अभियान के पहले भाग में स्वयंसेवकों ने यमुना घाट से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कूड़ा एकत्रित किया। अभियान के दूसरे भाग में टीम सोनिया विहार के दूसरे पुस्ता मार्केट पहुंची, जहां पैदल जागरूकता मार्च निकाला गया। मार्केट के दुकानदारों से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक हों और ग्राहकों को भी जागरूक करें।
युवा परिवर्तन फाउंडेशन की महासचिव निशा राठौर के दिशा-निर्देश में चलाए गए इस अभियान में मुख्य संदेश दिया गया कि पूजा सामग्री आने वाले किसी भी प्लास्टिक पैकेट को कूड़े के रूप में ही देखा जाए। इसे यमुना में प्रवाहित न किया जाए बल्कि कूड़ेदान में डाला जाए। घाटों की स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई।

इस अभियान में नवजागृति योग समिति और माँ जानकी सेवा समिति ने भी सहयोग प्रदान किया। टीम के सदस्यों ने कहा कि यमुना की सफाई केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह निरंतर प्रक्रिया है। आम नागरिकों, दुकानदारों और पूजा सामग्री विक्रेताओं की भागीदारी से ही हम यमुना को स्वच्छ बना सकते हैं।
अभियान में शामिल स्वयंसेवकों ने घाट पर जमा कूड़े को साफ करते हुए और बाजार में जागरूकता फैलाते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम उठाया। युवा परिवर्तन फाउंडेशन ने भविष्य में भी ऐसे नियमित अभियानों का आयोजन करने की योजना बनाई है।



