नई दिल्ली। विश्व हिन्दू परिषद, इंद्रप्रस्थ प्रान्त के प्रान्त मंत्री श्री सुनील सूरी जी ने दीपावली के अवसर पर देवी-देवताओं के चित्र वाले पटाखों के संबंध में नागरिकों से ऐसे पटाखों का बहिष्कार करने की अपील की है।
श्री सूरी ने कहा कि हिन्दू देवी-देवताओं के चित्र हमारी आस्था और श्रद्धा से जुड़े हैं। पटाखे चलने के बाद उन्हीं डिब्बों और पैकेटों पर अंकित देवी-देवताओं के चित्र सड़कों, गलियों अथवा कूड़े के ढेर में पड़े दिखाई देते हैं और कई बार लोगों के पैरों के नीचे भी आ जाते हैं। यह स्थिति किसी भी श्रद्धालु की धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकती है।
उन्होंने कहा कि दीपावली प्रकाश, श्रद्धा और संस्कार का पर्व है, इसलिए पर्व मनाते समय अपनी आस्था और धार्मिक प्रतीकों की मर्यादा का भी ध्यान रखना चाहिए।
विहिप प्रान्त मंत्री ने पटाखा बनाने वाली कंपनियों, निर्माताओं, वितरकों और विक्रेताओं से भी अपील की कि वे पटाखों के डिब्बों, पैकेजिंग और प्रचार सामग्री पर देवी-देवताओं के चित्रों का उपयोग न करें। उन्होंने कहा कि कंपनियाँ धार्मिक प्रतीकों की गरिमा को ध्यान में रखते हुए ऐसी पैकेजिंग अपनाएँ, जिससे पूजा और श्रद्धा से जुड़े चित्रों का अपमानजनक या अनुचित उपयोग न हो।
उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि देवी-देवताओं के चित्र वाले पटाखे न खरीदें और न ही उनका उपयोग करें। उपभोक्ताओं के जागरूक होने से कंपनियों और व्यापारियों को भी ऐसी पैकेजिंग से बचने का स्पष्ट संदेश जाएगा।
श्री सूरी ने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद का उद्देश्य धार्मिक आस्था, संस्कार और मर्यादा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। दीपावली की खुशियाँ मनाते हुए हम सभी को अपनी आस्था और धार्मिक प्रतीकों का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने सभी नागरिकों, पटाखा निर्माताओं और व्यापारियों से आह्वान किया कि इस दीपावली प्रकाश के साथ श्रद्धा, संस्कार और जिम्मेदारी का भी संदेश दें।



