नवरात्रि पर मिशन शक्ति के माध्यम से नारी सशक्तीकरण

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नारी सुरक्षा तथा नारी सम्मान को बढ़ावा देने एवं स्त्रियों को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में नवरात्रि के पावन अवसर पर विगत तीन वर्षों से मिशन शक्ति का आयोजन किया जाता रहा है। इस नवरात्रि पर योगी सरकार ने मिशन शक्ति अभियान के चतुर्थ चरण का श्रीगणेश किया।

प्रत्येक सनातनी की भांति प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी नवरात्रि में नौ दिनों का व्रत रखते हैं और गोरखनाथ पीठ में परम्परानुसार कन्या पूजन करते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ न केवल कन्या पूजन करते हैं वरन प्रदेश की बेटियों का जीवन सुरक्षित, समृद्ध और सशक्त बनाने के लिए भी वह संकल्पवान हैं। योगी जी की इच्छा है कि मां दुर्गा के नौ रूपों के अनुरूप ही प्रदेश की बेटियां का जीवन भी हो और उन्हें पर्याप्त आदर व सम्मान मिले।
योगी सरकार के मिशन शक्ति अभियान और उनके द्वारा की जा रही कन्या पूजन के कारण प्रदेश का विपक्ष भी दबाव का अनुभव कर रहा है और इसी दबाव को कम करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने भी नरम हिंदुत्व का नकली चोला ओढ़कर कन्या पूजन करवाने का फैसला लिया है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा महिलाओं व बेटियां के लिए चलाये जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की सफलता से प्रेरित होकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने पिछले चुनावों में “मैं लड़की हूं लड़ सकती हूं” का नारा भी दिया था किंतु कथनी और करनी के विरोधाभासों के चलते यह नारा बुरी तरह विफल रहा।

संसद व विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम -2023 के पारित हो जाने के बाद अब भाजपा ने हर विधानसभा क्षेत्र में बड़ा सम्मेलन करने की योजना बनाई है वही मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं व बेटियों के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का प्रसार करने का अभियान भी चलाया जा रहा है। योगी सरकार आने के बाद प्रदेश में महिलाओं व बेटियों की सुरक्षा के लिए विविध योजनायें प्रारम्भ की गई हैं और उनका सुचारु संचालन भी किया जा रहा है।

सरकार की विभिन्न योजनाओं का परिणाम है कि आज प्रदेश में महिलाओं की आय पहले से अधिक हो गई है। विगत वित्त वर्ष में जुलाई से सितंबर के मध्य ग्रामीण महिलाओें की आय 8,936 रूपये थी जा अप्रैल से जून 23 के बीच 20 हजार से अधिक हो गई है। केंद्र सरकार के पीरियाडिक लेबर फोर्स सर्वे में उत्तर प्रदेश में महिलाओं की आय में लगातर वृद्धि हो रही है। ग्रामीण महिला श्रम बल भागीदारी दर के अनुसार वर्ष 2018- 19 में यह दर लगभग 20 प्रतिशत थी जो बढ़कर 2022 -23 में यह दर 56 फीसदी तक पहुंच गई है।

मिशन शक्ति के चतुर्थ चरण में सरकार ग्रामीण और शहरी महिलाओं को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आजीविका गतिविधियों से जोड़ने पर ध्यान केन्द्रित कर रही है। मिशन के चतुर्थ चरण को महिला स्वास्थ के प्रति समर्पित किया गया है। इसमें महिलाओं को उनके स्वास्थ्य से सम्बंधित योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। 30 वर्ष से ऊपर की महिलाओं को मधुमेह, उच्च रक्तचाप, स्तन व सर्वाइकल कैंसर का निःशुल्क परामर्श दिया जा रहा है। प्रदेश की कुपोषित बालिकाओं के लिए विशिष्ट पोषण पुनर्वास केंद्र बनाने का भी फैसला लिया गया हे।

योगी जी प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा को लेकर बहुत ही सचेत तथा कठोर हैं । वे कई अवसरों पर वह स्पष्ट संदेश दे चुके हैं कि प्रदेश की सीमा के अंदर अगर कोई भी व्यक्ति हमारी बहिन बेटियो की सुरक्षा में किसी भी प्रकार से सेंध लगाने का प्रयास करेगा तो ऐसे तत्वों को अगले चौराहे पर यमराज प्रतीक्षा करता मिलेगा। योगी जी की चेतावनी का असर भी दिखाई पड़ा है। सरजू एक्सप्रेस में महिला पुलिसकर्मी से अभद्रता व छेड़छाड़ करने वाले बदमाशों का एनकाउंटर किया गया। बेटियों की सुरक्षा के लिए योगी सरकार ने पहली बार ही अपनी पहली ही बैठक में एंटी रोमियो स्कवायड का गठन किया था जिसकी तत्परता से अब तक सैकड़ों शोहदों को दबोचा जा चुका है। एंटी रोमियो स्क्वायड शोहदों पर कहर बनकर टूटा है। लव जिहाद की शिकार बेटियां को बचाने के लिए भी पुलिस अब तत्परता से कार्यवाही कर रही है। योगी सरकार की ओर से प्रदेश की बेटियों महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षित यात्रा के लिए परिवहन विभाग की सिटी बसों में सीसीटीवी कैमरे के संग पैनिक बटन भी लगाये जा रहे हैं।

मिशन शक्ति अभियान का श्रीगणेश करते समय मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मिशन शक्ति के कारण अपराधियों पर लगाम लगाने व उनको सजा दिलाने में सफलता मिली है। महिला आरक्षी दल को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 2020 में नारी सम्मान, सुरक्षा व स्वावलंबन को लेकर मिशन शक्ति अभियान की शुरुआत की गई थी। इसके तहत प्रदेश पुलिस में 20 प्रतिशत महिला कर्मियों की भर्ती को सुनिश्चित किया गया था। 1947 से लेकर 2017 तक यूपी पुलिस में महिला कार्मिक दस हजार के आसपास थीं जो अब बढ़कर 40 हजार हो गई हैं।योगी ने कहा कि अब महिला बीट गांव- गांव जाकर महिलाओं को जागरूक करने का भी काम करेंगी।

मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत प्रदेश भर में महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरुक करने का अभियान चलाया जा रहा है।बाल अधिकार सप्ताह, शक्ति संवाद, स्वावलंबन कैंप और मिशन कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।प्रदेश में निराश्रित व विधवा महिलाओं को दी जा रही पेंशन का भी व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।प्रदेश में गरीब परिवारों की बेटियां का विवाह करवाया जा रहा है। वहीं प्रदेश की बेटियों को स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 15 हजार रुपये की धनराशि सरकार की ओर से दी जा रही है। बेटियां की सुरक्षा के लिए जगह -जगह पिंक बूथ बनाये गये हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगलम योजना के लिए करोड़ों रुपये की व्यवस्था की जाती है। महिलाओं व बेटियों को ध्यान में रखते हुए रष्ट्रीय पोषण अभियान कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। स्कूल -कालेजों में बेटियों को स्वतः सुरक्षा के गुर भी सिखाये जा रहे हैं जैसे जूडो- कराटे आदि। कालेजों में बेटियां को सुरक्षित रहने के लिए उनके कानूनी अधिकारों के बारे में भी बताया जा रहा है।

केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना हर घर नल से जल योजना का लाभ गरीब महिलाओं का मिल रहा है जिन्हें काफी दूर से जल लाना पड़ता था। आज प्रदेश में तीन तलाक पीड़ित मुस्लिम महिलाओं को भी उनके भरण पोषण के लिए पेंशन दी जा रही है।

योगी जी के नेतृत्व में नए भारत का नया उत्तर प्रदेश सफलता की नई कहानी कह रहा है। प्रदेश की महिलाओं को अब सरकार की हर योजना का लाभ शत प्रतिशत पारदर्शी रूप से मिल रहा है। केंद्र की “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” योजना के अंतर्गत यूपी में 1.90 करोड़ बेटियों को जागरुक किया गया। मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत 8.99 करोड़ महिलाओं को जागरुक किया जा चुका है। प्रदेश में 1,89,014 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं और अब इन सभी केंद्रों में कुपोषण मिटाने के लिए निःशुल्क पका भोजन भी प्राप्त होने जा रहा है।प्रदेश में महिला कल्याण के लिए अब तक 10 लाख स्वयं सहायता समूह बनाये गये हैं और उनमें एक करोड़ महिलाओं को जोड़ा गया है। पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत दो लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। योगी सरकार आने के बाद प्रदेश में सरकारी नौकरियों में अब तक डेढ़ लाख से अधिक महिलाओं को नौकरी प्राप्त हो चुकी है। आज प्रदेश की बेटियां जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की नई कहानियां गढ़ रही हैं।अभी एशियाई खेलों में भी प्रदेश की बेटी पारुल चौधरी ने स्वर्ण पदक जीतकर कीर्तिमान रचा। वहीं भारत के चंद्रयान की सफलता में लखनऊ की डा रितु ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।

हमारे ग्रंथों में कहा गया है कि ”यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता” अर्थात जहां नारियों का सम्मान होता है वहां देवताओं का निवास होता है और आज यही कार्य प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं। उप्र सरकार ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के साथ मिशन शक्ति के रूप में समाजिक संदेश का जो माध्यम चुना है उसका सकारात्मक प्रभाव दिख रहा है। आज प्रदेश की सभी महिलाएं व बेटियां अपने आपको सुरक्षित महसूस कर रही हैं और कह रही हैं कि ”यूपी में योगी जी है तो डर काहे का।”

प्रियंका गांधी को चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा को चुनाव आयोग ने कथित चुनाव आचार संहिता उल्लंघन को लेकर नोटिस भेजा है। चुनाव आयोग ने दोनों नेताओं को सोमवार शाम तक नोटिस का जवाब देने को कहा है।

चुनाव आयोग ने इसके साथ-साथ चेतावनी दी है कि यदि दोनों नेता समय सीमा समाप्त होने से पहले जवाब नहीं देते हैं तो यह मान लिया जाएगा कि उनके पास जवाब देने के लिए कुछ नहीं है और उनसे दोबारा संपर्क किए बिना ‘उचित कार्रवाई’ की जाएगी।

सरमा ने बीते हफ्ते छत्तीसगढ़ में एक चुनाव प्रचार के दौरान एकमात्र मुस्लिम मंत्री मोहम्मद अकबर पर निशाना साधा था। 18 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के कवर्धा में अपने भाषण के दौरान, सरमा ने कथित तौर पर अकबर पर विवादास्पद टिप्पणी की थी।

बीजेपी ने प्रियंका गांधी के खिलाफ शिकायत में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘गलत बयानबाजी’ की।

Indian Navy के 8 अधिकारियों को Qatar में मिली मौत की सजा

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कतर की जेल में बंद भारत के 8 भारतीय नौ सेना अधिकारियों को मृत्युदंड के फ़ैसले पर विदेश मंत्रालय ने हैरानी जताई है। मंत्रालय ने कहा कि इस फ़ैसले से हम हैरान हैं और अभी पूरे फ़ैसले का इंतज़ार कर रहे है। हम लगातार परिवार के लोगों के साथ संपर्क में हैं। मंत्रालय सभी क़ानून विकल्पों पर काम कर रहा है। लीगल टीम के साथ भी हम संपर्क में है।

अधिकारियों को लगातार काउसंलर और लीगल सहयोग प्रदान करते रहेंगे। इस केस पर भारत पैनी नज़र बनाए हुए है। भारत इस फ़ैसले को कतर सरकार के समक्ष उठाएगा।नौ सेना के पूर्व अधिकारियों पर इजरायल के लिए जासूसी करने का आरोप लगा है। इन रिटायर्ड नौसैनिकों को कतर के गृह मंत्रालय ने बंदी बनाया था । 30 अगस्‍त, 2022 को इन्‍हें जेल में डाला गया था। लेकिन कतर की अथॉरिटीज ने कभी भी इनकी रिहाई पर कोई जानकारी नहीं दी थी।

इन आठों पूर्व नौसैनिकों के नाम हैं – कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर अमित नागपाल, कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, कैप्टन नवतेज सिंह गिल, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर सेलर रागेश और संजीव गुप्ता।

विजयादशमी पर्व पर दो ऐतिहासिक संम्बोधन

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वर्ष 2023 की विजयादशमी भारत व सनातन हिंदू समाज के लिए कई दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण रही।विजयादशमी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्थापना दिवस है और प्रतिवर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक इस अवसर पर समारोह को सम्बोधित कर स्वयंसेवकों को सन्देश देते हैं, इसी परंपरा में इस वर्ष स्वयंसेवकों को सम्बोधित करते हुए सर संघचलक डॉ. मोहन भागवत जी ने कई स्पष्ट सन्देश दिए जिनके आधार पर भविष्य के कार्यक्रम तय होंगे।

विजयादशमी के ही दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के द्वारका में आयोजित रामलीला समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि हम सदियों की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के साक्षी बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह लोगों के धैर्य की जीत का प्रतीक है।

नागपुर में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वंसेवक संघ के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने वैश्विक व क्षेत्रीय स्तर पर भारत की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने जी- 20 सम्मेलन के सफल आयोजन पर देश के नेतृत्व की, एशियाई खेलों में पहली बार 100 से अधिक 107 पदक जीतने पर खिलाड़ियों की व चंद्रयान 3 की सफलता पर वैज्ञानिकों की सराहना करते हुए कहा कि इस बार हमारे वैज्ञानिकों के शास्त्रज्ञान व तंत्र कुशलता के साथ नेतृत्व की इच्छाशक्ति भी जुड़ गई। सरसंघचालक जी ने वसुधैव कुटुम्बकम और सामाजिक समरसता पर बल दिया।

संघ प्रमुख ने 2024 में लोकसभा चुनावों पर भी अपना स्पष्ट सन्देश स्वयंसेवकों व संघ के समवैचारिक संगठनों को दिया और कहा कि आगामी लोकसभा चुनावों में भावनाओं को भड़काकर मतों की फसल काटने के प्रयास अपेक्षित नहीं हैं परंतु होते रहते हैं। समाज को विभाजित करने वाली इन बातों से हम बचें । मतदान करना हर नागरिक का कर्तव्य है उसका अवश्य पालन करें और सर्वश्रेष्ठ को चुनें। देश की एकात्मता, अखंडता अस्मिता तथा विकास के मुद्दों पर विचार करते हुए अपना मत दें। सर संघचालक जी ने पहली बार लोकसभा चुनावों में किस आधार पर अपना मत दें इस विषय पर विचार व्यक्त किया है।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को देश के वर्तमान नेतृत्व पर पूर्ण भरोसा है और हो भी क्यों ना, आज देश का राजनैतिक नेतृत्व संघ के विचारों के साथ कदमताल कर रहा है और उसके विचारों को ही नये स्वरूप में धरातल पर उतार रहा है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास के पथ पर अग्रसर है। वैश्विक मंच पर भारत की आवाज सुनी जा रही है तथा वसुधैव कुटुम्बकम का ध्येय वाक्य अब संयुक्त राष्ट्र तक पहुंच रहा है।

इस अवसर पर भागवत जी ने कहा कि, भगवान श्रीराम देश के आचरण की मर्यादा के प्रतीक हैं।संविधान की मूल प्रति के एक पृष्ठ पर जिनका चित्र अंकित है ऐसे धर्म के मूर्तिमान प्रतीक श्रीराम के बालक रूप का मंदिर अयोध्या जी में बन रहा है श्रीराम कर्तव्य पालन के प्रतीक हैं, स्नेह व करूणा के प्रतीक हैं। राम मंदिर में श्रीरामलला के प्रवेश से प्रत्येक हृदय में अपने मन के राम को जाग्रत करते हुए मन की अयोध्या सजे व सर्वत्र स्नेह पुरुषार्थ तथा सद्भावना का वातावरण उत्पन्न हो ऐसे अनेक स्थानों पर छोटे -छोटे आयोजन करने चाहिए।

ज्ञातव्य है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद व अन्य तमाम समवैचारिक संगठन विजयादशमी के दिन से ही भारत के संपूर्ण वातावरण को राममय बनाने के लिए अनेकानेक कार्यक्रमों की रूपरेखा बना रहे हैं, जिसका श्रीगणेश दीपावली के पावन अवसर पर दीपोत्सव के आयोजन से होने जा रहा है। अयोध्या में इस बार 24 लाख से अधिक दीये जलाये जाने का विश्व रिकार्ड बनने जा रहा है। श्रीराम मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की बेला में दीपोत्सव भव्यता का प्रतिमान गढ़ने जा रहा है। यह एक अभूतपूर्व परिदृष्य होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के द्वारका में रामलीला समारोह को संबोधित करते हुए राममय वातावरण को ध्यान में रखते हुए कहा कि आजादी के 75 साल बाद अब भारत के भाग्य का उदय होने जा रहा है। लेकिन यही वह समय भी है जब भारत को बहुत सतर्क रहना है । हमें ध्यान रखना है कि आज रावण का दहन बस एक पुतले का दहन न हो। ये दहन हो हर उस विकृति का जिसके कारण समाज का आपसी सौहार्द्र बिगड़ता है। ये दहन हो उन शक्तियों का जो जातिवाद और क्षेत्रवाद के नाम पर मां भारती को बांटने का प्रयास करती है। ये दहन हो उस विचार का जिसमें भारत का विकास नहीं स्वार्थ की सिद्धि निहित है।

राममय वातावरण को साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हमें सौभाग्य मिला है कि हम भगवान राम का भव्यतम मंदिर बनता देख पा रहे हैं।अयोध्या की अगली रामनवमी पर रामलला के मंदिर में गूंजा हर स्वर पूरे विश्व को हर्षित करने वाला होगा। राम मंदिर में भगवान राम के विराजने को बस कुछ महीने बचे हैं और उस हर्ष की परिकल्पना कीजिए जब शताब्दियों बाद राम मंदिर में भगवान राम की प्रतिमा विराजेगी।उन्होंने बताया कि जब अयोध्या में भगवान राम का आगमन होने वाला था तब पूरी अयोध्या में शगुन होने लगा था। सभी का मन प्रसन्न होने लगा और पूरा नगर रमणीय बन गया । ऐसे ही शगुन आज हो रहे हैं। मोदी जी ने विजयादशमी के पावन अवसर पर पानी बचाना, डिजिटल लेनदेन को प्राथमिकता देना, स्वच्छता, स्वदेशी, पहले भारत का भ्रमण फिर विदेश का भ्रमण, आत्मनिर्भर भारत बनाने सहित कई संकल्पों को पूरा करने पर बल दिया।

विजयादशमी पर दिए गए इन दोनों भाषणों में एकरूपता व समानता थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व सरसंघचालक डा. मोहन भागवत जी के बीच परस्पर सामंजस्य व समन्वय को देखकर विरोधी दल बैचेन हो गये है व घबराहट में हैं यह बात उनके व्यवहार व बयानों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। बिहार में जातिगत आधार पर जनगणना कराने वाले नीतिश कुमार सबसे पहले बौखला गये और उन्होंने बयान दिया कि,जो हमें छेड़ेगा हम उसे छोड़ेंगे नहीं।
प्रधानमंत्री मोदी और सर संघचालक जी के बयानों को धरातल पर उतारने के लिए विजयादशमी के पूर्व प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या का दो दिवसीय दौरा किया और दीपोत्सव की तैयारियों को परखा, मंदिर निर्माण की समीक्षा की और प्राण प्रतिष्ठा समारोह को भी अंतिम रूप दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दीपोत्सव व रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर अयोध्या को बहुत ही भव्यता के साथ सजाया और संवारा जाये। योगी जी का अयोध्या दौरा व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व सरसंघचालक जी के मध्य का अभूतपूर्व सामंजस्य व समन्वय बता रहा है कि अब भारत व सनातन का भाग्य बदलने का समय प्रारम्भ हो चुका है।

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