3 स्थानीय रिपोर्टर पत्रकार की हत्या के आरोप में गिरफ्तार

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पुलिस ने बिहार के पूर्वी चंपारण में तीन आरोपियों को टीवी चैनल के रिपोर्टर मनीष कुमार सिंह  की हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया है, जिनसे अब पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमरेंद्र कुमार, अशजद आलम और महेंद्र सिंह के तौर पर हुई है और ये सभी स्थानीय रिपोर्टर हैं। एसपी नवीन चंद्रा ने बताया कि आरोपी अमरेंद्र के घर से मृतक पत्रकार मनीष का बैग, आई कार्ड, हेडफोन समेत कई सामान जब्त किया गया है।

घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। वहीं अब तक हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मालूम हो कि तीन दिनों से लापता रहे टीवी न्यूज चैनल के रिपोर्टर मनीष कुमार सिंह का शव मंगलवार को तालाब में मिला। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मनीष ‘सुदर्शन न्यूज’ चैनल में अरेराज अनुमंडल संवाददाता के पद पर कार्य करते थे।

उल्लेखनीय है कि मनीष शनिवार की शाम से गायब थे, जिसके बाद उनके पिता संजय सिंह ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने अमरेंद्र कुमार और असजद आलम समेत 13 लोगों को नामजद किया था। मंगलवार को जिले के हरसिद्धि थाना क्षेत्र स्थित मठलोहियार गद्दी टोला के समीप तालाब से मनीष का शव बरामद हुआ था। उनकी एक आंख भी गायब थी।

बताया जाता है कि मनीष कुमार एक पार्टी में जाने के लिए घर से बाहर निकले थे, उसके बाद वह वापस ही नहीं लौटे। तब जाकर उनकी गुमशुदगी की बात पता चल सकी। गायब होने से पहले मनीष ने अपने परिवार को मठ लोहियार गांव के गद्दी टोला के पास होने की बात कही थी। पत्रकार ने कहा था कि वह पार्टी से जल्द वापस लौटेंगे। मनीष को आखिरी बार अमरेंद्र कुमार, अशजद आलम और महेंद्र सिंह के साथ देखा गया था। घटना वाली जगह से पुलिस को CCTV फुटेज मिला था, जिसमें तीनों गिरफ्तार आरोपी और मनीष साथ जाते दिख रहे थे, लेकिन लौटने के समय पर जर्नलिस्ट उनके साथ नहीं था। इसके बाद पुलिस को तीनों पर शक हुआ और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे का मकसद अभी तक स्पष्ट नहीं है।

मनीष के शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया था। शव के सड़ने की वजह से उसे SKMCH रेफर कर दिया गया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए मुजफ्फरपुर पहुंचा।

एक स्थानीय अखबार से जुड़े संजय सिंह का आरोप है कि जमीन के विवाद में उनके बेटे की हत्या की गई है। संजय सिंह का कहना है कि उनके बेटे का गला रेता गया था, जबकि शरीर पर कई जगह चाकू से गोदने के निशान थे। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस पर भी इस मामले में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है।

विस्थापित हिन्दुओं का यथार्थ है पुण्यपथ

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संस्कार भारती, बिहार के तत्वधान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के‌ पटना मुख्यालय, विजय निकेतन  के चाणक्य सभागार में सर्वेश तिवारी ‘श्रीमुख’ की पाकिस्तानी हिन्दुओं के उपर केन्द्रित उपन्यास पुण्यपथ पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर बोलते हुए संस्कार भारती के अखिल भारतीय महामंत्री अमीर चंद ने कहा कि पुण्यपथ आज के समय में विस्थापित हिन्दुओं का यथार्थ है।सर्वेश ने जो हिम्मत अपने कलम के माध्यम से दिखाई है वह प्रशंसनीय है।मैंने जब यह किताब पढ़ी मैं अंदर से हिल गया। विस्थापित हिन्दुओं का सम्मान लौटाना आज के समय की माँग है। कल का सुखद संयोग इस बात की गवाही दे रहा था कि मनोयोग से किया गया अपनों के लिए किया गया प्रयास कभी विफल‌ नही होता है।

गीता में भगवान कहते हैं कि

ईश्वरः सर्वभूतानां हृद्देशेऽर्जुन तिष्ठति।

भ्रामयन्सर्वभूतानि यन्त्रारूढानि मायया।।18.61

हे अर्जुन ! ईश्वर सम्पूर्ण प्राणियोंके हृदयमें रहता है और अपनी माया से शरीर रूपी यन्त्र पर आरूढ़ हुए सम्पूर्ण प्राणियों‌ को उनकी नीयत के हिसाब से भ्रमण कराता रहता है।

प्रसिद्ध सिने समीक्षक विनोद अनुपम ने कहा कि पुण्यपथ के विषय पर और बातें होनी चाहिए। सर्वेश ने जो आज किया है बहुत पहले किया जाना चाहिए था लेकिन यह इस देश का दुर्भाग्य है कि ऐसी बात पहले शुरु नही हुयी। आनंद कुमार ने कहा कि सर्वेश तिवारी ‘श्रीमुख’ उन चंद लेखकों में से एक हैं जिन्होंने कभी राष्ट्रवाद की डोर नहीं छोड़ी। उनका पहला उपन्यास “परत” लव जिहाद की परतों को उधेड़ता उस विषय पर लिखा गया हिन्दी का इकलौता उपन्यास है, जिसे पाठकों ने खूब सराहा और यह किताब बेस्ट सेलर बनी।

सर्वेश तिवारी ‘श्रीमुख’ ने पुस्तक की भूमिका पर बोलते हुए कहा कि मैं एक साहित्यकार का धर्म निभा रहा हूँ। अपने समय के सत्य को उधृत करना ही साहित्यकार का कर्तव्य है और मैं उसको जी रहा हूँ।

प्रो. अरुण भगत ने किताब पर बोलते हुए कहा कि यह पाकिस्तानी हिन्दुओं की पीड़ा को केंद्र में रख कर लिखा गया उपन्यास समाज की आँखे खोलने वाली है। उनकी यह पुस्तक समाजोपयोगी है।यह किताब उत्कृष्ट साहित्य का नमूना है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पद्मश्री प्रो. श्याम शर्मा ने कहा कि पुण्यपथ, हर हिन्दू के घर में होनी चाहिए ताकि उनको विस्थापित हिन्दुओं की पीड़ा का एहसास हो सके।

इस मौके पर जलज कुमार अनुपम ने मंच का संचालन करते हुए कहा कि अपने और पराये लोगों के बीच की रेखा की पहचान करना नितांत आवश्यक है। जो धर्म के साथ नही है इसका सीधा मतलब है कि वह अधर्म के साथ है क्योंकि मौन भी अधर्म ही होता है। इस मौके पर प्रसिद्ध रंग निर्देशक संजय उपाध्याय, संस्कार भारती, बिहार के संगठन मंत्री वेद प्रकाश, संजय पोद्दार, नीतू कुमार ‘नूतन’, और डा. संजय कुमार चौधरी के अलावे अनेकों बुद्धिजीवी लोग बहुत दूर से चल कर आये और कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।

विकट परिस्थितियों में भी न्यास का शिक्षा में सुधार का अभियान यज्ञ के रूप में रुकने वाला नहीं है – अतुल कोठारी

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प्रो. श्रीधर श्रीवास्तव

“शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास राष्ट्रीय शिक्षा नीति” के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए नीति देश के लिए कैसे उपयोगी हो, इस दिशा में कार्य कर रहा है। 130 करोड़ जनसंख्या वाले देश में दूरदराज के विद्यालयों तक हम क्रियान्वयन के लिए विभिन्न आयामों पर विचारों को साझा कर रहे हैं। स्कूल लीडरशिप को कैसे प्रयोग में लाया जाए इसके लिए देश में जागरूकता की आवश्यकता है।” यह उद्गार शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की दो दिवसीय राष्ट्रीय शैक्षिक कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान परिषद एनसीईआरटी, नई दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर श्रीधर श्रीवास्तव ने व्यक्त की।

अतुल कोठारी

कार्यशाला की प्रस्तावना रखते हुए शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी ने कहा कि विकट परिस्थितियों में भी न्यास का शिक्षा में सुधार का अभियान यज्ञ के रूप में रुकने वाला नहीं है। कार्यशाला में सभी प्रांतों के द्वारा विगत एक वर्ष में किए गए कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ तीन महत्वपूर्ण सत्रों में न्यास के कार्यों, लक्ष्य, कार्यपद्धति एवं विभिन्न विषयों, आयामों तथा कार्य विभागों पर विस्तार से चर्चा हुई। कोरोना महामारी के दौरान भारत की शिक्षा-व्यवस्था में जिस वैकल्पिक व्यवस्था की आवश्यकता है, उस पर केंद्रित दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को चर्चा एवं विमर्श के तदुपरांत सर्व-सम्मति से पारित किया गया। कार्यशाला में 28 प्रांतों के 500 से अधिक प्रतिभागी आभासी माध्यम से जुड़े हुए हैं। प्रथम दिवस कार्यशाला का संचालन राजस्थान क्षेत्र के संयोजक डॉ. चंद्रशेखर ने किया।

“चीनी कोरोना महामारी के दौरान न्यास की कार्यशाला में भारतीय शिक्षा” विषयक प्रस्ताव में बताया गया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की घोषणा एवं कोरोना महामारी के एक वर्ष पश्चात देश की शिक्षा व्यवस्था आकस्मिक रूप से व्यापक बदलाव से गुजर रही है। देश में शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोग हुए हैं साथ ही शिक्षकों द्वारा भी नवाचार किए गए हैं। ऑनलाइन शिक्षण, पढ़ाने की प्रक्रिया, मूल्यांकन, परीक्षा प्रक्रिया आदि विषयों पर न्यास, शैक्षणिक संस्थाएँ तथा सरकार ने चुनौती को अवसर में बदलने का काम किया है। न्यास ने अपने इस प्रस्ताव में मिश्रित शिक्षा प्रणाली, पाठ्यक्रम में स्वास्थ्य एवं योग शिक्षा के समावेश करने का आग्रह किया है। सतत मूल्यांकन, 360 डिग्री मूल्यांकन की कार्य-योजना बनाने की बात कही है। तकनीक के प्रयोग हेतु शिक्षकों के प्रशिक्षण की भी मांग की गई है।

दूसरे प्रस्ताव में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की समीक्षा की बात रखी गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बहुत सारी नई बातों एवं आयामों का समावेश किया गया है। उसके क्रियान्वयन में सरकार के साथ समाज का भी दायित्व है। देशभर के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और विद्यालयों में क्रियान्वयन समितियों का गठन करना चाहिए, ऐसा आग्रह किया गया है। जिला स्तर की समितियाँ बनें, जो इसकी निगरानी एवं मार्गदर्शन कर सके। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन से शिक्षा में आमूलचूल परिवर्तन किया जा सकता है। इस हेतु सरकार के साथ-साथ समाज के बुद्धिजीवियों एवं शिक्षाविदों को साथ लेकर इस दिशा में सफलता प्राप्त की जा सकती है।

Twitter ने दो न्यूज एजेंसियों से मिलाया हाथ

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फेक न्यूज पर तमाम उपायों के बाद भी पूरी तरह से लगाम नहीं लग पा रही है। ऐसे में यह मुद्दा काफी चिंता का विषय बना हुआ है। अपने प्लेटफॉर्म पर फेक न्यूज के प्रसार पर लगाम लगाने के लिए अब माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘ट्विटर’ ने न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ और एसोसिएटेड प्रेस (एपी) से हाथ मिलाया है। इस करार के तहत ये दोनों एजेंसियां ट्विटर को उन न्यूज स्टोरीज के बारे में अधिक पृष्ठभूमि और संदर्भ प्रदान करने में सहायता करेंगी, जिनके वायरल होने की संभावना है।

एक ब्लॉग पोस्ट में ट्विटर का इस बारे में कहना है, ‘हम यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं कि जब लोग तमाम जानकारियों के लिए ट्विटर पर आएं तो उन्हें आसानी से विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध हों। ट्विटर इस दिशा में लगातार प्रयत्नशील है कि लोगों को रोजाना देश-दुनिया में हो रहे घटनाक्रमों के बारे में तेजी से विश्वसनीय सूचनाएं और विचारों को समय से उपलब्ध कराया जाए।’

बतौर ट्विटर ‘किसी न्यूज के वायरल होने के बाद उस मुद्दे से निपटने के बजाय ट्विटर इस पार्टनरशिप के जरिये लोगों को पहले से ही उन न्यूज स्टोरीज के बारे में अधिक पृष्ठभूमि और संदर्भ प्रदान करने में सहायता मिलेगी।’

ट्विटर की क्यूरेशन टीम लोगों को वर्तमान में ट्विटर पर दिखाई देने वाली जानकारी के बारे में सूचित विकल्प बनाने के लिए संदर्भ देती है। इस बारे में ट्विटर का कहना है, ‘जब ट्विटर पर बड़े पैमाने पर या तेजी से बातचीत होती है तो यह विवादास्पद,  संवेदनशील अथवा संभावित रूप से भ्रामक जानकारी हो सकती है, ऐसे में ट्विटर की क्यूरेशन टीम स्रोत और विश्वसनीय स्रोतों से प्रासंगिक संदर्भ को ऊपर उठाती है।‘ इस पार्टनरशिप के जरिये यूजर्स अब अतिरिक्त संदर्भ और विश्वसनीय जानकारी को ट्रेंड्स, एक्प्लोरर, सर्च, प्रॉम्ट्स और लेबल्स टैब पर देख सकेंगे।

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