पेरिस : पेरिस ने राजा देखे हैं, राष्ट्रपति देखे हैं, फिल्मी सितारे देखे हैं और फैशन की दुनिया के बड़े नाम भी देखे हैं। लेकिन अगले सप्ताहांत शहर एक ऐसी हस्ती का स्वागत करने जा रहा है, जिसके साथ ग्लैमर से ज्यादा आस्था जुड़ी है।
पोप लियो चौदहवें पेरिस आ रहे हैं।
2008 के बाद पहली बार कोई पोप फ्रांस की राजधानी में कदम रखेगा। जाहिर है, पेरिस तैयार है। प्रार्थनाएं होंगी, बड़ी भीड़ जुटेगी, सुरक्षा कड़ी होगी और ट्रैफिक ऐसा हो सकता है कि पेरिसवासियों को अपने ही शहर में रास्ता ढूंढना किसी छोटी तीर्थयात्रा से कम न लगे।
पोप लियो चौदहवें शुक्रवार, 25 सितंबर को पेरिस पहुंचेंगे। उनका पहला महत्वपूर्ण कार्यक्रम राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से एलिसे पैलेस में मुलाकात का होगा।
इसके बाद आम लोगों के लिए भी उन्हें देखने का मौका होगा। शाम 4 से 5 बजे के बीच पोप लैटिन क्वार्टर से पोपमोबाइल में गुजरेंगे। यह यात्रा सभी के लिए निःशुल्क और खुली रहेगी।
यानी उस दिन लैटिन क्वार्टर में नजरें ऊपर नहीं, सड़क पर रहेंगी। हो सकता है पेरिस के किसी पर्यटक को पहली बार एहसास हो कि एफिल टावर के अलावा भी यहां देखने लायक बहुत कुछ है।
शुक्रवार की शाम युवाओं के नाम होगी। स्टेड द फ्रांस में पोप के साथ होने वाली युवा प्रार्थना सभा में करीब 75,000 लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
लेकिन शनिवार को तस्वीर और भी बड़ी होगी।
दोपहर 3 बजे खुली जगह पर विशेष प्रार्थना सभा होगी। इसका क्षेत्र प्लास द ला कॉनकॉर्ड से शॉं-ज़े-लीज़े तक फैलेगा। आयोजकों को उम्मीद है कि इसमें पांच लाख तक लोग शामिल हो सकते हैं।
पेरिस में उस दिन एफिल टावर, लूव्र और कैफे ही आकर्षण नहीं होंगे। आधा मिलियन लोग एक ही दिशा में देखते नजर आ सकते हैं।
सुरक्षा और यातायात को लेकर भी बड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। प्लास द ला कॉनकॉर्ड और आसपास के इलाकों में मेट्रो बंद रहने और सड़कों पर रोक लगाए जाने की व्यवस्था की जा रही है।
पर्यटकों के लिए सीधी सलाह है, यात्रा की योजना पहले बना लें। वैसे भी पेरिस में एक जगह से दूसरी जगह पहुंचना कभी-कभी अपने आप में एक छोटी परीक्षा होती है। पोप के आने पर यह परीक्षा थोड़ी और कठिन हो सकती है।
पेरिस के बाद पोप लियो चौदहवें लूर्द और मेत्ज़ जाएंगे। इसके बाद उनकी फ्रांस यात्रा समाप्त होगी।
पेरिस दुनिया को एफिल टावर, लूव्र और शॉं-ज़े-लीज़े के लिए आकर्षित करता है। लेकिन अगले सप्ताहांत शहर की पहचान कुछ अलग होगी।
घंटियां बजेंगी। भीड़ जुटेगी। प्रार्थनाएं होंगी। और कुछ घंटों के लिए शायद तेज रफ्तार वाला पेरिस भी थोड़ा ठहर जाएगा। पोप आ रहे हैं। पेरिस तैयार है।
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