चंडीपुर में अमित शाह की हुंकार बनाम उत्तम बारीक का ‘100 दिन’ का संकल्प, आखिर कौन मारेगा बाजी!

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नैवेद्य पुरोहित

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में 21 अप्रैल की दोपहर चंडीपुर विधानसभा के ‘बिनयकृष्ण स्मृति फुटबॉल मैदान’ में राजनीति का एक नया अध्याय लिखा गया। देश के गृहमंत्री अमित शाह की विशाल जनसभा में उमड़े अपार जनसमर्थन ने चंडीपुर विधानसभा के चुनावी मुकाबले को ‘हाई-वोल्टेज’ बना दिया है। जहां एक ओर भ्रष्टाचार पर तीखे प्रहार हुए, वहीं दूसरी ओर स्थानीय समस्याओं की ज़मीनी हकीकत ने इस चुनाव को और भी पेचीदा कर दिया है।

भ्रष्टाचार पर शाह का वार, ‘पाई-पाई वसूलेंगे’

गृहमंत्री ने मंच से सीधे तौर पर ममता सरकार की घेराबंदी की। उन्होंने दहाड़ते हुए कहा, “जिस सरकार ने मां, माटी, मानुष के नाम पर सत्ता पाई थी उसने आज केवल बालू माफिया, जमीन माफिया और रिज़ॉर्ट माफिया को संरक्षण देने का काम किया है। मैं चंडीपुर की जनता को भरोसा दिलाता हूँ कि बंगाल में भाजपा सरकार बनते ही एक-एक भ्रष्टाचारी को पाताल से ढूंढ निकालेंगे और जनता की लूटी हुई पाई-पाई वसूली जाएगी।”
उत्तम बारीक का पलटवार, “100 दिन में समाधान का वादा”

इस लहर के बीच चंडीपुर से टीएमसी प्रत्याशी और पटाशपुर के विधायक उत्तम बारीक अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिखे। हमारी विशेष बातचीत में उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं को स्वीकारते हुए एक बड़ा विज़न सामने रखा। उन्होंने कहा, “मैं जीतने के 100 दिनों के भीतर चंडीपुर में वॉटर ड्रेनेज की समस्या का स्थाई समाधान कर दूँगा।”

पलायन का दर्द और गंदगी का अंबार

जब मैंने मेचेदा रेलवे स्टेशन से चंडीपुर जाने वाली बस में यात्रियों से स्थानीय लोगों से बात की तो हकीकत अमित शाह के दावों और उत्तम बारीक के वादों के बीच कहीं फंसी नजर आई। नौजवानों की मजबूरी दिखी जहां एक स्थानीय युवक ने आँखों में मायूसी लिए बताया, “भले ही यहाँ स्कूल-कॉलेज खुल गए हों, लेकिन हाथ में काम नहीं है। डिग्री लेकर भी हमें दूसरी जगह पलायन करना पड़ता है।” क्षेत्र में घूमने पर हर तरफ फैली गंदगी की समस्या स्पष्ट दिखी। लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि सालों से बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी की गई है।
क्या काम आएगा ‘कांथी’ का फैक्टर?

कांथी लोकसभा के अंतर्गत आने वाले चंडीपुर में सौमेंदु अधिकारी की हालिया जीत ने भाजपा के पक्ष में माहौल बनाया है। भाजपा प्रत्याशी डॉ. पीयूष कांति दास को उम्मीद है कि अमित शाह की इस रैली के बाद ‘परिवर्तन की लहर’ वोट में तब्दील होगी। वहीं उत्तम बारीक अपने विधायक अनुभव और 100 दिनों के ‘एक्शन प्लान’ के सहारे इस लहर को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

चंडीपुर का मुकाबला अब भ्रष्टाचार बनाम स्थानीय विकास की जंग में बदल गया है। क्या जनता माफिया राज के खिलाफ शाह के गुस्से के साथ जाएगी, या फिर उत्तम बारीक के 100 दिनों के वादे पर भरोसा करेगी? इसका फैसला चंडीपुर का वह मतदाता करेगा जो फिलहाल पलायन और जलजमाव सहित हर तरफ से मार झेल रहा है।

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