इजराइल में ऑपरेशन अजय के अंतर्गत 212 भारतीय पहली विशेष उड़ान से स्वदेश लौटे

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इस्राइल से भारतीय नागरिकों को वापस लाने के अभियान ऑपरेशन अजय के तहत पहली उड़ान आज सुबह दिल्ली हवाई अड्डे पहुंची। इस उडान से दो सौ 12 भारतीयों को इस्राइल से स्वदेश लाया गया। यह विमान तल-अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे से कल शाम रवाना हुआ था।

विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने इस्राइल से वापस आने के इच्छुक भारतीयों के लिए ऑपरेशन अजय शुरु किये जाने की घोषणा की थी। इस्राइल पर हमास के हमले के बाद जारी लड़ाई को देखते हुए यह निर्णय लिया गया था। इस बीच इस्राइल में भारतीय दूतावास ने आज के लिए दूसरी उड़ान की घोषणा की है और इस बारे में ई-मेल पंजीकरण भेज दिया है।

भारत सरकार के अभियान ऑपरेशन अजय के तहत इस्राइल से भारतीयों को स्वदेश लाए जाने के के बीच केरल ने राज्यवासियों को सहायता प्रदान करने के आवश्यक प्रबंध किए हैं। मुख्‍यमंत्री पिनाराई विजयन ने बताया कि नई दिल्ली के केरल हाउस में 24 घंटे कार्यरत एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है और स्वदेश लाए गए लोगों के स्‍वागत और उनकी सहायता के लिए हवाई अड्डे पर हेल्‍प डेस्‍क बनाया गया है।

 

इज़राइल-गाजा के बीच जारी संघर्ष में करीब बाइस सौ लोगों की मृत्‍यु

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इज़राइल-गाजा के बीच जारी संघर्ष में करीब बाइस सौ लोगों की मृत्‍यु हो गई है। अकेले इज़राइल में मरने वालों की संख्या 155 सैनिकों सहित बारह सौ तक पहुँच गई है। गाजा में आतंकवादियों के अचानक हमले के बाद से एक हजार से अधिक लोग मारे गए हैं। मरने वालों में 14 अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार हमास के हमले’ के बाद इजरायल की कड़ी जवाबी कार्रवाई में गाजा में पांच हजार लोग घायल भी हो गए हैं।

इजराइली सेना ने चेतावनी दी है कि ये लड़ाई और तेज़ होगी। साथ ही इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने इजरायल में घुसपैठ करने वाले कम से कम 1,000 हमास लड़ाकों के शवों की गिनती की है।

इसराइल की सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जोनाथन कॉनरिकस ने कहा है कि हमें बहुत भारी नुकसान हुआ है, हालांकि इससे हम रुकेंगे नहीं और यह हमारे संकल्प को कमजोर नहीं करेगा। ये लड़ाई जारी रहेगी और गज़ा पट्टी से ऐसे दृश्य सामने आएंगे जिन्हें देख पाना बहुत मुश्किल होगा।

नॉर्थ ईस्‍ट सुपरफास्‍ट एक्‍सप्रेस रेलगाडी की आठ बोगी पटरी से उतरी

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बिहार में बक्सर जिले के रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन के पास गुवाहाटी-कामाख्या जंक्शन जाने वाली नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस की आठ बोगियों के पटरी से उतर जाने से चार लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक घायल हो गए। यह रेलगाड़ी दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से गुवाहाटी के कामाख्या जंक्शन जा रही थी।

रेलवे के अनुसार दुर्घटना कल रात 9 बजकर 35 मिनट पर उस समय हुई, जब यह रेलगाड़ी बक्सर जंक्शन से रवाना हुई। पूर्व मध्य रेलवे के मुख्‍य जनसम्‍पर्क अधिकारी बीरेंद्र कुमार ने बताया कि रेलगाड़ी के पटरी से उतरने का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है।

घटना के मद्देनजर कई यात्री और एक्सप्रेस रेलगाडि़यां रद्द कर दी गई हैं। दीन दयाल उपाध्याय-गया-पटना और दीन दयाल उपाध्याय-सासाराम-पटना रेल खंड से रेलगाडि़यां चलाई जा रही हैं। पटना, सासाराम, फतुहा, बक्सर, गया और आरा को जोड़ने वाली आठ यात्री रेलगाडि़यां आज रद्द कर दी गई हैं। बनारस-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस भी आज रद्द कर दी गई है।

भाषा अभियान का हिंदी पखवाड़ा

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भारतीय भाषा अभियान द्वारा हिन्दी पखवाड़ा समापन समारोह मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति श्री संजय करोल रहे। उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति श्री प्रशांत कुमार मिश्रा और दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति श्रीमती रेखा पल्ली अतिविशिष्ट अतिथि रहें। कार्यक्रम की अध्यक्षता डाक्टर अतुल कोठारी, भारतीय भाषा अभियान के राष्ट्रीय संरक्षक ने की। मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री मनन कुमार मिश्रा, अध्यक्ष, भारतीय विधिज्ञ परिषद, डॉ. अंजू वली तिक्कू, संकायाध्यक्ष, विधि संकाय, दिल्ली विश्वविद्यालय प्राध्यापक, विधि विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय, सर्वोच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष सुकुमार पटजोशी और सचिव रोहित पाण्डेय और भारतीय भाषा अभियान के राष्ट्रीय सह संयोजक श्री कामेश्वर नाथ मिश्र जी उपस्थित रहे।

न्यायमूर्ति संजय करोल जी ने कहा कि तकनीकी से अब भारतीय भाषाओं में काम करना आसान हो गया है। आने वाले दस वर्षों में भारत के न्यायालयों में भारतीय भाषाओं में काम करना प्रारंभ हो सकता हैं। विधि शिक्षा भारतीय भाषाओं में शीघ्र प्रारंभ होनी चाहिए।

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति प्रशांत मिश्रा जी ने कहा कि अनुवाद में बहुत बार बड़ी गलतियां हो जाती है। इसलिए क्षेत्रिय भाषाओं को न्यायालय में स्थान मिलना चाहिए। इससे विधि एवं न्याय के क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी। पक्षकार का यह नैसर्गिक अधिकार है कि उसे न्याय उसकी भाषा में मिले।

न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं में दिए गए निर्णय निश्चित रूप से न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी। आज की यह जरूरत है कि न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय आम आदमी समझ सके। इसके लिए लोकप्रिय और सरल भाषा का उपयोग होना चाहिए।

अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए अतुल भाई कोठारी जी ने कहा कि निचली अदालतों में वहां की प्रादेशिक भाषाओं में कार्य होना चाहिए, उच्च और उच्चतम न्यायालयों में अंग्रेजी के साथ भारतीय भाषाओं में कार्य होना चाहिए ‌। उन्होंने कहा कि दिल्ली के न्यायालयों के अंग्रेजी के साथ हिन्दी में कार्य शीघ्र प्रारंभ होना चाहिए‌।

मनन मिश्रा जी कहा कि अंग्रेजी के प्रति विशेष लगाव से भारतीय भाषाएं उपेक्षित हो रही है।

सुकुमार पटजोशी जी ने कहा कि आम वादी प्रतिवादियों के हित में सभी न्यायालयो में भारतीय भाषाओं में कार्य होना चाहिए। भारतीय भाषा अभियान के राष्ट्रीय सह संयोजक ने संगठन परिचय दिया। कार्यक्रम संयोजक अधिवक्ता शंकर झा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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