भजनलाल शर्मा बने राजस्थान के मुख्यमंत्री

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भाजपा विधायक दल के नेता भजन लाल शर्मा ने शुक्रवार को राजस्थान के 14वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल कलराज मिश्र ने जयपुर के ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल पर आयोजित समारोह में भजनलाल शर्मा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

इस सप्ताह की शुरुआत में विधायक दल की बैठक से पहले भाजपा कार्यालय में ली गई एक समूह तस्वीर में भजन लाल शर्मा को सबसे आखिरी पंक्ति में दिखाया गया था। लेकिन लगभग एक घंटे बाद, भाजपा द्वारा घोषणा किए जाने के बाद कि उन्हें राजस्थान विधायक दल का नेता चुना गया है, वह आगे और केंद्र मंच पर पहुंच गए थे।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत अनेक केंद्रीय मंत्री और कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। भजनलाल शर्मा पहली बार विधायक बने हैं। उन्होंने जयपुर की सांगानेर विधानसभा सीट पर पुष्पेंद्र शर्मा को हराकर चुनाव जीता था।

अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर निर्माण से स्थानीय अर्थव्यवस्था को लगेंगे पंख

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अंततः वह घड़ी भी बहुत करीब आ पहुंची है, जिसका इंतजार हिंदू धर्मावलंबी पिछले लगभग 500 वर्षों से कर रहे हैं। 5 अगस्त 2020 को भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी ने पूजनीय संत मंडल एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम पूजनीय सर संघचालक श्री मोहन जी भागवत के सानिध्य में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण की आधारशिला रखी थी। अब दिनांक 22 जनवरी 2024 को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ही पूज्य संत मंडल एवं परम पूजनीय सर संघचालक श्री मोहन जी भागवत की उपस्थिति में अयोध्या में नव निर्मित प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का उद्घाटन करने जा रहे हैं। भारत ही क्या बल्कि पूरे विश्व में ही हिंदू धर्मावलंबी अति उत्साहित हैं एवं पूरे भारत में वातावरण राममय होने जा रहा है।

अयोध्या में निर्माणरत श्रीराम मंदिर पूरे विश्व में निवासरत हिंदू धर्मावलम्बियों के लिए न केवल विशाल आस्था के एक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है बल्कि यह देश में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा और इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को जबरदस्त लाभ होने की सम्भावना व्यक्त की जा रही है। हाल ही में सम्पन्न दीपावली त्यौहार के शुभ अवसर पर अयोध्या में 22.23 लाख दिए जलाए गए थे, यह अपने आप में एक गिनीज विश्व रिकार्ड के रूप में माना जा रहा है। वर्तमान में 2.5 करोड़ पर्यटक प्रतिवर्ष अयोध्या में पहुंचते हैं। प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हो जाने के पश्चात पर्यटकों की यह संख्या 10 गुना तक बढ़ सकती है अर्थात 25 करोड़ पर्यटक प्रतिवर्ष अयोध्या में आ सकते हैं। एक पर्यटक यदि अयोध्या में रहते हुए 2000 रुपए का खर्च भी करता है तो 50,000 करोड़ रुपए का व्यापार अकेले अयोध्या में प्रतिवर्ष होने की सम्भावना व्यक्त की जा रही है। धार्मिक पर्यटन के साथ ही पूरे वर्ष भर कई सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं कई प्रकार के भव्य समारोह भी अयोध्या में आयोजित होने लगेंगे, इससे कुल मिलाकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रतिवर्ष एक लाख करोड़ रुपए का व्यापार केवल अयोध्या में ही होने लगेगा। अयोध्या में होटल और रिजोर्ट का निर्माण करने हेतु 20 प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार को प्राप्त हो चुके हैं, इनमे कई फाइव स्टार होटल भी शामिल हैं। अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय स्तर का आधारभूत ढांचा एवं अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी विकसित किया जा रहा है। अयोध्या रेल्वे स्टेशन को विकसित कर लिया गया है। उक्त वर्णित व्यवस्थाओं के विकसित होने के पश्चात अयोध्या में बढ़ने वाले धार्मिक पर्यटन से लाखों की संख्या में नए रोजगार के अवसर निर्मित होने जा रहे हैं।

प्रतिवर्ष लगभग 25 करोड़ पर्यटकों के अयोध्या पहुंचने से स्थानीय स्तर पर छोटे छोटे व्यवसायियों को भी अपार आर्थिक लाभ होगा। धर्मशाला, होटल, यातायात व्यवस्था, खाद्य सामग्री, फल, फूल आदि अन्य कई प्रकार के पदार्थों की मांग बढ़ेगी, जिसकी आपूर्ति बनाए रखने के लिए कई प्रकार के छोटे छोटे उद्योग धंधे भी अयोध्या के आस पास के गावों में विकसित होंगे। फल, सब्जी, फूल आदि पदार्थों की पैदावार भी ग्रामीण इलाकों में होने लगेगी जिससे इस क्षेत्र के किसानों को भी भरपूर लाभ होने लगेगा। अपने आप में अयोध्या आस्था के केंद्र के साथ साथ एक वाणिज्यिक केंद्र के रूप में भी विकसित होने जा रहा है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि प्रभु श्रीराम तो अपने मंदिर में बिराजेंगे ही, साथ ही इस क्षेत्र में निवास कर रहे नागरिकों को भी आर्थिक रूप से अत्यधिक लाभ होने जा रहा है। अयोध्या में पूरे विश्व से पर्यटकों के आने से उत्तरप्रदेश की अर्थव्यवस्था को तो जैसे पंख ही लग जाएंगे।

भारत में अयोध्या की तर्ज पर ही अन्य धार्मिक स्थल भी विकसित किए गए हैं। वाराणसी में काशी विश्वनाथ कोरिडोर विकसित किया जा चुका है। गुजरात में सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया है। पावागढ़ गुजरात में ही मां कालका मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया है। उत्तराखंड में केदारनाथ धाम प्रोजेक्ट पर भी कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उज्जैन में महाकाल कोरिडोर का निर्माण हुआ है। असम में माता कामाख्या कोरिडोर बन रहा है। पूरे भारत में ही धार्मिक स्थलों को विकसित कर देश में धार्मिक एवं क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। भारत के पर्यटन मंत्रालय के एक अनुमान के अनुसार, वर्ष 2021-22 में भारत में पर्यटन गतिविधियों से 1.34 लाख करोड़ रुपए की आय हुई है, जबकि वर्ष 2020-21 में धार्मिक पर्यटन से 65,000 करोड़ रुपए की आय हुई थी। इस प्रकार भारत में विकसित किए विभिन्न धार्मिक स्थलों के कारण पर्यटन की गतिविधियों से आय मात्र एक वर्ष के अंतराल में ही दोगुनी से भी अधिक हो गई है।

सेंटर फोर सोशल इम्पैक्ट एंड फिलान्थ्रोपी के अनुसार, वर्ष 2021-22 के दौरान भारत में विभिन्न मंदिरों को मिलने वाला घरेलू दान 14 प्रतिशत बढ़कर 27,000 करोड़ रुपए का हो गया है। जबकि, वर्ष 2020-21 में 23,700 करोड़ रुपए का दान विभिन्न मंदिरों को प्राप्त हुआ था। विशेष रूप से वाराणसी में काशी विश्वनाथ कोरिडोर के विकसित किए जाने के बाद से काशी विश्वनाथ मंदिर को मिलने वाला दान 500 प्रतिशत बढ़ गया है। वर्ष 2021-22 में काशी विश्वनाथ मंदिर को 100 करोड़ रुपए का दान प्राप्त हुआ था। साथ ही, इस दौरान वाराणसी में धार्मिक पर्यटन भी 1000 प्रतिशत बढ़ गया है। इसी प्रकार, उज्जैन में महाकाल कोरिडोर के विकसित होने के पश्चात बाबा महाकाल मंदिर में धार्मिक पर्यटन 1800 प्रतिशत बढ़ा है। इन धार्मिक स्थलों पर पर्यटन बढ़ने से चूंकि व्यापार बढ़ रहा है अतः इन क्षेत्रों में रोजगार के हजारों नए अवसर भी निर्मित हो रहे हैं। अब तो वृंदावन में भी बांके बिहारी कोरिडोर विकसित किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं का बांके बिहारी मंदिर में पहुंचना आसान हो सके।

विशेष रूप से प्रभु श्रीराम की जन्म स्थली अयोध्या में केवल एक भव्य मंदिर बनाने की परिकल्पना नहीं की गई है बल्कि भव्य मंदिर के साथ साथ विशाल पुस्तकालय, संग्रहालय, अनुसंधान केंद्र, वेदपाठशाला, यज्ञशाला, सत्संग भवन, धर्मशाला, प्रदर्शनी, आदि को भी विकसित किया जा रहा है, ताकि आज की युवा पीढ़ी को प्रभु श्रीराम के काल पर अनुसंधान करने में आसानी हो। प्रभु श्रीराम के मंदिर को राष्ट्र मंदिर भी कहा जा रहा है क्योंकि यहां आने वाले हर व्यक्ति को यह मंदिर भारतीय सनातन संस्कृति की पहचान कराएगा। पूरे विश्व में यह मंदिर हिन्दू सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोगों के लिए आस्था का केंद्र बनने जा रहा है अतः यहां पूरे विश्व से सैलानियों का लगातार आना बना रहेगा। यह मंदिर पूरे विश्व में हिन्दू धर्मावलंबियों के लिए एक महत्वपूर्ण आस्था का केंद्र बनने के साथ साथ पर्यटन के एक विशेष केंद्र के रूप में भी विकसित होने जा रहा है, इसलिए प्रभु श्रीराम की कृपा से करोड़ों व्यक्तियों की मनोकामनाओं की पूर्ति के साथ साथ लाखों लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।

ओम बिरला ने सुरक्षा चूक के बाद की सर्वदलीय बैठक की

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लोकसभा में आज सुरक्षा उल्लंघन करते हुए दो अज्ञात व्यक्ति दर्शक दीर्घा से सदन के कक्ष में कूद गए। उन्हें संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन कर दो अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया है। यह घटना दोपहर करीब एक बजे हुई जब सदन में शून्यकाल चल रहा था। इस घटना के बाद हंगामा हो गया और सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

घटना के समय सदन में पीठासीन अधिकारी भाजपा सांसद राजेन्‍द्र अग्रवाल ने बाद में संसद के बाहर मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि दो व्यक्तियों ने धुएं वाला स्‍प्रे निकाला और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया। संसद के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने दावा किया कि उन्होंने सदन के अंदर गैस स्‍प्रे किया जिससे पीला धुआं निकला। तृणमूल कांग्रेस के सांसद काकोली बेन दस्तीदार, डीएमके सांसद कनिमोझी और अन्य ने भी सदन में घटना के बारे में बताया।

दोपहर दो बजे के बाद जब सदन की बैठक दोबारा शुरू हुई तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि दर्शक दीर्घा से कूदने वाले दो लोगों को पकड़ा गया है। मामले को आगे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस को भेज दिया गया है और प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि अज्ञात लोगों द्वारा इस्तेमाल किए गए स्‍प्रे से निकला धुआं डर पैदा करने के लिए था और यह सामान्य धुआं था।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली

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भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉक्टर मोहन यादव ने आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने उन्हें शपथ दिलाई। मनोनीत उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा को भी शपथ दिलायी गयी। शपथ ग्रहण समारोह राजधानी भोपाल के मोती लाल नेहरू स्टेडियम में संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद थे।

इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी के वरिष्‍ठ नेता विष्‍णु देव साय को आज रायपुर में छत्तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई जायेगी। हमारे संवाददाता ने बताया है कि राज्यपाल बिस्व भूषण हरिचंदन मंत्रिपरिषद के सदस्‍यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलायेंगे। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में आज दोपहर आयोजित होने वाले नव-नियुक्त मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा सहित अनेक राज्यों के मुख्‍यमंत्री और वरिष्‍ठ नेता उपस्थित रहेंगे।

समारोह स्थल पर पचास हजार से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। राज्य के विभिन्न जिला मुख्यालयों, नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में भी एल.ई.डी. स्क्रीन लगाकर समारोह का सीधा प्रसारण किया जाएगा।

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