रायपुर। —•मासूम छात्रों के कंधों के सहारे प्रोटेस्ट की आड़ में जो उपद्रव, हिंसा, अराजकता फैला रहे थे। पुलिस वालों और पत्रकारों की लिंचिंग कर रहे थे। ख़ू-नी संघर्ष उत्पन्न कर रहे थे। सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट कर रहे थे। अब वो संविधान और क़ानून का पाठ ज़रूर सीखेंगे। क्योंकि ‘न्याय’ तो संविधान के अंतर्गत ही होगा। देशभर में उन्हें चिन्हित किया जा रहा ऊ।
—• जो स्टूडेंट्स शांतिपूर्ण #protest कर रहे थे, वो सुरक्षित हैं। उनके ख़िलाफ़ कहीं कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इन दंगाइयों में कोई भी #neetexam का #aspirants या पीड़ित नहीं है। वो बच्चे अपनी पढ़ाई में जुटे थे। नीट एग्जाम की सफलता का जश्न मना रहे थे।
•— हां, जो ये कह रहे थे कि — “भाजपा और Rss के गुंडे हिंसा फैला रहे थे।”— उन्हें तो ख़ुश होना चाहिए न! क्योंकि Rss और भाजपा वाले किसी भी दंगाई का बचाव करने नहीं आ रहे हैं। सो, मत बौखलाइए।
—• ख़ैर, ये जान लीजिए कि भीड़ तंत्र के ज़रिए जो भी संविधान और क़ानून को हाथ में लेते हैं, अराजकता फैलाते हैं। उसी हमारी सांविधानिक व्यवस्था अच्छे से क़ानून का पाठ पढ़ाती है।
•— ये भी ध्यान रखिए कि बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान ने ऐसी व्यवस्था की है कि —कोई ढफली गैंग, कोई टुकड़े-टुकड़े गैंग और नेता कितना भी चिंघाड़ें। भारत के क़ानून के अंतर्गत सबको नतमस्तक होना पड़ता है।
—• विदेशी फंडिंग के ज़रिए जो भी देश-समाज में अराजकता फैला रहे थे। भारत को अस्थिर करने के अभियान में जुटे हुए हैं। अब उन पर नकेल कसने के लिए FCRA संशोधन बिल आने जा रहा है।



