प्रदर्शनी के समापन समारोह में श्री अशोक पोरवाल, मुख्य कार्यालय प्रभारी, केशव कुंज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुख्यालय, झंडेवाला, नई दिल्ली, की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रदर्शनी में विधायक श्री सिद्धार्थ तिवारी (मध्य प्रदेश), श्री जितेंद्र कुमार (कला विभाग संयोजक संस्कार भारती, दिल्ली) प्रसिद्ध कलाकार श्री अशोक भौमिक ,श्री राजेश शर्मा, श्री राजेश कुमार, श्रीमती अनुराधा गुप्ता,डॉ राखी। इसके अतिरिक्त सिद्धांत सचदेवा,श्रीमती रोमिला सचदेवा,श्री वरिंदर शर्मा एवं श्री मृत्युंजय कुमार जी की उपस्थिति से भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ी I
‘ETERNAL ECHOES’ में पंकज सचदेवा ने भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और जीवन-मूल्यों को प्रतीकात्मक चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया। उनकी कलाकृतियों में रामायण, महाभारत, शिव-शक्ति, सिख इतिहास एवं दर्शन, सूफीवाद, जैन धर्म, बौद्ध चिंतन तथा सामाजिक मूल्यों से जुड़े विभिन्न प्रसंगों और विचारों को समकालीन प्रतीकात्मक शैली में अभिव्यक्त किया गया।
पंकज सचदेवा पिछले कई वर्षों से भारतीय ज्ञान-परंपरा और आध्यात्मिक चिंतन को कला के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुँचाने के प्रयास में सक्रिय रहे हैं। उनका मानना रहा है कि भारतीय महाकाव्यों, संत परंपरा और आध्यात्मिक दर्शन में निहित जीवन-मूल्य आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और कला इन विचारों को सहज एवं प्रभावी ढंग से समाज तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन सकती है।
उनकी चित्रकला में गणेश, शिव-शक्ति, भगवान बुद्ध, महावीर, श्री गुरु नानक देव जी, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी, रामायण और महाभारत जैसे विषयों के माध्यम से त्याग, संतुलन, करुणा, धर्म, सेवा, समानता, आत्मचिंतन और मानवीय मूल्यों को प्रतीकों के रूप में प्रस्तुत किया गया।
पंकज सचदेवा ने देश के विभिन्न प्रतिष्ठित कला एवं सांस्कृतिक संस्थानों में अपनी कलाकृतियों का प्रदर्शन किया है।
पंकज सचदेवा संस्कार भारती, दिल्ली प्रांत के दृश्य कला विभाग में सह-संयोजक के रूप में भी कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।
‘ETERNAL ECHOES’ के माध्यम से कलाकार ने भारतीय परंपरा की उन शाश्वत प्रतिध्वनियों को चित्रों में अभिव्यक्त करने का प्रयास किया, जो समय के साथ बदलते हुए भी मानव जीवन को निरंतर दिशा और प्रेरणा देती रही हैं।



