प्रेरणा परिवार का पत्रकार होली मिलन समारोह संपन्न, संवाद और समरसता के रंगों से सजा आयोजन

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नोएडा; नोएडा के सेक्टर-62 स्थित NIOS मुख्यालय में प्रेरणा परिवार द्वारा पत्रकार बंधु-भगिनियों के साथ *प्रेरणा पत्रकार होली मिलन समारोह* का आत्मीय एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पत्रकारों के बीच आपसी संवाद, सौहार्द और सांस्कृतिक समरसता को प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नरेंद्र ठाकुर, अखिल भारतीय सह-प्रचार प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने संबोधन में संघ के शताब्दी वर्ष के ‘पंच परिवर्तन’ अभियान से जुड़े विषयों पर विचार रखते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में उत्सव केवल आनंद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और सकारात्मक संवाद को बढ़ाने का अवसर भी होते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समाज का सजग प्रहरी है, जो राष्ट्र जीवन को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

संयोगवश इस दिन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस भी था। इस अवसर पर उपस्थित सभी महिलाओं को नमन करते हुए समाज निर्माण में नारी शक्ति के योगदान को रेखांकित किया गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार अवधेश कुमार ने कहा कि ऋग्वेद में भी अनेक महिला ऋषियों का उल्लेख मिलता है, जिससे स्पष्ट होता है कि भारत में प्राचीन काल से ही महिलाओं ने ज्ञान, विचार और नेतृत्व के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में नारी को शक्ति, ज्ञान और सृजन का आधार माना गया है।

इसी क्रम में प्रसार भारती की सलाहकार स्मिता मिश्रा ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए होली के सांस्कृतिक महत्व तथा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश-उत्तराखण्ड क्षेत्र के प्रचार प्रमुख कृपाशंकर, एआईओएस के अध्यक्ष अखिलेश मिश्र, News18 के ग्रुप कंसल्टेंट एडिटर ब्रजेश श्रीवास्तव, वरिष्ठ पत्रकार अनंत विजय, प्रतिबिम्ब शर्मा, DD News से अशोक श्रीवास्तव व प्रखर श्रीवास्तव, India TV से मीनाक्षी जोशी, News 24 से अखिलेश आनंद, TV9 Bharatvarsh से प्रमिला दीक्षित, तथा विष्णु शर्मा और स्वप्निल सारस्वत सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों से लगभग 125 पत्रकार बंधु-भगिनियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कुल मिलाकर कार्यक्रम में लगभग 175 से अधिक बंधु / भगनियों की सहभागिता रही, जिसमें विभिन्न संस्थानों से पत्रकारिता विभाग के प्राध्यापक भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में मंच का संचालन करुण कपिल (प्रचार प्रमुख, वैशाली महानगर) द्वारा किया गया। वहीं गीत-संगीत की प्रस्तुति का नेतृत्व हरिश्चन्द्र (सह-प्रचार प्रमुख, हरनंदी) द्वारा किया गया, जिनके साथ बहन वैशाली, ताराचंद एवं अमित ने अपनी प्रस्तुतियों से वातावरण को उत्सवमय बना दिया।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मेरठ प्रांत के सह-प्रचार प्रमुख डॉ. अनिल के धन्यवाद ज्ञापन के उपरांत पारंपरिक फूलों की होली के साथ किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं पत्रकार बंधु-भगिनियों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएँ दीं और समाज में सकारात्मक संवाद व सहयोग को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

समारोह का वातावरण होली के रंगों, मधुर संगीत और आत्मीय संवाद से सराबोर रहा। कार्यक्रम के उपरांत सभी अतिथियों के लिए स्नेहभोज की भी व्यवस्था की गई।

अंत में प्रेरणा परिवार की ओर से सभी उपस्थित अतिथियों, पत्रकार बंधु-भगिनियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

PM Modi congratulates Nepali citizens for successful general election

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Nava Thakuria

Guwahati: Prime Minister Narendra Modi congratulated the Nepali people and also the interim government in Kathmandu for the successful general elections on 5 March 2026. “It is heartening to see my Nepali sisters and brothers exercise their democratic rights so vibrantly”, Modi said on a social media post asserting New Delhi’s commitment to work in close coordination with the people and the newly formed government. “As a close friend and neighbour, India remains steadfast in its commitment to working closely with the people of Nepal and their new government to scale new heights of shared peace, progress and prosperity”, he added.

Meanwhile, Balendra Shah of Rastriya Swatantra Party (RSP) led his party to win over 115 seats in the 275-member national Parliament. According to the election commission report, the RSP candidates are leading in 10 seats till Sunday afternoon. The young rapper-turned-politician Balendra even defeated his nearest rival, KP Sharma Oli in Jhapa-5 constituency of eastern Nepal. The former Kathmandu mayor secured 68,348 votes against the four-time premier’s 18,734 in the electoral battles and set to become the premier of Himalayan republic. Mentionable is that Oli, who leads the Communist Party of Nepal (Unified Marxist-Leninist), was ousted last year during the anti-corruption uprising across India’s immediate neighbour in September.

Nepali Congress (NC), the Himalayan nation’s oldest political party, is lagging behind with only 17 seats. The CPN-UML has won only seven seats (leading in three), Nepali Communist Party (NCP) six seats (leading in one). Rastriya Prajatantra Party (RPP) won in one seat, where Shrama Shakti Party (SSP) is leading in three seats. More than 60 % of total 19 million Nepali voters exercised their franchise in the election, which was largely peaceful. As the RSP sets out to form the next government, Balendra becomes the front runner to become the premier. He will be the youngest head of Nepal government and first one Madhesi leader to get the opportunity.

प्रधानमंत्री के नाम खुला पत्र

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राणा यशवंत

यह व्यक्ति ऐसे व्यवहार कर रहा है जैसे कानून सब इसके ठेंगे पर है। संस्थान की तो बाद में देखी जाये,लोगों को आतंकित और भयभीत करने के लिए इसके विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। यह अपने अन्य कारोबार में भी लोगों के साथ ऐसे ही व्यवहार करता होगा। इसके पूरे कारोबार और संपत्ति की छानबीन होनी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में इस तरह के आपराधिक व्यवहार के विरुद्ध कानून को अपना काम करना ही चाहिए।

अवधेश कुमार

आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी,

भारत सरकार

विषय – महिला दिवस पर महिला सहकर्मी पत्रकारों के सम्मान-स्वाभिमान के लिए न्यूज इंडिया 24/7 न्यूज चैनल के प्रबंधन की पात्रता की गहरी पड़ताल के संदर्भ में.

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, देश-दुनिया में महिलाओं के सशक्तिकरण, योगदान, उपलब्धि, सुरक्षा, सम्मान और संभावनाओं का सामूहिक मंगलगान है. स्वावलंबन औऱ स्वाभिमान से भरी आधी आबादी के समुचित औऱ सार्थक योगदान को रेखांकित करने का दिवस. उनके उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने का वैश्विक संकल्प भी.

लेकिन आज मैं देश की कुछ योग्य, स्वाभिमानी औऱ कर्मठ महिला पत्रकार सहकर्मियों की पीड़ा आपके सामने रखने आया हूं. यह खुला पत्र अनुशासन औऱ ईमानदारी के ढाई दशक से अधिक के मेरे पत्रकारीय जीवन की सबसे अराजक, पीड़ादायक और भयावह घटना का सार्वजनिक पाठ भी है. तस्वीर साफ करने और मूल बात की ओर आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए इसे मैं कुछ प्वांयट्स में रख रहा हूं.

1-न्यूज इंडिया 24/7 न्यूज चैनल के चेयरमैन शैलेंद्र शर्मा उर्फ शालू पंडित के कई बार के अनुरोध और स्वतंत्र रुप से काम करने के भरोसे के बाद मैंने 25 दिसंबर 2025 को बतौर इडिटर इन चीफ चैनल को ज्वॉयन किया. इस चैनल का दफ्तर सेक्टर 63, नोएडा, गौतमबुद्धनगर, यूपी में है. ज्वॉयन करने के बाद मुझे चैनल की अव्यवस्था औऱ शैलेंद्र शर्मा के मनमाने तरीके से चैनल चलाने के रवैये की जानकारी होने लगी. चूंकि मैंने संपादकीय अधिकार औऱ दायित्व के साथ कभी समझौता नहीं किया, इसलिए चैनल को व्यस्थित ढंग से चलाने और खबरों की निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए हर अनावश्यक दखल से चैनल को मुक्त रखने का प्रयास करने लगा.

2-इस दौरान कई नियुक्तियां हुईँ. उनमें महिला एंकर, रिपोर्टर औऱ प्रोड्यूसर भी रहीं. लगभग डेढ महीना पूरा होते होते-होते शैलेंद्र शर्मा ने यह कहना शुरु कर दिया कि जितने भी लोग हायर किए गए हैं, वे अपने पेपर जमा नहीं कर रहे हैं. सच्चाई यह थी कि सबों ने एचआर की तरफ से मांगे गए सारे कागजात जमा कर दिए थे. इसके बाद उन्होंने इस बात पर तकरार शुरु कर दी कि ज्यादातर लोगों के दिए कागजात फर्जी हैं. इनमें उन्होंने महिला पत्रकारों को खास तौर से निशाने पर लिया. मैंने सभी साथियों से व्यक्तिगत रुप से मिलकर उनके जरिए दिए गए पेपर्स की वैधता सुनिश्चित की. एचआर इन बैठकों में रहा. दो-तीन अपवाद के मामलों को मैंने वहीं निपटा भी दिया. मगर इस दौरान रात-विरात कई लोगों को टर्मिनेशन या फिर कागजों के पूरा नहीं होने पर सेवा समाप्त किए जाने के कंपनी नियमों के खिलाफ, मेल आते रहे. मेरी महिला साथी इससे ज्यादा आहत और प्रताड़ित महसूस करती रहीं.

3-मैंने संपादक होने के नाते शैलेंद्र शर्मा उर्फ शालू पंडित के इस अराजक औऱ अवैध तरीके पर सवाल उठाया औऱ उनको सलाह दी कि अगर आपको कागजात चेक ही करवाने हैं तो बेहतर है ऑडिट करवा लीजिए. मगर ऐसा नहीं करके उन्होंने एचआर से आधी रात के बाद रात 2.43 बजे एक मैसेज जेनरेट करवाया कि 26 फरवरी को सुबह 11.30 बजे चेयरमैन ने मीटिंग बुलाई है.

4-26 फरवरी 2026 को शैलेंद्र शर्मा अपने प्राइवेट सुरक्षागार्ड औऱ एक पुलिसगार्ड के साथ न्यूजरुम में आए. पूरे न्यूजरुम स्टाफ को उन्होंने चारों ओर जमा किया. बीच न्यूजरुम टेबल लगवाया औऱ जितने लोग हायर किए गए थे उनमें से अधिकतर की फाइलें टेबल पर रखवाईं. संपादक होने के नाते मैं भी अपने रुम से निकलकर वहां आ चुका था. मैंने अपने 28 साल के करियर में ऐसा डरावना माहौल औऱ ऐसा आक्रामक-अभद्र व्यवहार चैनल के अंदर नहीं देखा. शैलेंद्र शर्मा ने मेरे एक सीनियर कलीग के साथ जिस तू-तड़ाक और दोयम दर्जे की भाषा में बात करनी शुरु की, उसने खड़े सभी सहकर्मियों को आक्रांत कर दिया. किसी भी व्यवस्था में मुद्दे, असहमति या विरोध हो सकते हैं, लेकिन उन पर चर्चा करने और निपटारे के कुछ तरीके होते हैं. वे निरंकुश, अपमानजनक और भयावह नहीं हो सकते.

5-इसके बाद उन्होंने अपने निजी गार्ड से वीडियो बनावाना शुरु किया औऱ यह कहना भी कि ये फाइलें जितने लोगों की हैं, उन्होंने पेपर जमा नहीं किए हैं, इनकी गारंटी कंपनी नहीं लेती है औऱ इनको सैलरी राणा जी देंगे. मैंने वहां भी इसका विरोध किया औऱ कहा कि हायर किए लोग इसी इंडस्ट्री के हैं, उन्होंने अपने सारे पेपर जमा किए हैं औऱ एचआर के साथ मैंने खुद इसको चेक किया है. घटना के तुरंत बाद वह वीडियो शैलेंद्र शर्मा ने सोशल मीडिया पर डलवाया. उनकी मंशा ताकत का भय पैदा करने औऱ निरंकुश तरीके से न्यूज चैनल चलाने का संदेश देने की थी. वह वीडियो मैं यहां संलग्न कर रहा हूं.

6-क्या कोई भी संस्थान यह बता सकता है कि- जिन लोगों को काम करने के लिए बायोमेट्रिक एंट्री दी गई, उनका ड्यूटी शेड्यूल तैयार करवाया गया, उनसे काम लिया गया – डेढ महीने बाद वह संस्थान किस आधार पर उन कर्मचारियों के डॉकयूमेंट को फर्जी बताते हुए उनको रातों रात टर्मिनेट कर सकता है या फिर काम करने से रोक सकता है? उनको वेतन देने से मना कर सकता है? यह व्यवहार अवांछित, मनमाना तो है ही क्या अवैध भी नहीं है?

7-प्रधानमंत्री जी, मैंने आपका इंटरव्यू लिया है. देश औऱ समाज के प्रति मेरी पत्रकारिता के लिए आपकी तरफ से मुझे प्रशस्ति-पत्र भी भेजा गया. पत्रकारिता के क्षेत्र में मेरे योगदान पर प्रतिष्ठित पुरस्कारों की मुहर है. औऱ मैंने डेढ दशकों से अधिक के संपादकीय दायित्व के साथ सार्थक औऱ सकारकात्मक पत्रकारिता की है. जीवन में अनुशासन, ईमानदारी, पत्रकारीय मर्यादा और सम्मानजनक व्यवहार को मैंने ना सिर्फ बरता है बल्कि सामनेवाले से अपेक्षा भी की है.

8-इस घटना ने ना सिर्फ मुझे मानसिक रुप से आहत किया है बल्कि न्यूज चैनलों के गलत हाथों में जाने के खतरे से भी अवगत कराया है. मीडिया संस्थान देश औऱ समाज के कई तरह के दायित्वबोध के साथ चलते हैं. वे लोकतंत्र का आवश्यक अंग हैं. उनका मालिकाना हक रखनेवालों की पात्रता की गहरी पड़ताल अनिवार्य है. क्षुद्र स्वार्थों की पूर्ति के लिए चैनल को औजार समझनेवाले और संदेहास्पद पृष्ठभूमि के लोगों को लाइसेंस देना, संस्थान में काम करनेवाले पत्रकारों के सम्मान औऱ सुरक्षा तक के लिए घातक है. इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए. ऊपर मैंने जिस मूल चिंता की तरफ आपका ध्यान आकर्षित करने की बात लिखी है, वह यही है.

9- अपने महिला सहकर्मियों के नाम मैं यहां जान बूझकर नहीं लिख रहा हूं. इसमें उनकी भी सहमति है. मैं, महिला औऱ पुरुष सभी साथियों के अधिकार औऱ स्वाभिमान के लिए देश के संविधान और कानून के दायरे में जो भी उचित है, उसकी लड़ाई लड़ रहा हूं औऱ लड़ूंगा. लेकिन मेरा आग्रह यह है कि देश में मीडिया संस्थानों की गरिमा, पत्रकारिता की मर्यादा औऱ पत्रकारों के सम्मानजनक तरीके से काम करने का इकोसिस्टम बनाए रखने के लिए न्यूज चैनल मालिकों की पात्रता और योग्यता अवश्य सुनिश्चित की जाए.

आपका
राणा यशवंत

BBC’s Propaganda Exposed

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Tariq Anwar 

The story done by BBC’s Kashmiri-origin journalist Gafira Qadri about a Delhi landlord and a Kashmiri tenant seems fake or propagandistic at first glance.

When I posted about that story yesterday, I was contacted by the sister of a senior female journalist. She was saying that she herself had gone to Sukhdev Vihar to show her sister’s well-furnished house (with all necessary items available) to Gafira. The house was liked by her, and there was no issue regarding the rent at all. In fact, they didn’t even ask for an Aadhaar card. Still, Gafira didn’t take the house.

Sukhdev Vihar is a posh area in Okhla where there is a mixed population of Hindus and Muslims. Big elite people live there. So what compulsion was there that Gafira didn’t find it suitable to live there and instead made an entire story out of it?

Is it the restlessness to become famous quickly, or is BBC getting such stories done under some propaganda agenda, or is there some other matter?

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