ऐनिमेशन में रूचि रखने वालों के लिए सुनहरा अवसर

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गौरव पंडित

देश के विकास में डिजिटलिकरण का बहुत ही अहम योगदान है जिसने लोगों के जीवन को काफी हद तक सुगम बनाया है। डिजिटलिकरण के इस दौर को और बढ़ाने तथा प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना को आधार मनाते हुए,देश के युवाओं को डिजिटल बनाने के लिए इण्डियन स्कूल आफ सिनेमेटिक आर्टस (ISCA) ने शक्ति फाउण्डेशन  और इफ्को टोकियों जैसी नामी कम्पनियों के सहयोग से ऐनिमेशन को अपना केरियर बनाने वाले और इसमे रूचि रखने वालों के लिए विशेष कोर्सेज को ओर्गनाइज किया है। जिसमें स्टूडेंटस के साथ-साथ अन्य व्यवसायों से जुडे लोग भी इन कोर्सेज को कर सकते है। इफ्को टोकियों के सहयोग तथा शक्ति फाउण्डेशन  द्वारा संचालित इण्डियन स्कूल आफ सिनेमेटिक आर्टस (ISCA) का प्लॉट नंबर 67, फर्स्ट फ्लोर, सेवक पार्क, उत्तम नगर,दिल्ली-110059, (गेट नंबर 2 द्वारका मोर मेट्रो स्टेशन के सामने) में उद्धाटन करते हुए मुख्य अतिथि एवं केंद्रीय राज्य मंत्री, परषोत्तम रूपाला,कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, भारत सरकार ने कहा कि शक्ति फाउंडेशन का ये कदम बहुत ही सराहनीय है जिन कोर्सेज को मार्केट में बहुत ही महंगे दामों पर कराया जाता है और जो आम जन की पहुंच से दूर माने जाते हैं उन्ही कोर्सेज को शक्ति फाउंडेशन बहुत ही कम या यू कहें की बहुत ही मामूली खर्चों पर इन कोर्सेज को करा रही है मुझे लगता है कि क्षेत्र की जनता को इसका लाभ लेना चाहिए। ये हमारे देश के विकास में एक ओर कदम होगा।
शक्ति फांउडेशन की संचालिका श्रीमती रंजना देब ने इस अवसर पर कहा कि ये एक मौका है उन लोगों के लिए जो ऐनिमेशन के ऐसे महंगे कोर्सेज को करने या अपने बच्चों को कराने की सोच भी नहीं सकते थे वे भी इण्डियन स्कूल आफ सिनेमेटिक आर्टस (ISCA) के माध्यम से संचालित विभिन्न कोर्सेज अपने बच्चों को करा सकते है। इस अवसर पर इफ्को टोकियों कंपनी के मार्केटिंग डायरेक्टर योगेंद्र कुमार तथा फाइनेन्सियल एडवाइजर हरि ओम सूरी,क्षेत्र के बहुत से गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

पत्रकारों को सस्ती दर पर मिलेगा घर और सुरक्षा होगी सुनिश्चित

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प्रदेश के पत्रकारों को सुरक्षा तथा सस्ती दरों पर आवास दिलाये जाने की मांग को मध्यप्रदेश सरकार ने स्वीकार कर लिया है। बताया जाता है कि मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा सरकार व शासन से लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी। पिछले दिनों मुरैना में आए मुख्यमंत्री कमलनाथ के समक्ष भी यह मामला उठा था।

श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा उन्हें सौंपे गए ज्ञापन में प्रदेश में पत्रकार प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने तथा सस्ती दरों पर आवास/भूखंड दिलाये जाने की मांग की गई थी। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री ने इन दोनों मांगों को स्वीकार कर लिया है।

प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने प्रदेश में शीघ्र ही पत्रकार प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की घोषणा भी कर दी है। वहीं पत्रकारों को भूखंड व मकान खरीदने के लिये सस्ती ब्याज दरों पर 25 लाख रुपए तक का ऋण भी दिया जायेगा। जनसंपर्क मंत्री की इस घोषणा से मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ सहित सभी पत्रकारों में हर्ष है।

‘’आज विश्व को पारम्परिक भारतीय ज्ञान में उल्लेखित करुणा की महती आवश्यकता है’’ दलाई लामा

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अखिलेश पाठक

भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, राष्ट्रपति निवास, शिमला गुरुवार को 24वें राधाकृष्णन स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। नोबेल पुरूस्कार विजेता परम पूजनीय 14वें  दलाई लामा ने इस दौरान दिल्ली के इन्डिया इंटरनेशनल सेंटर में “यूनिवर्सल एथिक्स” विषय पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम की शुरुआत परम पूजनीय दलाई लामा, आईसीसीआर के अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्रबुद्धे, भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान के अध्यक्ष प्रो. कपिल कपुर, उपाध्यक्ष प्रो. चमन लाल गुप्ता, निदेशक प्रो. मकरंद परांजपे, सचिव कर्नल विजय तिवारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन करके की गई।

शुरुआत में निदेशक प्रो. मकरंद परांजपे द्वारा स्वागत प्रस्ताव रखा गया और उन्होंने दलाई लामा को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उपस्थित जन समूह का स्वागत किया। फिर आईआईएएस शासकीय निकाय के उपाध्यक्ष प्रो. चमन लाल गुप्ता द्वारा दलाई लामा एवं आईसीसीआर के अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्रबुद्धे का परिचय दिया गया।

डॉ. विनय सहस्रबुद्धे द्वारा अपने अभिभाषण में आध्यात्मिक लोकतंत्र के साथ उभरते हुए नैतिक विश्व, पर्यावरणीय न्याय, नैतिक अर्थशास्त्र में समग्रता के संतुलन जैसे विषयों पर प्रकाश डाला गया।  उन्होंने कहा की नैतिकता केवल को समाजिक विज्ञान नहीं होता जहाँ केवल सैद्धांतिक बातें की जाती हो।  नैतिकता में सिद्धांत और प्रायोगिकता दोनों सामान रूप से शामिल रहती हैं।

अपने व्याख्यान के दौरान परम पूजनीय 14वें दलाई लामा ने कहा “आज विश्व को पारम्परिक भारतीय ज्ञान में उल्लेखित करुणा की महती आवश्यकता है। अहिंसा इस विश्व को कष्टों से उबार सकती है। भले ही आधुनिक विज्ञान ने आज चाहे जितनी भी तरक्की कर ली हो पर जब बात अंतर्मन की शांति और आध्यात्मिकता की आती है तो केवल पारम्परिक भारतीय ज्ञान ही मानव जीवन और आत्मा से जुड़े इन विषयों पर हमारा मार्ग प्रशस्त कर सकता है। हमें अपने जीवन में आलोचनाओं के प्रति उदार रवैया अपनाते हुए उन्हें खुले मन से स्वीकार करना चाहिए। बौद्ध धर्म और भारतीय ज्ञान हमें इसी की शिक्षा देता है।” उन्होंने प्राचीन भारतीय ज्ञान परम्परा, करुणा, आध्यात्मिकता आदि को न केवल धार्मिक रूप से अपितु अकादमिक रूप से भी पढ़ाएं जाने की बात की। दलाई लामा ने वैश्विक तापमान में बढ़ोतरी, प्राचीन भारतीय ज्ञान, आध्यात्मिकता, अधुनिक जीवन की जटीलताओं से जुड़े विषयों पर प्रश्नों का उत्तर दिया।

संस्थान के अध्यक्ष प्रो. कपिल कपूर ने समापन टिप्पणी देते हुए कहा की अहिंसा, करुणा और दया भारतीय चेतना और प्रकृति का मौलिक गुण है। ये हमारे जीवनमूल्यों और शिक्षा पद्धति का अभिन्न अंग भी है।

इस अवसर पर जम्मू और कश्मीर के पूर्व राज्यपाल श्री एन एन  वोहरा, पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री शिवशंकर मेनन, भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान के अध्येता एवं अधिकारी, मीडियाकर्मी एवं कई विद्वान मौजूद थे।

खबर को सनसनीखेज बनाने पर पत्रकार को सजा

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मानहानि के मामले में अदालत ने एक पत्रकार को सजा सुनाई है। पत्रकार पर जुर्माना भी लगाया गया है। मामला नेपाल के काठमांडो का है। पत्रकार पर नाबालिग लड़की के साथ रेप की खबर को सनसनीखेज तरीके से और तोड़-मरोड़कर छापने का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खेम भंडारी नामक यह पत्रकार एक अखबार से जुड़ा हुआ है। नेपाल में कंचनपुर जिला अदालत ने उसे सांकेतिक रूप से एक घंटे जेल की सजा सुनाई और एक रुपए का जुर्माना लगाया।

अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए खेम भंडारी ने कहा कि उसने ऐसा कुछ भी गलत नहीं किया है। अदालत के फैसले के बाद पुलिस ने पत्रकार को गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिया। एक घंटे बाद सजा की अवधि पूरी होने पर भंडारी को जुर्माना राशि अदा करने के बाद छोड़ दिया गया।

ज्ञात हो कि पिछले साल कंचनपुर जिले में 13 वर्षीय लड़की को अगवा कर उसकी हत्या कर दी गई थी। भंडारी को इसी मामले की खबर को सनसनीखेज तरीके से और तोड़-मरोड़कर छापने के लिए यह सजा सुनाई गई।

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