
कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि लोयोला इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, चेन्नई के डायरेक्टर फादर सी. जॉय अरुण ने कहा कि “सामाजिक बदलाव के रूप में परिवर्तनकारी शिक्षा” की जरुरत है। ऐसे में शिक्षा, लीडरशिप और सीखने के बदलते माहौल को बदलने की जरुरत है। जब ये माहौल बन जायेगा एआई को लोग अपने साथ साथ लेकर चलेंगे और बिना डरे उसका उपयोग भी करेंगे।
शिक्सक के फाउंडर श्री नंदन रॉय ने अपने स्वागत भाषण में शिक्षक के AI-पावर्ड, फुल-स्टैक इंटीग्रेटेड एजुकेशन मैनेजमेंट इकोसिस्टम को बनाने के पीछे के विज़न और टेक्नोलॉजी से होने वाले बदलाव की संभावनाओं की चर्चा की।
इसके बाद “उच्च शिक्षा का अगला दशक: चुनौतियां, विकल्प और अवसर” विषय पर एक ज्ञानवर्धक पैनल चर्चा हुई।जिसमें डॉ. अजय राणा (डायरेक्टर जनरल, एमिटी यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा), श्री पुनीत अग्रवाल (वाइस चेयरमैन, इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज) और डॉ. मनोज शर्मा — वाइस प्रेसिडेंट और डिप्टी डायरेक्टर, HSE यूनिवर्सिटी, रूस के साथ लोयोला इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, चेन्नई में ऑनलाइन शिक्षा के डीन डॉ. किशोर कुणाल शामिल हुए। कार्यक्रम का समापन शिक्सक के चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर माणिक डे के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उक्त आशय की जानकारी डॉ श्यामलेंदु ने दी।



