जाने माने फिल्म पत्रकार मोहन अय्यर की जिंदगी कोरोना ने निगल ली

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सोमवार शाम जाने-माने फिल्म पत्रकार और पीआरओ मोहन अय्यर का निधन हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मोहन अय्यर कुछ दिनों पूर्व कोरोनावायरस (कोविड-19) की चपेट में आ गए थे। इसके बाद उन्हें न्यूमोनिया हो गया और डायबिटीज भी थी।

मुंबई के भयंदर स्थित एक हॉस्पिटल में इलाज के लिए मोहन अय्यर को भर्ती कराया गया था, जहां 29 मार्च को उन्होंने अंतिम सांस ली। 30 मार्च की सुबह उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। वह करीब 60 साल के थे। मोहन अय्यर के परिवार में पत्नी और एक बेटा है।

शुभचिंतकों ने मोहन अय्यर के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए दिवंगत आत्मा को सद्गति और शोकाकुल परिवार को साहस देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

BBC के दिग्गज रिपोर्टर ने छोड़ दिया चीन

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ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (बीबीसी) के एक दिग्गज रिपोर्टर को चीन में सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच यहां से पलायन करना पड़ा है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी रिपोर्टिंग से चीन की सरकार नाराज है। इस बात की जानकारी बीबीसी ने बुधवार को दी।

बीबीसी ने बताया कि जॉन सुडवर्थ को ताइवान भेजा गया है और वह ब्रिटिश सार्वजनिक सेवा प्रसारक के चीन के रिपोर्टर बने रहेंगे।

विदेशी रिपोर्टर्स के ‘क्लब ऑफ चीन’ ने बताया कि सुडवर्थ अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा संबंधी चिताओं के बीच पिछले सप्ताह यहां से चले गए। संगठन ने बताया कि सुडवर्थ की पत्नी योवेने मुरे भी उनके साथ चली गईं। मुरे आयरलैंड के प्रसारक आरटीई में रिपोर्टर हैं। बीबीसी ने ट्विटर पर एक बयान में कहा कि जॉन के काम ने उन सच्चाइयों को उजागर किया, जिसे चीनी अधिकारी दुनिया से छुपाकर रखना चाहते थे।

चीन में सुडवर्थ पिछले नौ वर्षों से रिपोर्टिंग कर रहे थे। शिनजियांग प्रांत में मुसलमानों के शिविरों को लेकर रिपोर्टिंग के लिए उन्हें जॉर्ज पॉल्क अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। चीन का कहना है कि ये शिविर व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र है। चीन यहां किसी भी तरह के उत्पीड़न से इनकार करता रहा है।

चीन ने बीबीसी और अन्य विदेशी मीडिया संगठनों द्वारा शिनजियांग में मानवाधिकार उत्पीड़न की खबरों का खंडन करते हुए कई प्रेस कॉन्फेंस किए। चीन की सरकारी मीडिया और अधिकारियों ने बीबीसी पर झूठी जानकारी का आरोप लगाया। पिछले साल से चीन में काम कर रहे विदेशी पत्रकारों पर दबाव बढ़ गया है।

 ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’, ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ और ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ के 18 पत्रकारों को 2020 में चीन से निकाल दिया। चीन की यह प्रतिक्रिया अमेरिका द्वारा चीन की सरकारी मीडियाकर्मियों की संख्या वहां कम करने के लिए मजबूर किए जाने के बाद आई थी।

UNI से जुड़ा मामला पहुंचा प्रेस काउंसिल

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‘प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया’ में ‘यूएनआई’ पोर्टल पर इस महीने की शुरुआत में पब्लिश एक न्यूज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।

यूएनआई के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चेयरमैन विश्वास त्रिपाठी द्वारा यह शिकायत दर्ज कराई गई है। अपनी शिकायत में त्रिपाठी का कहना है कि प्रवेश कुमार मिश्रा, बिनोद कुमार मंडल, सागर मुखोपाध्याय और सुमीत माहेश्वरी ने 13 मार्च को यूएनआई के पोर्टल पर उनके बारे में भ्रामक, मनगढ़ंत और झूठी न्यूज पब्लिश की।

बतौर शिकायत, इस खबर में कहा गया था कि विश्वास त्रिपाठी को यूएनआई के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चेयरमैन पद से हटा दिया गया है। इसके साथ ही यह कहा गया था कि बिनोद कुमार मंडल को यूएनआई में एडिशनल डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है।

असम के आठ अखबारों को चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस

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कांग्रेस ने असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रंजीत कुमार दास तथा आठ अखबारों के खिलाफ कथित रूप से खबर के रूप में विज्ञापन छपवाने के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

चुनाव आयोग ने इस आठों अखबारों को कांग्रेस की शिकायत के बाद नोटिस जारी किया है। बताया जाता है कि इन अखबारों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी रिपोर्ट जमा कर दी हैं, जिन्हें अब चुनाव आयोग को भेजा गया है।

मीडिया खबर के अनुसार, अपनी शिकायत में कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि न्यूज के रूप में छपे इस विज्ञापन के जरिये भाजपा ने ऊपरी असम की उन सभी सीटों पर अपनी जीत का दावा किया है, जहां 27 मार्च को पहले चरण में मतदान हुआ था।

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के विधि विभाग के अध्यक्ष निरन बोरा का कहना है कि आदर्श आचार संहिता, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126ए के प्रावधानों और 26 मार्च को जारी चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के कथित उल्लंघन के लिए रविवार की रात शिकायत दर्ज कराई गई।

बोरा का कहना है कि मुख्यमंत्री, भाजपा अध्यक्ष, प्रदेश इकाई के प्रमुख तथा पार्टी के अन्य सदस्यों ने दूसरे और तीसरे चरण में मतदाताओं के प्रभावित करने की पूर्व नियोजति साजिश के तहत जानबूझकर विभिन्न अखबारों के पहले पन्नों पर न्यूज के रूप में विज्ञापन दिया है। इसमें दावा किया गया है कि भाजपा ऊपरी असम की सभी सीटों पर जीत हासिल करेगी।

विज्ञापन प्रकाशन के खिलाफ रविवार को प्रदेश कांग्रेस ने असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नितिन खाड़े जबकि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने चुनाव आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए बीजेपी और अखबारों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया है।

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