चंपारण के लाल भूपेन्द्र भगत हुए डॉक्टर भूपेन्द्र भगत

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मोतिहारी। संग्रामपुर प्रखंड के अंतर्गत उत्तरी भवानीपुर गांव के निवासी श्री रामशीष भगत के सुपुत्र भूपेन्द्र भगत को देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपने 102वें दीक्षांत समारोह में डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की है। इस दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि देश के माननीय उपराष्ट्रपति श्री सी पी राधाकृष्णन थे। साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रो. योगेश सिंह, डीन ऑफ कॉलेज प्रो. बलराम पाणी जी और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर्स, कर्मचारी और डॉक्टरेट से सम्मानित अन्य विषयों के सैकड़ों शोधार्थी रहे। यह उपाधि उनके हिंदी साहित्य में डॉक्टरेट इन फिलोसॉफी (पीएचडी) करने पर प्रदान की गई है।

यह उपाधि प्राप्त करने वाले भूपेन्द्र अपने परिवार, समाज और गांव के पहले छात्र हैं जिन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से ही स्नातक, स्नातकोत्तर और अब वहीं से अपनी पीएचडी कर डॉक्टरेट हुए हैं।

बता दें कि भूपेन्द्र के पिता एक आम किसान हैं और गांव में रहकर ही खेती किसानी और मजदूरी करते हैं। भूपेन्द्र ने अपने पिता के आदर्शों और संस्कारों से प्रेरणा लेकर यह मुकाम हासिल किया है।

इस विषय में डॉ. भूपेन्द्र का कहना है “दिल्ली विश्वविद्यालय में आने वाले उत्तर प्रदेश और बिहार विशेषकर पूर्वांचल के हम जैसे छात्र अपनी मेहनत तो करते ही हैं साथ ही उनके कुछ बनने में यहां के माहौल, यहां के वरिष्ठ साथी, प्राध्यापक सबका योगदान होता है। बिना सामाजिक सहयोग के व्यक्ति अकेले कामयाबी की ऊंचाई पर नहीं पहुंच सकता चाहे वह कितनी ही मेहनत क्यों न कर ले।”

डॉ. भूपेन्द्र आगे कहते हैं कि वो आगे चलकर अपने गांव, अपने समाज और अपने जिले के छात्रों को लिए उच्च शिक्षा के लिए सहयोग करना चाहते हैं ताकि अधिक से अधिक बच्चे उच्च शिक्षा में आ सकें और वे भी अपने गांव और जिले का नाम रौशन कर सकें।

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