*पूर्वोत्तर के इस शताब्दी के सबसे बड़े शोक से पूरी तरह बेख़बर है मीडिया*

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दावे के साथ कह सकता हूँ कि मैंने अपने जीवन में किसी कलाकार के लिए यह पागलपन यह प्रेम नहीं देखा जैसा ज़ुबीन को लेकर आसाम और पूर्वोत्तर में है। दो दिन से एक पूरा प्रदेश ग़म में जैसे ठहर सा गया है, गलियाँ-सड़क-चौराहे भरे पड़े हैं उसके रोते-बिलखते चाहने वालों से।

मुख्यमंत्री से लेकर गोद में शिशु लेकर रास्तों पर खड़ी माँएँ उसके गाने गा-गाकर रो रहीं हैं। लेकिन नेशनल मीडिया में किसी ने इस महान कलाकार के अपने लोगों से इस कदर जुड़ाव पर कोई विशेष कार्यकम नहीं किया। खैर ज़ुबीन का काम और नाम इन लोगों की आत्ममुग्धता से बहुत बड़ा है 💔🙏

“तुम्हारी बज़्म से बाहर भी एक दुनिया है,
मेरे हुज़ूर बड़ा जुर्म है ये बेख़बरी…।”

कुमार विश्वास

भोपाल में भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान -भाषा स्वराज की सार्थक पहल

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भोपाल में वीर भारत न्यास, संस्कृति संचालनालय के न्यासी सचिव श्री श्रीराम तिवारी एवं माधवराव सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय के संस्थापक निदेशक श्री विजयदत्त श्रीधर की विशेष पहल पर 14- 15 सितंबर 2025 को संपन्न भारतीय भाषा अनुष्ठान में देश भर के विद्वानों की भागीदारी रही। इस अनुष्ठान में श्रीधर जी के संपादन में प्रकाशित पुस्तिका ‘भारत को चाहिए भाषा स्वराज’ में प्रोफेसर सूर्यप्रसाद दीक्षित (अध्यक्ष, हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग एवं राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, (वर्धा) ने ‘हिंदी विकास का राष्ट्रीय एजेण्डा’ शीर्षक से 50 सूत्री मार्गदर्शी कार्यक्रम प्रस्तुत किया जिसे अनेक संस्थाओं ने मिलजुल कर पूर्ण करने का संकल्प लिया।

मुझे इस कार्यक्रम में हिंदी के वैश्विक प्रभाव पर वक्तव्य देने तथा भारतीय भाषा एवं प्रौद्योगिकी सत्र के संचालन का अवसर भी प्राप्त हुआ। अनुष्ठान के विभिन्न सत्रों में पद्मश्री विष्णु कांत पंड्या(अहमदाबाद), डॉ. शिव शंकर मिश्र (उज्जैन) डॉ कृपा शंकर चौबे (वर्धा), श्री संतोष चौबे ,श्री विजय मोहन तिवारी , श्री राजीव वर्मा, डॉ धर्मेंद्र पारे, डॉ मुकेश मिश्र,श्री विनय उपाध्याय (भोपाल),डॉ उषा रानी राव (बैंगलुरु)डॉ. के वनजा (कोच्चि)आदि के भाषा, कला एवं साहित्य के विविध विषयों पर विद्वत्तापूर्ण वक्तव्य हुए। समापन अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश-विदेश के हिंदी विद्वानों को सम्मानित किया और रबींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड की विधिवत शुरुआत भी की।

निर्मला सीतारमण जी के नाम खुला पत्र

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विषय: टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (Form 3CA/3CB-3CD) की अंतिम तिथि में विस्तार हेतु विनम्र निवेदन।

दिल्ली । सविनय निवेदन है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2025 को बढ़ाया जाए। इस वर्ष अनेक अपरिहार्य परिस्थितियों के चलते करदाता, MSME व्यवसायी एवं हम चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के समक्ष कई व्यावहारिक एवं तकनीकी बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं, जिनके चलते समय पर और गुणवत्तापूर्ण अनुपालन कर पाना अत्यंत कठिन हो गया है।

तिथि विस्तार की आवश्यकता के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

अनेक राज्यों में बाढ़ और भारी वर्षा के कारण व्यापारिक गतिविधियां एवं दस्तावेज़ी कामकाज प्रभावित हुआ है।

ITR फॉर्म में बार-बार संशोधन होने से रिटर्न और टैक्स ऑडिट के बीच का समय अत्यधिक सीमित (केवल 12 कार्य दिवस) रह गया है।

त्योहारों का मौसम (विशेषकर दुर्गा पूजा, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि) कार्य दिवसों को और सीमित कर रहा है।

Trusts के पंजीकरण/रिन्यूअल की अंतिम तिथि भी 30 सितंबर ही है, जिससे प्रोफेशनल्स पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ा है।

Income Tax Portal की तकनीकी समस्याएं जैसे – लॉगआउट, OTP में देरी, डेटा सेव नहीं होना, Upload Error इत्यादि अब तक बनी हुई हैं।

GST 2.0 लागू होने के कारण व्यापारी वर्ग और पेशेवर दोनों उसमें व्यस्त हैं – यह सरकार की सराहनीय पहल है, परन्तु अनुपालन में समय लगता है।

Tax Audit की प्रक्रिया अत्यंत विस्तृत और जटिल है, जिसमें 40+ रिपोर्टिंग पॉइंट्स, GST-TDS-PF-ESI-MSME जैसे कई नियमों का समन्वय आवश्यक होता है।

COVID-19 के बाद बने हालात, स्टाफ की कमी, और अकाउंटिंग के डिजिटल ट्रांजिशन के चलते छोटे व्यापारी अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं।

कर पेशेवरों पर कार्यभार अत्यधिक है – सप्ताहांत की छुट्टियाँ नहीं, 12-14 घंटे कार्य, जिससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर हो रहा है।

नॉन-ऑडिट ITR की डेडलाइन पहले ही बढ़ा दी गई थी – ऐसे में टैक्स ऑडिट के लिए भी समान न्यायसंगत व्यवहार अपेक्षित है।

महोदया,

यह केवल एक तारीख बढ़ाने का मामला नहीं है, बल्कि यह “प्राकृतिक न्याय” और “गुणवत्तापूर्ण अनुपालन” सुनिश्चित करने का विषय है।

हम चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, व्यवसायियों और करदाताओं की ओर से निवेदन करते हैं कि टैक्स ऑडिट की अंतिम तिथि में कम से कम एक महीने का विस्तार प्रदान किया जाए, ताकि पारंपरिक दो महीने का समय अंतराल फिर से स्थापित हो और सभी संबंधित पक्ष बिना त्रुटि एवं दबाव के अनुपालन कर सकें।

आपसे विनम्र निवेदन है कि इस विषय पर शीघ्र, सहानुभूतिपूर्वक विचार कर आवश्यक निर्णय लिया जाए।

सादर,
सी.ए. हर्ष मिश्रा
(एक जिम्मेदार कर पेशेवर की हैसियत से)

आलंद सीट कांग्रेस के खाते में, राहुल बतायें..क्या वोट चोरी से जीते: अनुराग सिंह ठाकुर

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दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री,भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व सांसद श्री अनुराग ठाकुर ने आज गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया और राहुल गाँधी के झूठे दावों की एक-एक करके सच्चाई उजागर करते हुए राहुल गाँधी और कांग्रेस पार्टी पर करारा हमला बोला। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि राफेल से लेकर ‘चौकीदार चोर है’ तक और सावरकर से लेकर आरएसएस से जुड़े मुद्दे तक हर बार राहुल गांधी को कोर्ट से फटकार मिली है और उन्हें कई बार माफी मांगनी पड़ी। कीचड़ उछाल कर भाग जाने वाला राहुल गांधी का ‘हिट एंड रन’ वाला रवैया आज की भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी दिखाई दिया।

श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि एक नेता जिनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी लगभग 90 चुनाव हारी, उनकी हताशा और निराशा दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। चुनावी हार और जनता से नकारे जाने के बावजूद, उन्होंने आरोपों की राजनीति को अपना आभूषण बना लिया है, लेकिन जब उनके लगाए गए आरोपों को प्रमाणित करने के लिए कहा जाता है, तो वे पीठ दिखाकर भाग जाते हैं। शपथपत्र देने के लिए कहा जाए, तो वे मुकर जाते हैं। गलत और निराधार आरोप लगाना राहुल गांधी की आदत बन चुकी है। यह उनके लिए एक ऐसा व्यवहार बन गया है जिसमें वे बार-बार गलत और बेसलेस आरोप लगाते हैं, बाद में माफी मांगते हैं और कोर्ट से फटकार खाते हैं। चाहे राफेल का मामला हो, ‘चौकीदार चोर है’ का आरोप हो, या सावरकर जी या आरएसएस से जुड़ा मुद्दा हो या पेगासस के मामले, हर बार राहुल गांधी को कोर्ट से फटकार मिली है। कई बार उन्हें माफी मांगनी पड़ी और वे कीचड़ उछालने के बाद भाग खड़े हुए। यह ‘हिट एंड रन’ वाला रवैया आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी दिखाई दिया। हाइड्रोजन बम फोड़ने का दावा फुलझड़ी निकला और वह भी फुस्स साबित हुआ।

वरिष्ठ भाजपा सांसद ने कहा कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी वोट को ऑनलाइन किसी भी आम नागरिक द्वारा हटाया या मिटाया नहीं जा सकता। किसी भी वोट को बिना प्रभावित व्यक्ति की बात सुने, हटाया या मिटाया नहीं जा सकता। 2023 में कुछ असफल प्रयास किए गए थे, जो विफल रहे। चुनाव आयोग ने ही इन मामलों की एफआईआर दर्ज करने और जांच कराने के निर्देश दिए थे। चुनाव आयोग ने पहले ही मोबाइल नंबर और आईपी एड्रेस उपलब्ध करवा दिए हैं। यदि ये सभी डेटा उपलब्ध हैं, तो कांग्रेस शासित राज्य कर्नाटक की सीआईडी ने अब तक क्या किया? रिकॉर्ड के अनुसार, आलंद विधानसभा क्षेत्र 2023 में कांग्रेस के ही उम्मीदवार ने 10,348 मतों से जीता था। तो क्या राहुल गांधी और कांग्रेस ने वोट चोरी करके जीत हासिल की थी?

श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि चुनाव दर चुनाव हार और जनता से नकार दिए जाने पर राहुल गांधी की हताशा, निराशा दिन पे दिन बढ़ती ही जा रही है। आरोपों की राजीनीति को राहुल गांधी ने अपना आभूषण बना लिया है और जब उनसे उन्हीं के लगाये आरोपों को authenticate करने को कहा जाता है तो पीठ दिखा कर भाग खड़े होते हैं। आज राहुल गांधी ने जो बातें कहीं, उसमें वे हाइड्रोजन बम खुद पर ही फोड़ बैठे और बोले कि मैं लोकतंत्र बचाने नहीं आ रहा हूँ। क्या वे लोकतंत्र को बर्बाद करने की तैयारी कर रहे हैं? गलत और निराधार आरोप लगाना, बार-बार संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाना, चुनाव आयोग पर आरोप लगाना, कभी ईवीएम पर, कभी वीवीपैट पर, कभी चुनाव नतीजों पर और कभी टूलकिट के सहारे, क्या यह भारत के लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति उनकी आदत बन गई है? आखिर कांग्रेस पार्टी क्या चाहती है?

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सत्ता और अफसरों का दुरुपयोग करके चुनाव में लाभ उठाया, लेकिन कोर्ट ने उन्हें सही रास्ता दिखाया। राजीव गांधी की हत्या के बाद लोकसभा चुनाव स्थगित नहीं हुआ। यदि चुनाव एक महीने के लिए स्थगित किया गया होता, तो उस समय के चुनाव आयोग ने किस पार्टी को लाभ पहुँचाया? रमा देवी जी, एम.एस. गिल, टी.एन. शाशन समेत अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति किस पार्टी ने की और बाद में वे किस दल में लौट गए? सभी कांग्रेस पार्टी में। राहुल गांधी का बार-बार प्रयास यही है कि भारत के निष्पक्ष चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर प्रहार किया जाए और लोकतंत्र को कमजोर किया जाए। राहुल गाँधी लोगों को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं, जैसे बांग्लादेश और नेपाल में स्थितियाँ बनी, वैसी स्थिति ये भारत में करना चाहते हैं लेकिन देश की जनता उनके भ्रमजाल में नहीं फंसने वाली। देश में हाल ही में एक और उदाहरण सामने आया है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने मलूर विधानसभा के 2023 के चुनाव को खारिज किया, जो कांग्रेस ने वोटों के गबन के साथ जीता था। कोर्ट ने भाजपा उम्मीदवार मंजूनाथ गौड़ा के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि मलूर विधानसभा में मतगणना के दौरान गंभीर अनियमितताएं हुईं। क्या कांग्रेस ने फेरबदल करके सीट जीती थी?

भाजपा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी को जवाब देना ही होगा। उन्होंने कांग्रेस पार्टी और उस समय के चुनाव आयुक्तों का जिक्र करते हुए कहा कि जब नवीन चावला की नियुक्ति हुई, तो तत्कालीन चीफ इलेक्शन कमिश्नर ने आरोप लगाया और प्रेसिडेंट को लिखा कि चावला संवेदनशील और गोपनीय जानकारी लीक कर रहे हैं। सांसद ने सवाल उठाया कि जब राहुल गांधी ने बार-बार आरोप लगाए और कोर्ट गए, तो उन्हें बार-बार माफी मांगनी पड़ी और कोर्ट से फटकार भी मिली। क्या इसी डर से राहुल गांधी शपथपत्र नहीं दे रहे हैं? मीडिया द्वारा बार-बार पूछे जाने के बावजूद उन्होंने शपथपत्र क्यों नहीं दिया? वे आए तो धमाका करने, लेकिन केवल ड्रामा करके चले गए। अगर उनके तर्कों में दम होता, तो वे कोर्ट क्यों नहीं जाते? चुनाव आयोग ने बार-बार सबूत मांगे, लेकिन वे कोई प्रमाण नहीं दे पाए और लगातार गलत आरोप लगाते रहे। संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करना कांग्रेस पार्टी और विपक्षी नेता राहुल गांधी का बड़ा षड्यंत्र है। क्या यह केवल घुसपैठिये वोट को बचाने के लिए किया जा रहा है?

श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों की बात करते हैं, लेकिन उन्हीं के वोटों की ताकत को कम करने का प्रयास करते हैं। क्या घुसपैठियों के वोट को बचना ही कांग्रेस की राजनीति का मूल उद्देश्य है? क्या यही उनका और कांग्रेस पार्टी का असली एजेंडा है, घुसपैठियों की सुरक्षा करना और उनके वोटिंग अधिकार सुनिश्चित करना, जबकि देश के वास्तविक नागरिकों के वोटों की ताकत को कम करना। राहुल गांधी के बयानों ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि वे घुसपैठियों के साथ हैं और देश के एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों के वोटों को कमजोर करना चाहते हैं। जो आरोप राहुल गांधी ने लगाए, उन पर जवाब देना आवश्यक है। क्या 6,000 वोट डिलीट हुए भी थे या नहीं क्योंकि राहुल गाँधी ने प्रेस कांफ्रेंस में जो तीन नाम लिए, वे अभी भी वैध वोटर हैं, उनका वोटर लिस्ट से नाम काटा नहीं गया है। बी.आर. पाटिल जैसे कांग्रेस के विधायकों द्वारा जीती गई सीटों में क्या कांग्रेस ने वोट चोरी करके जीत हासिल की? राहुल गांधी को अराजकता फैलाना और लोकतंत्र के खिलाफ षड्यंत्र बंद करना चाहिए। उनकी राजनीति का मूल उद्देश्य केवल “विक्टिम कार्ड” बनाना और लोकतंत्र को कमजोर करना है।

भाजपा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी शपथपत्र नहीं देते, सबूत नहीं पेश करते और केवल आरोप लगाते हैं। इसका मतलब है कि कांग्रेस का भारतीय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं में विश्वास नहीं है। उनका मकसद केवल अराजकता फैलाना, अव्यवस्था पैदा करना और देश को अस्थिर करना है, और यह सब उन्होंने टूलकिट गैंग के माध्यम से किया। कांग्रेस चाहे जितना प्रयास करे, भारतीय जनता पार्टी भारत के लोकतंत्र को मजबूत करने के हर कदम उठाएगी और घुसपैठियों को, जिनके वोट राहुल गांधी और कांग्रेस बचाना चाहते हैं, बेनकाब करने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की घुसपैठियों को बचाने की राजनीति पहले ही बेनकाब हो चुकी है और आगे भी बेनकाब होती रहेगी।

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