मैडम आपने यह सब क्यों कराया

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दिल्ली। जैसाकि हम सब जानते हैं, नेहा सिंह राठौर का नाम और फोटो एक हॉस्टल में सेक्स रैकेट की छापेमारी से जोड़ दिया गया। फोटो उसी चैनल के कार्यक्रम की थी जिसमें नेहा पहले शामिल हुई थीं। नेहा ने रजनीश आहूजा (ABP के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट/सीनियर एडिटर) को फोन किया, सबूत मांगे, आहूजा जवाब नहीं दे पाए और कॉल काट दी। ABP ने बाद में स्वीकार किया कि खबर तथ्यों के आधार पर गलत थी और माफी मांगी। नेहा ने माफी खारिज कर कानूनी कार्रवाई की बात कही।

अभिषेक उपाध्याय ने इस पर ध्यान दिलाया कि विनोद कापड़ी, मिलिंद खांडेकर, आशुतोष गुप्ता, सतीश के सिंह जैसे पूर्व चैनल संपादक रजनीश आहूजा के मित्र हैं और कांग्रेस इकोसिस्टम से जुड़े माने जाते हैं। संदीप चौधरी का नाम भी इसी सर्कल में आता है। अजित अंजुम ने तो नेहा का बयान अपने यूट्यूब पर डालकर व्यूज भी लिए, लेकिन खुद उनके पक्ष में एक शब्द नहीं बोला, जबकि वे पहले उनसे इंटरव्यू करते रहे। ये लोग चुप हैं क्योंकि बात उनके मित्र और चैनल पर आती है।

नेहा ने खुद भाजपा आईटी सेल और ‘गोदी मीडिया’ पर आरोप लगाया है। कांग्रेस के लोग और उनके मीडिया मित्र अब इस घटना को भाजपा का एंगल बताने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन ABP पर झूठी खबर चलाने वाले और उसके बाद चुप रहने वाले वही लोग हैं, जिनका कांग्रेस इकोसिस्टम से पुराना रिश्ता है। अगर रजनीश आहूजा ‘सिपाही’ था तो सवाल कांग्रेस से पूछा जाना चाहिए कि यह क्यों कराया गया? नेहा की भूमिका साफ नहीं है—उन्होंने अभी FIR नहीं की, बल्कि इस पूरे मामले को अपने लिए प्रचार का अवसर बना लिया है।

 

सुप्रिया श्रीनेत जैसे लोगों से पूछना चाहिए कि मैडम एबीपी भी आपका है, नेहा भी आपकी है। फिर यह सब क्यों कराया?

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आशीष कुमार अंशु

आशीष कुमार अंशु

आशीष कुमार अंशु एक पत्रकार, लेखक व सामाजिक कार्यकर्ता हैं। आम आदमी के सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों तथा भारत के दूरदराज में बसे नागरिकों की समस्याओं पर अंशु ने लम्बे समय तक लेखन व पत्रकारिता की है। अंशु मीडिया स्कैन ट्रस्ट के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं और दस वर्षों से मानवीय विकास से जुड़े विषयों की पत्रिका सोपान स्टेप से जुड़े हुए हैं

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