अब CISF संभालेगी संसद परिसर की सुरक्षा की जिम्मेदारी

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अब संसद की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ को मिलने जा रहा है। इस संबंध में सीआईएसएफ को नियमित नियुक्ति से पहले संसद परिसर का सर्वे करने को कहा गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पत्राचार में नियमित नियुक्ति के लिए सीआईएसएफ की सुरक्षा और फायर विंग को संसद परिसर का सर्वे करने के लिए कहा है।

वर्तमान में संसद परिसर की सुरक्षा संभाल रही दिल्ली पुलिस। 13 दिसंबर को लोकसभा में दो युवकों ने दर्शक दीर्घा से छलांग लगाकर सदन में हंगामा किया था। इसके बाद से संसद की सुरक्षा को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को निशाना बना रहा है। वर्तमान में संसद परिसर की सुरक्षा का जिम्मा दिल्ली पुलिस संभाल रही है।

सीआईएसएफ देश के महत्वपूर्ण परिसरों, दिल्ली मेट्रो और एयरपोर्ट की सुरक्षा संभालती है। यह देश का सबसे आधुनिक सुरक्षा साजो-सामान से लैस अर्धसैनिक बल है। CISF केवल तीन बटालियनों की संख्या के साथ कुछ संवेदनशील सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को समेकित सुरक्षा कवर उपलब्ध करवाने के लिए 1969 में अस्तित्व में आया। तब से यह बल, प्रमुख बहु कुशल संगठन के रूप में विकसित हुआ है।

इसकी वर्तमान स्वीकृत कार्मिकों की संख्या 1,73,355 है। फिलहाल, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल देशभर में 358 प्रतिष्ठानों को सुरक्षा कवर उपलब्ध करवा रहा है। केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल का अपना अग्नि स्कंध भी है जो उपरोक्त में से 112 अधिष्ठानों को अपनी सेवाएं प्रदान करता है।

भारत ने 78 रन से जीता तीसरा वनडे साउथ अफ्रीका से सीरीज जीता

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भारतीय टीम ने तीन वनडे मैचों की सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला 78 रनों से जीतकर दक्षिण अफ्रीका को उसी के घर में एकदिवसीय श्रृंखला में मात दी है। इस मैच के हीरो जहां बैट से संजू सैमसन रहे, जिन्होंने शानदार शतक जड़ा। वहीं गेंद से अर्शदीप सिंह रहे, जिन्होंने चार विकेट चटकाए।

दक्षिण अफ्रीका मजबूत स्थिति में पहुंचती नजर आ रही थी कि मारक्रम (36) को वाशिंगटन सुंदर ने चलता किया। मारक्रम के बाद कोई भी प्रोटियाज बल्लेबाज ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सका और नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। दक्षिण अफ्रीका के लिए टोनी डि जॉर्जी ने सबसे ज्यादा 81 रन बनाए। इसके अलावा, हेनरिक क्लासेन ने 21, डेविड मिलर ने 10, केशव महाराज ने 14 और ब्यूरन हेंडरिक्स ने 18 रन बनाए। भारत के लिए अर्शदीप सिंह ने चार विकेट झटके, जबकि आवेश खान और वाशिंगटन सुंदर को दो-दो सफलता मिली। वहीं मुकेश कुमार और अक्षर पटेल को एक-एक विकेट मिला।

इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने संजू सैमसन की शतकीय पारी की बदौलत 296 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। सलामी बल्लेबाज रजत पाटीदार (22) और साई सुदर्शन (10) का विकेट जल्द गिर गया था। तब संजू सैमसन ने कप्तान केएल राहुल (21) के साथ मिलकर 50 रन जोड़े। फिर सैमसन ने तिलक वर्मा के साथ पारी को आगे बढ़ाया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 116 रन की साझेदारी की और टीम का स्कोर 200 के पार पहुंचाया।

52 के व्यक्तिगत स्कोर पर तिलक वर्मा के आउट होने के बाद संजू सैमसन ने अपने इंटरनेशनल करियर का पहला शतक जमाया। उन्होंने 114 गेंदों में 108 रन की दमदार पारी खेली। आखिर में रिंकू सिंह (38) और वाशिंगटन सुंदर (14) के कैमियो ने टीम के स्कोर को 296 तक पहुंचाया।

अब भारतीय कम्पनियां अन्य देशों की कम्पनियों का अधिग्रहण कर रही हैं

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हाल ही के समय में कई भारतीय कम्पनियां बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का स्वरूप ग्रहण करती नजर आ रही हैं। कुछ भारतीय कम्पनियां अन्य देशों की कम्पनियों में न केवल अपना पूंजी निवेश बढ़ा रही हैं बल्कि कुछ कम्पनियां अन्य देशों की कम्पनियों का अधिग्रहण भी कर रही हैं। एक महत्वपूर्ण तथ्य उभरकर सामने आ रहा है कि भारत कई ऐसे देशों, जो आपस में शायद मित्र देश की भूमिका में नहीं हैं इसके बावजूद भारत दोनों देशों, के साथ अपने व्यापारिक रिश्तों को बढ़ाता नजर आ रहा है। उदाहरण के लिए, यूनाइटेड अरब अमीरात, कतर एवं सऊदी अरब आदि देश मिडल ईस्ट में भारत के महत्वपूर्ण व्यापार भागीदार हैं एवं ये देश भारत में भारी राशि का निवेश कर रहे हैं। सऊदी अरब तो भारत में 10,000 करोड़ अमेरिक डॉलर का निवेश करने जा रहा है। परंतु, हाल ही के कुछ वर्षों में मिडल ईस्ट के कुछ देशों के साथ ही, इजराईल के साथ भी भारत के मिलिटरी, राजनैतिक एवं व्यापारिक सम्बंध प्रगाढ़ हुए हैं। न केवल इजराईल की कंपनियां भारत में निवेश कर रही हैं बल्कि कई भारतीय कम्पनियां भी इजराईली कम्पनियों में निवेश कर रही हैं एवं कुछ कम्पनियों का अधिग्रहण कर रही हैं। इस प्रकार भारत के अरब देशों के साथ साथ इजराईल के साथ भी प्रगाढ़ व्यापारिक रिश्ते कायम हो गए हैं। कई भारतीय कम्पनियां इजराईल के स्टार्ट अप में भारी मात्रा में निवेश करती दिखाई दे रही हैं। चूंकि भारत का सकल घरेलू उत्पाद अब लगभग 4 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर के स्तर को छूने जा रहा है, अतः भारतीय कम्पनियां अब इस स्थिति में पहुंच गई हैं कि बहुराष्ट्रीय कम्पनियों की तरह अन्य देशों में विभिन्न क्षेत्रों में कम्पनियों का अधिग्रहण कर सकें अथवा इन विदेशी कम्पनियों में अपना पूंजी निवेश बढ़ा सकें। इस दृष्टि से भारत की कुछ बड़ी कम्पनियां जैसे रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (मुकेश अम्बानी समूह), इनफोसिस, विप्रो, टाटा समूह, अडानी समूह आदि इजराईल की कम्पनियों का अधिग्रहण करने में सफलता हासिल कर रही हैं।

हाल ही में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, इजराईल में सेमीकंडक्टर चिप का निर्माण करने वाली एक कम्पनी टावर सेमीकंडक्टर नामक कम्पनी का अधिग्रहण करने का प्रयास कर रही है। सेमीकंडक्टर चिप के उपयोग हेतु भारत में बहुत बड़ा बाजार उपलब्ध है, इससे इस उत्पाद के लिए अन्य देशों पर भारत की निर्भरता कम होगी। इजराईल की उक्त कम्पनी पूर्व में ही भारी मात्रा में सेमीकंडक्टर चिप का निर्माण कर रही है। पूर्व में अमेरिकी कम्पनी इंटेल ने उक्त कम्पनी को 540 करोड़ अमेरिकी डॉलर में खरीदने का प्रयास किया था परंतु इंटेल को इस कार्य में सफलता नहीं मिल सकी थी। परंतु, अब भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज इस कम्पनी को खरीदने का प्रयास कर रही है। टावर सेमीकंडक्टर वर्ष 2009 में केवल 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर का व्यापार करती थी परंतु यह वर्ष 2022 में इस कम्पनी का व्यापार बढ़कर 168 करोड़ अमेरिकी डॉलर के स्तर को पार कर गया है। अतः यह कम्पनी अत्यधिक तेज गति से प्रगति कर रही है।

भारत में दवाईयों का निर्माण करने वाली एक कम्पनी सन फार्मा ने भी इजराईल की टेरो फार्मा नामक एक कम्पनी को अपनी सहायक कम्पनी बना लिया है। इससे भारतीय सन फार्मा कम्पनी का विस्तार इजराईल में भी हुआ है। सन फार्मा को नई तकनीकी को विकसित करने में भी सहायता मिली है। इसी प्रकार, भारतीय कम्पनी अदानी पोर्ट्स एंड लाजिस्टिक्स ने इजराईल के सबसे बड़े हाईफा पोर्ट का विस्तार करने का कार्य हाथ में लिया है। इस विस्तार के कार्य पर 115 करोड़ अमेरिकी डॉलर की राशि खर्च होगी। वर्ष 2021 में इजराईल के कुल विदेशी व्यापार का लगभग 56 प्रतिशत हिस्सा इसी पोर्ट के माध्यम से हो रहा था। टाटा समूह की टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (टीसीएस) नामक सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कम्पनी भी इजराईल में अपने व्यापार का लगातार विस्तार कर रही है। भारत की इनफोसिस कम्पनी ने इजराईल की सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की पनाया नामक कम्पनी का 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर में अधिग्रहण कर लिया है।

भारत का टाटा समूह इजराईल के एयर स्पेस में कार्य कर रही कम्पनियों एवं सुरक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही कम्पनियों में अपना निवेश बढ़ा रहा है ताकि इन क्षेत्रों में इजराईल की कम्पनियों के साथ मिलकर कार्य किया जा सके। इजराईल के पास सुरक्षा उपकरण बनाने की नवीनतम तकनीक उपलब्ध है। भारत एवं इजराईल अब टैंक्स एवं राडार के निर्माण का कार्य साथ मिलकर करने जा रहे हैं। वैसे भी भारत एवं इजराईल के बीच मिलिटरी सैन्य समझौता पूर्व में ही किया जा चुका है। इसी प्रकार के समझौते, उद्योग के क्षेत्र में रिसर्च, आर्थिक विकास के लिए एक दूसरे के साथ भागीदारी, विशेष रूप से स्वास्थ्य, एयरो स्पेस एवं इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से भी किए जा रहे हैं। आरटीफिशियल इंटेलिजेन्स के क्षेत्र में निजी क्षेत्र द्वारा किए जा रहे निवेश के मामले में अमेरिका, चीन एवं यूनाइटेड किंगडम के बाद इजराईल, पूरे विश्व में, चौथे स्थान पर है। अतः भारत की इजराईल के साथ व्यापार के क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी का लाभ भारत को भी मिलने की सम्भावना व्यक्त की जा रही है।

इजराईल में भारतीय इंजीनीयरों की संख्या भी तेजी से बढ़ती जा रही है। आज इजराईल में सॉफ्टवेयर विकसित करने हेतु 18,000 से अधिक इंजीनियर कार्य कर रहे हैं और यह संख्या अमेरिका में कार्य कर रहे इंजीनियरों की तुलना में बहुत कम जरूर है परंतु अब तेजी से भारतीय इजनीयरों की मांग इजराईल में बढ़ रही है। सुरक्षा के क्षेत्र में भी इजराईल भारत का एक महत्वपूर्ण भागीदार है। भारत इजराईल से हाई क्वालिटी ड्रोन, मिसाईल, एवं अन्य उपकरण आदि खरीदता है। इजराईल-हम्मास युद्ध के बाद से इजराईल में कार्य कर रहे फिलिस्तिनियों को इजराईल से बाहर निकाल दिया गया है। अतः अब इजराईल ने एक लाख भारतीय कामगारों की मांग भारत सरकार से की है। उधर, ताईवान ने भी एक लाख भारतीय कामगारों की मांग की है। अब विभिन्न देशों में भारतीय कामगारों की मांग भी बढ़ती जा रही है।

भारतीय कम्पनियां इसी प्रकार ब्रिटेन की कम्पनियों में भी अपना निवेश बढ़ा रही हैं। टाटा समूह ने ब्रिटेन की कोरस नामक कम्पनी में 217 करोड़ यूरो का पूंजी निवेश किया है। रिलायंस समूह ने बैटरी का निर्माण करने वाली एक फरडीयन नामक कम्पनी में 10 करोड़ यूरो का पूंजी निवेश किया है। टाटा समूह ने टेटली नामक कम्पनी में 4 करोड़ से अधिक यूरो का पूंजी निवेश किया है। टाटा मोटर्स ने जगुआर लैंड रोवर्स नामक कम्पनी का अधिग्रहण कर लिया है एवं टाटा मोटर्स 400 करोड़ यूरो का अतिरिक्त पूंजी निवेश इस कम्पनी में करने जा रही है। इसी प्रकार के पूंजी निवेश करते हुए सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र की विभिन्न भारतीय कम्पनियां जैसे विप्रो एवं इनफोसिस आदि, भी ब्रिटेन की कम्पनियों का अधिग्रहण कर रही हैं। टाटा केमिकल्स लिमिटेड भी कुछ अन्य कम्पनियों में अपना पूंजी निवेश बढ़ा रही है। यूनाइटेड किंगडम के लिए, भारत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का दूसरा सबसे बड़ा स्त्रोत बन गया है। आज भारत की 954 कम्पनियां यूनाइटेड किंगडम में कार्य कर रही हैं एवं वहां 106,000 नागरिकों को रोजगार प्रदान कर रही हैं।

भारतीय कम्पनियों द्वारा इजराईल एवं ब्रिटेन की कम्पनियों के अधिग्रहण एवं इन कम्पनियों में किए जाने वाले पूंजी निवेश से भारतीय कम्पनियों की साख पूरे विश्व में बढ़ रही है एवं अब कुछ भारतीय कम्पनियां भी बहुराष्ट्रीय कम्पनियों की श्रेणी में गिनी जाने लगी हैं।

मिलेट मेले का आयोजन

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शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, खेती विरासत मिशन, एसजीटी यूनिवर्सिटी गुरुग्राम, अफॉर्डेबल प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन तथा गांधी दर्शन समिति राजघाट के संयुक्त तत्पावधान में 18-19 दिसंबर को गांधी दर्शन समिति के प्रांगण में श्री अन्न अर्थात मिलेट मेले का विशाल आयोजन किया गया। इस दो दिवसीय वृहद आयोजन में देश भर से प्रख्यात पाक कला विशेषज्ञ श्री रामबाबू महाराज, सर्बजीत कौर पधारे। आयुर्वेद के विशेषज्ञ प्रोफेसर महेश दधीचि, आचार्य मनीष, डॉक्टर पांडे, खेती विरासत मिशन के संयोजक बाबा उमेंद्र दत्त, अफॉर्डेबल प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष लक्ष्य छाबड़िया, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी, गांधी दर्शन समिति के उपाध्यक्ष विजय गोयल, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष माननीय आदर्श कुमार गोयल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्राध्यापक राजकुमार भाटिया, एकात्म मानव दर्शन के संयोजक प्रख्यात चिंतक महेश चंद शर्मा आदि महानुभाव ने श्रीअन्न के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

भोजन विशेषज्ञों ने मां, ममता और मिलेट पर दिल्ली के विद्यालयों की शिक्षिकाओं, अभिभावक तथा माताओ के लिए दो दिन व्यंजन बनाने की कार्यशालाएं की। विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाने सिखाए जैसे ज्वार कंगनी की खीर, रागी का हलवा, बाजरे मक्के की रोटी सरसों चने का साग, बच्चों के लिए श्री अन्न की आइसक्रीम बनाना, इन अनाजों से बने गोलगप्पे, टिक्की चाट को लोगों ने विशेष स्वाद से चखा।

इस अवसर पर दिल्ली एनसीआर के लगभग 2000 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं श्रीअन्न को थीम बनाकर आयोजित की गई थी। भाषण, वाद विवाद, निबंध लेखन, चित्रकला प्रतियोगिता, पत्र प्रस्तुति तथा अनेक विद्यालयों ने नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी तथा मिलेट के महत्व को प्रस्तुत किया। विद्वान डॉक्टर, वैद्य, शिक्षकों विशेषज्ञों ने इन नो प्रकार के धन्यों के द्वारा हम किस प्रकार से अपने आप को स्वस्थ रख सकते हैं इसकी जानकारी दी। रामबाबू जी ने बताया कि किस प्रकार से केवल श्रीअन्न के नियमित प्रयोग से हम जीवन भर स्वस्थ, ऊर्जावान, आधि व्याधि, बीमारियों से मुक्त हो सकते हैं।मेले में किसान चौपाल का आयोजन किया गया। पूर्व केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री हुकुम देव नारायण सिंह, जैविक कृषक मनवीर रेडू, डीडी किसान चैनल के सूत्रधार नरेश सिरोही जी ने खेती किसानी के अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के पर्यावरण विषय के राष्ट्रीय संयोजक संजय स्वामी ने पर्यावरण और श्रीअन्न के महत्व को किसानों को समझाते हुए बताया कि श्रीअन्न के उत्पादन में अर्थात ज्वार बाजरा रागी आदि की खेती में धान गेहूं के तुलना में एक चौथाई से भी कम पानी का उपयोग होता है। अर्थात जिन क्षेत्रों में जल स्तर निम्न है या कम वर्षा होती है उन क्षेत्रों में सहजता से इनकी कृषि की जा सकते हैं साथ ही इन अनाजों की फसल में कीटनाशकों के प्रयोग की भी आवश्यकता नहीं पड़ती।

_ संजय स्वामी

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