सम्राट चौधरी को भले ही भाजपा में बाहर से आया नेता बताया जा रहा हो किंतु वह काफी दमदार हैं और उनकी शैली आक्रामक है। वह लालू यादव के समीकरण को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं क्योकि उनकी राजनीति का सफर लालू यादव की राजद से ही प्रारंभ हुआ था और फिर वह नीतीश की पार्टी में भी गए और उसके बाद जीतनराम मांझी के साथ रहे। सम्राट के माध्यम से भाजपा ने पश्चिम बंगाल के ओबीसी समाज को एक बहुत बड़ा राजनैतिक संदेश भेजा है। बंगाल में ओबीसी समाज का मतदता बड़ी संख्या में है । वर्ष 2027 की शुरूआत मे ही उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में विधानसभा चुनाव होंगे उसको भी ध्यान में रखा गया है । राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि जातीय जनगण्ना की उथल पुथल के बीच बीजेपी को एक कद्दावर ओबीसी नेता की तलाश थी जो सम्राट चौधरी पूरी कर रहे हैं।
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विचार करने वाली बात है कि क्या भारत में रूपयों के पेड़ लग गये है?
सुखबीर सिंह डडवाल
रायपुर । देश मे कहीं भी चले जाइए,किसी भी सड़क पर, सभी जगह काम चल रहा है। पुरानी सड़क चौड़ी हो रही है, नई सड़क बन रही है, 2 Lane वाली 4 lane हो रही है।
नए Expressway बनाये जा रहे हैं।
शहरों में flyover बन रहे हैं ।
नई रेलवे लाइनें बिछ रही हैं।जो single Track थे उनको Double और Electrify किया जा रहा है। देश मे 4 तो नए DFC बोले तो Dedicated Freight Corridor बोले तो वो नई रेल लाइन बनाई जा रही हैं जिन पर सिर्फ मालगाड़ियां दौड़ेंगी।
देश की जितनी भी Unmanned Railway Crossing बोले तो मानव रहित रेलवे फाटक थे उनके नीचे से अंडरपास बनाये जा रहे हैं।
नमामि गंगे में ही गंगा और उनकी सभी सहायक नदियों के किनारे बसे शहरों में बड़े बड़े गहरे सीवर पाइप लाइन बिछा के Sewage Treatment Plant बनाये जा रहे हैं। बनारस का Sewage Treatment Plant बनारस से 30 Km दूर 30 एकड़ जमीन पर बनाया जा रहा है।
पूरे बनारस शहर का Sewage वहां पाइप लाइन से जाएगा और ट्रीट हो के उस पानी को कृषि कार्यों में उपयोग होगा, ये सैकड़ों करोड़ का प्रोजेक्ट है और ऐसे ही Sewage Treatment Plants लगभग हर शहर कस्बे में बन रहे हैं।
भारत माला, सागर माला , चार धाम आल वेदर रोड , पूरे चीन बॉर्डर पर आल वेदर रोड्स , बिल्कुल नया दिल्ली – मुम्बई एक्सप्रेस वे जैसे वृहद प्रोजेक्ट्स पर कार्य चल रहा है।
Bullet Train प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। देश मे 100 से ज़्यादा Airports और हवाई पट्टी अपग्रेड की जा रही हैं।
देश मे 13 करोड़ शौचालय और 3 करोड़ मकान बन गए प्रधान मंत्री आवास योजना में, ये जो मैंने काम गिनाए ये देश मे समानांतर चल रहे कुल विकास / निर्माण कार्यों का 1% भी नही है।
अलादीन का चिराग और उसका जिन्न हाथ आ गया है क्या ?
विपक्ष और प्रेस्टीट्यूट मीडिया कहता है कि सरकार रोज़गार देने में विफल रही…
आखिर ये सब निर्माण कार्य करने वाले कामगार जापान से आये हैं या सिंगापुर से ?
सड़क पर काम मे लगी जेसीबी कौन चला रहा है ? अडानी या अम्बानी ?
रोज़गार कहते किसे हैं ?
क्या सिर्फ सरकारी नौकरी को ?
क्या लैपटॉप को टेलीप्रॉम्प्टर (Teleprompter) की तरह किया जा सकता है इस्तेमाल
ये दोनों लैपटॉप, विंडोज/मैक किसी पर भी काम करते हैं।
QPrompt – ये बेस्ट फ्री ओपन-सोर्स ऐप है (2026 में भी पॉपुलर)।
अतिरिक्त फायदे
कॉलेज से लेकर कॉर्पोरेट जिहाद तक: जिम्मेदार कौन कौन ?
TCS केस की पीड़िता ने जब अपने हिन्दू HR (पुरुष) को अपनी व्यथा सुनाई तो उसने कहा,
आप Highlight क्यूं होना चाहती हैं
महिलाओं को कैसे रहना चाहिए इस पर खूब उपदेश दिए जाते हैं, पर यह सवाल कम उठता है कि पुरुषों की क्या जिम्मेदारी है। TCS जैसी जगहों पर भी पुरुष सहकर्मी मौजूद होते हैं—तो क्या उनका कर्तव्य सिर्फ मूक दर्शक बने रहना है? सारा दोष संस्कारों और परिवारों पर डाल देने से समस्या हल नहीं होगी। आज फेमिनिस्ट पुरुषों की भी आवश्यकता है, जो अपने घर की स्त्रियों के साथ-साथ बाहर हर कार्यक्षेत्र, कॉलेज और समाज में किसी भी महिला के सम्मान और सुरक्षा के लिए खड़े हों। हर जगह ‘बजरंग दल संगठन’ नहीं होगा, ऐसे में क्या वहाँ के पुरुष अपने सहपाठियों और सहकर्मियों का साथ नहीं देंगे?
अगर कोई महिला अपने सम्मान के लिए आवाज़ उठाती है या किसी गलत व्यवहार की शिकायत अपने आसपास के लोगों—खासकर हिंदू पुरुषों—से करती है, तो अक्सर देखा गया है कि कई लोग ऐसे कन्नी काट लेते हैं जैसे यह उनकी जिम्मेदारी ही न हो; जैसे यह सिर्फ “उसकी निजी समस्या” हो, न कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी। यही चुप्पी और दूरी अन्याय को और बढ़ावा देती है, जबकि असल में ज़रूरत है कि ऐसे समय पर लोग साथ खड़े हों, सुनें और समाधान करें ।






