एक बात तो साफ हो गई कि इस ह.. त्या का बंगाल के चुनावी नतीजे या भवानीपुर में वोट काउंटिंग के दौरान ममता बनर्जी से जो नोक झोंक हुई उससे इसका कोई लेना-देना नहीं था, क्योंकि उनको मा.. रने की सुपारी चुनाव से दो महीने पहले ही दी जा चुकी थी, नतीजे चाहे जो आते लेकिन उन्हें मा.. रने का प्रोग्राम पहले ही तय हो चुका था …
हत्.. या में इस्तेमाल हुई कार निशान माईक्रा जो कि लावारिस बरामद हुई थी, जिस पर नकली नंबर प्लेट लगा था, वो जांच में सिलिगुड़ी के एक व्यक्ति की निकली,
फिर जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने बताया वो कार उसने दो महीने पहले यूपी के बलिया जिले के एक व्यक्ति को ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिए बेची थी, वो व्यक्ति था राज सिंह “चंदन”
फिर पुलिस ने उसका एड्रेस निकाला और यूपी जाकर उसके साथ उसके दो और साथियों को भी गिरफ्तार किया और पकड़कर बंगाल ले आई !
अब पूछताछ चालू है, सस्पेंस बस इतना भर रह गया है कि इनको सुपारी दी किसने थी ??
हालांकि नाम सामने आना बस वक्त की बात है लेकिन जिस तरह से यह कांड हुआ, गाड़ी खरीदकर घटना के बाद उसे लावारिस छोड़ा गया, हत्या में बेहद मंहगी पिस्तौल का इस्तेमाल हुआ जो कि भारत में मिलती भी नहीं है।
ये सब चीजें साफ इशारा करती हैं कि सुपारी की रकम कोई छोटी मोटी रकम तो नहीं थी और उसे देने वाला भी कोई सामान्य आदमी तो नहीं ही था !
निश्चित रूप से यह राजनैतिक ह.. त्या है और शक की सूईयां अभिषेक बनर्जी की ओर ही इशारा कर रही हैं।
नीचे तस्वीर में हैं बलिया से गिरफ्तार राज सिंह “चंदन”



