धरोहर को बर्बादी के कगार पर पहुँचा दिया है।

तेरह मोरी बांध का महत्व सिर्फ़ जल संचय तक ही सीमित नहीं है। यह एक प्रमुख पर्यटन स्थल भी रहा है। 2006 तक फतेहपुर सीकरी के गेस्ट हाउस में वीआईपी मेहमानों को ठहराने का रिवाज़ था। बॉलीवुड में भी इस बांध का ख़ास स्थान रहा है। मशहूर अदाकार देवानंद की फ़िल्म ‘हम हैं राही प्यार के’ का एक गाना और ‘मेरे ब्रदर की दुल्हन’ में कैटरीना कैफ़ पर फ़िल्माया गया गीत यहीं शूट हुआ था। स्थानीय बॉलीवुड स्टार प्रमेंद्र पराशर भी इस बांध की ख़ूबसूरती के दीवाने थे।

सिविल सोसाइटी ऑफ़ आगरा के सचिव अनिल शर्मा, सदस्य राजीव सक्सेना और असलम सलीमी ने पत्साल, पनचक्की, चिकसाना और श्रृंगारपुर जैसे गाँवों का दौरा कर बांध की हालत का जायज़ा लिया। उन्होंने प्रशासन से माँग की है कि बांध के स्ल्यूस गेटों को तुरंत ठीक किया जाए और इसके लिए पुरातत्व विभाग से ज़रूरी इजाज़त ली जाए। सोसाइटी ने सुझाव दिया है कि बांध के 19 वर्ग किलोमीटर के कैचमेंट एरिया को जलधाराओं के ज़रिए व्यवस्थित किया जाए, ताकि मानसून का हर एक बूँद पानी बांध तक पहुँच सके। पहाड़ियों से निकलने वाली नालियों के वाटरशेड को भी संरक्षित करने की ज़रूरत है। ये काम मनरेगा के तहत किए जा सकते हैं, बशर्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सलाह ली जाए।

तेरह मोरी बांध सिर्फ़ आगरा की ऐतिहासिक धरोहर नहीं, बल्कि जल संकट और भूजल रिचार्ज का एक कारगर हल भी है।

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